सिरसा में जमकर बरसे बादल, हुई 80 एमएम बरसात, दो दशक का रिकॉर्ड टूटा
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मानसून की पहली बरसात ने प्रशासन के जल निकासी के दावों की पोल खोलकर रख दी। शनिवार देर रात से रविवार सुबह दस बजे तक जमकर बरसात हुई। सिरसा शहर में 80 एमएम बरसात रिकॉर्ड की गई। हर ओर पानी ही पानी दिख रहा था। पूरे शहर में बाढ़ जैसे हालात थे। इतनी बरसात करीब दो दशक पहले हुई थी। रात से ही लोग घरों और मकानों से पानी निकाले में जुटे रहे। बस स्टैंड, हर बाजार तालाब जैसे लगे तो पॉश एरिया मे लोगों ने जल धरना देकर रोष प्रदर्शन किया तो कांग्रेस नेताओं ने ट्रैक्टर पर सवार होकर जलभराव क्षेत्र का दौरा कर लोगों की समस्याएं सुनी। दूसरी ओर जनस्वास्थ्य एव अभियांत्रिकी विभाग के कर्मचारी जल निकासी के प्रबंध में जुटे हुए थे।
शनिवार को दिन में करीब 10 एमएम बारिश हुई तो लोगों ने सोचा, चलो गर्मी से कुछ निजात को मिली। शनिवार देर रात से रविवार सुबह दस बजे तक जमकर इतनी बरसात हुई कि जब लोग घरों से बाहर निकले तो चारों ओर पानी ही पानी था। शहर के हर रास्ते, हर गली में जलभराव था। अग्रसेन कॉलोनी की गली से एसबीआई वाली गली में आखिर तक कई कई फुट पानी भर गया। हालात ये रहे कि अनेक कोठियों में एक से दो फुट तक पानी भर गया लोगों ने पानी के बहाव को रोकने के लिए रेत से भरे बैग तक दरवाजे पर लगाए। गली में नाव चलाने जैसे हालात हो गए।
कहां कहां हुआ जलभराव
बेगू रोड पर प्रीत नगर से लेकर पेपर मिल तो गोल डिग्गी चौक से परशुराम चौक तक, परशुराम चौक से सुरखाव तक, सूरतगढ़िया बाजार, अनाजमंडी, जनता भवन रोड, बालभवनरोड, पुरानी कचहरी रोड, रेलवे फाटक रोड, सिविल अस्पताल रोड, आईटीआई रोड, कंगनपुर रोड, रानियां रोड, भादरा बाजार, भादरा तालाब क्षेत्र गोशाला रोड, मेला ग्राउंड, मोहता गार्डन, पटेल बस्ती, बस स्टेंड के सामने, गोबिंद नगर, एमसी कॉलोनी, खैरपुर, हुडा चौक, लघु सचिवालय परिसर, प्रेम नगर, कीर्तिनगर, जेजे कॉलोनी, चतरगढ़ पट्टी, बालाजी नगर, बाटा कॉलोनी, अग्रवाल कॉलोनी, रानियां रोड की दोनों ओर की कॉलोनी, ए बी सी डी ई ब्लॉक में जलभराव के चलते बाढ़ जैसे हालात रहे।
बस स्टेंड पर हालात ज्यादा खराब
रेलवे ओवर ब्रिज से उतरते ही हुडा चौक पर तक जलभराव ही जलभराव रहा। बस स्टेंड परिसर में एक से डेढ़ फुट तक पानी रहा तो उसके बाहर दो से तीन फुट तक पानी भरा रहा। यात्री बस स्टेंड परिसर में फंसकर रह गए और पुल पर खडे़ यात्री बस स्टेंड तक नहीं जा सके। जिस कार या दुपहिया वाहन चालक ने प्रयास किया तो उसका वाहन बीच पानी मेें जाकर बंद हो गया। लोग अन्य बडे़ वाहनों के साथ बांधकर उन्हें किनारे तक लेकर आए। स्कूटर, आटो रिक्शा और बाइक पानी में फंसे रहे। ऐेसे में यात्री आरओबी पर खडे़ होकर बसों की प्रतीक्षा करते रहे। दिल्ली और राजस्थान की ओर जाने वाली बसें आरओबी पर ही रुकती ही हैं।
घरों और दुकानों में घुसा पानी
नगर में सबसे ज्यादा खराब हालात पॉश कालोनी ए,बी,सी, डी, ई ब्लॉक, अनाजमंडी रोड अग्रसेन कॉलोनी, रेलव कॉलोनी में हुए। पॉश एरिया में घरों में कई-कई फुट पानी घुस गया। लोगों ने विरोध स्वरूप जलभराव में बैठकर जल धरना देकर नारेबाजी की। सिरसा विकास मोर्चा के अध्यक्ष प्रदीप सचदेवा ने बताया कि इन क्षेत्रों में ऐसी स्थिति वर्ष 1993 में घग्घर नदी में आई बाढ़ के बाद हुए थे। अग्रसेन कॉलोनी की गली एसबीआई से जुड़ी सभी दस गलियों में एक से ढाई फुट तक पानी भरा हुआ था। घरों में पानी भरने पर लोगों ने सामान को प्रथम तल पर पहुंचाया। दुकानदार दुकानों से बाहर पानी निकालते रहे। रेलवे कॉलोनी में कई मकानों पर पानी घुस गया और घर में रखा सामान तक खराब हो गया। लोगों ने सामान को अन्य जगह तक पहुंचाया।
कहां कितनी बारिश
सिरसा 80 एमएम
ओटू 15
पंजुआना 24
रोड़ी 15
कालांवाली 15
खुईयां 12
अबूब शहर 15
गोलेवाला 10
सिंचाई विभाग के अनुसार सिरसा में 14 अगस्त 2013 को 60 एमएम वर्षा रिकॉर्ड की गई थी और वर्ष 1998 में 75 एमएम वर्षा हुई थी। इस बार पिछले 20 सालों का रिकॉर्ड टूटा है।
जल स्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता प्रदीप पुनियां के अनुसार नटार और केलनिया डिस्पोजल से पानी की निकासी की जा रही है और इसके साथ ही कई स्थानों पर पंपिंग सैट लगा कर जल निकासी की जा रही है। करीब 45 कर्मचारी नगर में सीवर लाइन खोलने में लगे हुए हैं।