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धरने पर जाटों से ज्यादा रही पुलिस की संख्या
अमर उाला ब्यूरो/सिरसा
Updated Mon, 30 Jan 2017 11:13 PM IST
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मौके पर मौजूद पुंलिसबल
- फोटो : amarujala
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जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान निर्दोष लोगों पर दर्ज किए गए झूठे मुकदमों को वापस लेने की मांग को लेकर सोमवार को सेक्टर-19 में जाटों ने धरना दिया। जाटों के धरने में लोगों की संख्या 10 से 15 के बीच ही रही जबकि पुलिस कर्मियों की संख्या अधिक थी। प्रशासनिक अधिकारियों ने धरनास्थल पर जाकर लोगों से धरना समाप्त करने का आग्रह किया। हालांकि धरना शांतिप्रिय ढंग से ही चल रहा है पर भविष्य में किसी प्रकार की अनहोनी न हो जाए इसको लेकर प्रशासन चिंतित दिखाई दे रहा है। धरने पर बैठे लोगों ने प्रशासन की बात न मान कर निरंतर धरना जारी रखने की बात कही है। लोगों ने आंदोलन के दौरान बनाए गए झूठे मुकदमे खारिज करने की मांग उठाई है।
धरने पर बैठे विकल पचार ने कहा कि जब तक मांग पूरी नहीं होगी तब तक धरना जारी रहेगा। धरने के दौरान प्रशासन व पुलिस की मुस्तैदी रही। धरने का नेतृत्व सर्व जाट संघ के प्रधान विकल पचार और रणधीर सिंह जोधकां संयुक्त रूप से कर रहे हैं। धरना शांतिपूर्वक और शहर से बाहर होने के कारण आम लोगों को किसी प्रकार की समस्या नहीं हुई। इस दौरान पुलिस बल की मुस्तैदी की गई थी। धरना शाम पांच बजे तक जारी रहा। इस अवसर पर सर्व जाट संघ के प्रधान विकल पचार, कृष्ण ढाका, कृष्ण झोरड़, प्रदीप सिंवर, विनोद ढाका, चिरंजी, ख्याली राम हंजीरा, धर्मवीर गोदारा, रविल सिंवर, विरेंद्र न्योल, प्रवेश सिंवर सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।
पुलिस बल रहा मुस्तैद, पल-पल की रिपोर्ट लेते रहे अधिकारी
जाट समुदाय के धरने से पूर्व ही धरनास्थल पर भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई थी। शाम को पांच बजे धरना समाप्त होने के बाद पुलिस के जवान वहां से रवाना हुए। धरने के दौरान एसडीएम परमजीत सिंह चहल, डीडीपीओ प्रीतपाल सिंह सहित अनेक अधिकारी दिनभर धरनास्थल पर पहुंचकर पल-पल की रिपोर्ट लेते रहे।
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सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास किया तो होगी कार्रवाई : डीसी
जाट आरक्षण आंदोलन के मद्देनजर उपायुक्त शरणदीप कौर बराड़ ने जिलावासियों से सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि जिलावासी किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और यदि कोई असामाजिक व्यक्ति अफवाह फैलाता या सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने का प्रयास करता है तो इसकी सूचना तुरंत जिला प्रशासन को दें, ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिलाधीश शरणदीप कौर बराड़ ने दंड प्रक्रिया नियमावली 1973 की धारा 144 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिला में पांच या इससे अधिक लोगों के एकत्रित होने पर तथा हथियार साथ लेकर चलने पर पूर्णतया प्रतिबंध लगाया है।
धरना और प्रदर्शन की शर्तें
शरणदीप कौर बराड़ ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के 16/04/2009 के रिट पेटिशन (सीआरआईएल) नंबर 77-2007 सार्वजनिक और निजी संपत्ति के नुकसान बनाम एपी व अन्य रिट पेटिशन (सीआरआईएल) नंबर 73-2007 के निर्णय अनुसार यदि कोई आंदोलनकारी व नेता किसी सरकारी व गैर सरकारी तथा किसी व्यक्ति की निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाता है तो उसकी भरपाई आंदोलनकारी व नेता से उसकी संपत्ति जब्त करके की जाएगी। उन्होंने बताया कि धरना व प्रदर्शन का संचालन करने वाले आयोजक को धरने पर बैठने वाले सभी लोगों की सूची देनी होगी जिसमें उनका पूरा पता, मोबाईल नंबर, उनकी संपत्ति का पूर्ण विवरण आदि शामिल होना जरूरी है। इसके साथ ही धरना प्रदर्शन करने वाले लोगों को निर्धारित स्थान पर शांति पूर्वक धरना देना होगा। इसके साथ ही प्रदर्शनकारी अलग से अपनी गाडिय़ों की पार्किंग करेंगे तथा ज्वलनशील पदार्थ जैसे पेट्रोल, डीजल, कैरोसीन आदि के कंटेनर, बोतल व पाउच नहीं रखेंगे। इसके अलावा अन्य सभी शर्तों को मानना होगा।
