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मानसिक स्वास्थ्य शारीरिक जितना ही आवश्यक : प्रीति
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औढ़ा। कार्यक्रम के दौरान आयोजित प्रतियोगिता में भाग लेते विद्यार्थी। (विद्यालय)
ओढां। गांव ओढां स्थित पीएमश्री जवाहर नवोदय विद्यालय में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस एवं आठवें राष्ट्रीय पोषण माह के अवसर पर शुक्रवार को कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस दौरान स्लोगन लेखन, पोस्टर मेकिंग, भाषण व कहानी वाचन प्रतियोगिताएं करवाई गईं। इस अवसर पर विद्यालय की काउंसलर प्रीति ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य उतना ही आवश्यक है जितना कि शारीरिक स्वास्थ्य।
हमें अपने विचारों को सकारात्मक रखते हुए तनाव मुक्त जीवन जीने का प्रयास करना चाहिए। काउंसलर शैलेंद्र ने कहा कि किसी प्रकार की मानसिक समस्या को छुपाएं नहीं बल्कि इस बारे संबंधित विशेषज्ञ से खुलकर बातचीत करें। ऐसी समस्या किसी को भी हो सकती है, इसलिए कभी भी इसका मजाक न बनाएं।
उन्होंने कहा कि पौष्टिक आहार, नियमित व्यायाम व पर्याप्त नींद मानसिक संतुलन बनाए रखने में सहायक है। वहीं, नर्सिंग ऑफिसर राजरानी ने संतुलित आहार के घटकों और पोषण के स्रोतों बारे जानकारी दी। इस दौरान विद्यार्थियों की ओर से जागरूकता लघु नाटिका भी प्रस्तुत की गई। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्राचार्य ललित कालड़ा ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य हमारे जीवन का आधार है।
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सकारात्मक सोच, योग और संतुलित जीवन शैली से ही हम तनाव मुक्त रह सकते हैं। इस अवसर पर सभी शिक्षकों व विद्यार्थियों ने स्वस्थ तन में ही स्वस्थ मन के संदेश को आत्मसात करने का संकल्प लिया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यालय के विद्यार्थियों व अन्य कर्मचारियों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता लाना एवं संतुलित आहार के महत्व को समझाना रहा।
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हमें अपने विचारों को सकारात्मक रखते हुए तनाव मुक्त जीवन जीने का प्रयास करना चाहिए। काउंसलर शैलेंद्र ने कहा कि किसी प्रकार की मानसिक समस्या को छुपाएं नहीं बल्कि इस बारे संबंधित विशेषज्ञ से खुलकर बातचीत करें। ऐसी समस्या किसी को भी हो सकती है, इसलिए कभी भी इसका मजाक न बनाएं।
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उन्होंने कहा कि पौष्टिक आहार, नियमित व्यायाम व पर्याप्त नींद मानसिक संतुलन बनाए रखने में सहायक है। वहीं, नर्सिंग ऑफिसर राजरानी ने संतुलित आहार के घटकों और पोषण के स्रोतों बारे जानकारी दी। इस दौरान विद्यार्थियों की ओर से जागरूकता लघु नाटिका भी प्रस्तुत की गई। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्राचार्य ललित कालड़ा ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य हमारे जीवन का आधार है।
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सकारात्मक सोच, योग और संतुलित जीवन शैली से ही हम तनाव मुक्त रह सकते हैं। इस अवसर पर सभी शिक्षकों व विद्यार्थियों ने स्वस्थ तन में ही स्वस्थ मन के संदेश को आत्मसात करने का संकल्प लिया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यालय के विद्यार्थियों व अन्य कर्मचारियों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता लाना एवं संतुलित आहार के महत्व को समझाना रहा।