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Sirsa News: बीरेंद्र सिंह को प्रभारी बनाने से नाराज विधायक बोले -राजनीतिक पंगा लेने में रुचि है तो सिरसा में स्वागत है, सोशल मीडिया पर दी प्रतिक्रिया
Mon, 05 Oct 2026 10:42 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Mon, 05 Oct 2026 10:42 PM IST
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सिरसा। कांग्रेस में पार्टी नेताओं और विधायक गोकुल सेतिया के बीच खींचतान थमती नहीं दिख रही है। आठ अक्तूबर से शुरू होने वाले लोकतंत्र बचाओ अभियान के लिए पूर्व मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह को सिरसा का प्रभारी बनाए जाने से नाराज विधायक ने सोमवार को सोशल मीडिया पर भड़ास निकाली।
विधायक ने कहा कि बीरेंद्र सिंह के साथ उनके राजनीतिक मतभेद हैं। इसके बावजूद सिरसा में आने के लिए चोर मोरियां ढूंढ रहे थे। पहले कार्यक्रम बनाया और बाद में रद्द कर दिया। अब उचाना से चुनाव हारे नेता को सिरसा का प्रभारी बनाया है। मैं बुजुर्ग होने के नाते उनका सम्मान करता हूं। उन्हें पता है कि मुझसे राजनीतिक खींचतान चल रही है। फिर भी राजनीतिक पंगा लेने में रुचि है तो सिरसा आइए आपका स्वागत है। सेतिया ने कहा कि कांग्रेस ने लोकतंत्र बचाने और वोट चोरी के खिलाफ अच्छी मुहिम शुरू की है। पूरे सप्ताह अभियान चलेगा। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की यह अच्छी सोच है पर प्रभारी के रूप में चौधरी बीरेंद्र सिंह की नियुक्ति से उन्हें दुख हुआ है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और नए प्रभारी को पता है कि उनका किन नेताओं के साथ राजनीतिक टकराव है। शायद प्रभारी और प्रधान मुझे पार्टी का हिस्सा नहीं समझते। मैंने ऐसे क्षेत्र से चुनाव लड़ा जहां भाजपा उम्मीदवार ने अपना नाम वापस ले लिया और निर्दलीय उम्मीदवार को इनेलो समेत अन्य लोगों का समर्थन मिला था। इसके बावजूद सीट कांग्रेस ने जीती। राजनीतिक विवाद खत्म करने के लिए बीरेंद्र सिंह को सिरसा प्रभारी नहीं बनाया जाना चाहिए था। बन ही गए हैं तो आपका स्वागत है। हम कभी पीठ के पीछे वार नहीं करते। हम छाती ठोककर चलने वाले लोग हैं।
शीर्ष नेतृत्व का फैसला सभी को मानना चाहिए
कांग्रेस जिलाध्यक्ष संतोष बेनीवाल ने कहा कि आपसी राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं। शीर्ष नेतृत्व का फैसला सभी को मानना चाहिए। साथ मिलकर पार्टी के कार्यक्रमों को गति देनी चाहिए और कांग्रेस को मजबूत करना चाहिए।
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विधायक ने कहा कि बीरेंद्र सिंह के साथ उनके राजनीतिक मतभेद हैं। इसके बावजूद सिरसा में आने के लिए चोर मोरियां ढूंढ रहे थे। पहले कार्यक्रम बनाया और बाद में रद्द कर दिया। अब उचाना से चुनाव हारे नेता को सिरसा का प्रभारी बनाया है। मैं बुजुर्ग होने के नाते उनका सम्मान करता हूं। उन्हें पता है कि मुझसे राजनीतिक खींचतान चल रही है। फिर भी राजनीतिक पंगा लेने में रुचि है तो सिरसा आइए आपका स्वागत है। सेतिया ने कहा कि कांग्रेस ने लोकतंत्र बचाने और वोट चोरी के खिलाफ अच्छी मुहिम शुरू की है। पूरे सप्ताह अभियान चलेगा। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की यह अच्छी सोच है पर प्रभारी के रूप में चौधरी बीरेंद्र सिंह की नियुक्ति से उन्हें दुख हुआ है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और नए प्रभारी को पता है कि उनका किन नेताओं के साथ राजनीतिक टकराव है। शायद प्रभारी और प्रधान मुझे पार्टी का हिस्सा नहीं समझते। मैंने ऐसे क्षेत्र से चुनाव लड़ा जहां भाजपा उम्मीदवार ने अपना नाम वापस ले लिया और निर्दलीय उम्मीदवार को इनेलो समेत अन्य लोगों का समर्थन मिला था। इसके बावजूद सीट कांग्रेस ने जीती। राजनीतिक विवाद खत्म करने के लिए बीरेंद्र सिंह को सिरसा प्रभारी नहीं बनाया जाना चाहिए था। बन ही गए हैं तो आपका स्वागत है। हम कभी पीठ के पीछे वार नहीं करते। हम छाती ठोककर चलने वाले लोग हैं।
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शीर्ष नेतृत्व का फैसला सभी को मानना चाहिए
कांग्रेस जिलाध्यक्ष संतोष बेनीवाल ने कहा कि आपसी राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं। शीर्ष नेतृत्व का फैसला सभी को मानना चाहिए। साथ मिलकर पार्टी के कार्यक्रमों को गति देनी चाहिए और कांग्रेस को मजबूत करना चाहिए।
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