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धरने पर बैठे विकल पचार ने कहा कि जब तक मांग पूरी नहीं होगी तब तक धरना जारी रहेगा। धरने के दौरान प्रशासन व पुलिस की मुस्तैदी रही। धरने का नेतृत्व सर्व जाट संघ के प्रधान विकल पचार और रणधीर सिंह जोधकां संयुक्त रूप से कर रहे हैं। धरना शांतिपूर्वक और शहर से बाहर होने के कारण आम लोगों को किसी प्रकार की समस्या नहीं हुई। इस दौरान पुलिस बल की मुस्तैदी की गई थी। धरना शाम पांच बजे तक जारी रहा। इस अवसर पर सर्व जाट संघ के प्रधान विकल पचार, कृष्ण ढाका, कृष्ण झोरड़, प्रदीप सिंवर, विनोद ढाका, चिरंजी, ख्याली राम हंजीरा, धर्मवीर गोदारा, रविल सिंवर, विरेंद्र न्योल, प्रवेश सिंवर सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।
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पुलिस बल रहा मुस्तैद, पल-पल की रिपोर्ट लेते रहे अधिकारी
जाट समुदाय के धरने से पूर्व ही धरनास्थल पर भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई थी। शाम को पांच बजे धरना समाप्त होने के बाद पुलिस के जवान वहां से रवाना हुए। धरने के दौरान एसडीएम परमजीत सिंह चहल, डीडीपीओ प्रीतपाल सिंह सहित अनेक अधिकारी दिनभर धरनास्थल पर पहुंचकर पल-पल की रिपोर्ट लेते रहे।
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सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास किया तो होगी कार्रवाई : डीसी
जाट आरक्षण आंदोलन के मद्देनजर उपायुक्त शरणदीप कौर बराड़ ने जिलावासियों से सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि जिलावासी किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और यदि कोई असामाजिक व्यक्ति अफवाह फैलाता या सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने का प्रयास करता है तो इसकी सूचना तुरंत जिला प्रशासन को दें, ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिलाधीश शरणदीप कौर बराड़ ने दंड प्रक्रिया नियमावली 1973 की धारा 144 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिला में पांच या इससे अधिक लोगों के एकत्रित होने पर तथा हथियार साथ लेकर चलने पर पूर्णतया प्रतिबंध लगाया है।
धरना और प्रदर्शन की शर्तें
शरणदीप कौर बराड़ ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के 16/04/2009 के रिट पेटिशन (सीआरआईएल) नंबर 77-2007 सार्वजनिक और निजी संपत्ति के नुकसान बनाम एपी व अन्य रिट पेटिशन (सीआरआईएल) नंबर 73-2007 के निर्णय अनुसार यदि कोई आंदोलनकारी व नेता किसी सरकारी व गैर सरकारी तथा किसी व्यक्ति की निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाता है तो उसकी भरपाई आंदोलनकारी व नेता से उसकी संपत्ति जब्त करके की जाएगी। उन्होंने बताया कि धरना व प्रदर्शन का संचालन करने वाले आयोजक को धरने पर बैठने वाले सभी लोगों की सूची देनी होगी जिसमें उनका पूरा पता, मोबाईल नंबर, उनकी संपत्ति का पूर्ण विवरण आदि शामिल होना जरूरी है। इसके साथ ही धरना प्रदर्शन करने वाले लोगों को निर्धारित स्थान पर शांति पूर्वक धरना देना होगा। इसके साथ ही प्रदर्शनकारी अलग से अपनी गाडिय़ों की पार्किंग करेंगे तथा ज्वलनशील पदार्थ जैसे पेट्रोल, डीजल, कैरोसीन आदि के कंटेनर, बोतल व पाउच नहीं रखेंगे। इसके अलावा अन्य सभी शर्तों को मानना होगा।