{"_id":"6ad8f63957acb6ab810214fd","slug":"martyrs-honored-on-police-commemoration-day-their-families-also-felicitated-sirsa-news-c-128-1-sir1004-167184-2026-10-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirsa News: परिवार से अलग रहने का फैसला सहमति संबंध में रहेंगी ननद-भाभी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirsa News: परिवार से अलग रहने का फैसला सहमति संबंध में रहेंगी ननद-भाभी
Wed, 21 Oct 2026 10:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Wed, 21 Oct 2026 10:58 PM IST
विज्ञापन
सिरसा। जिले की 26 वर्षीय विवाहित महिला और 18 वर्षीय उसकी ननद ने परिवार से अलग होकर साथ रहने का फैसला किया है। एमए पास महिला और बीए प्रथम वर्ष की छात्रा उसकी ननद अब फतेहाबाद में किराये के मकान में सहमति संबंध में रहेंगी।
वन स्टॉप सेंटर में दोनों की काउंसिलिंग की गई। उन्हें परिजनों के पास लौटने की सलाह दी गई लेकिन दोनों अपने फैसले पर कायम रहीं। उन्होंने बालिग होने का हवाला देते हुए अपनी जिंदगी से जुड़े निर्णय स्वयं लेने की बात कही।
काउंसिलिंग के दौरान महिला ने बताया कि उसकी शादी करीब सात साल पहले हुई थी। उसका आरोप है कि शादीशुदा होने के बावजूद उसका पति किसी अन्य महिला के साथ संबंध रख सकता है तो वह भी अपनी मर्जी से जीवन जी सकती है। महिला के अनुसार वह करीब एक साल से अपनी ननद के साथ संबंध में है। 17 अक्तूबर को दोनों ने परिवार से अलग रहने का निर्णय लिया और इसके बाद फतेहाबाद में साथ रहने लगीं।
विज्ञापन
दोनों ने काउंसिलिंग के दौरान कहा कि उनकी भावनाएं एक जैसी हैं और वे एक-दूसरे से अलग नहीं रहना चाहतीं। उन्होंने शादी करने की इच्छा भी जताई। कानूनी रूप से शादी संभव नहीं होने की बात सामने आने पर उन्होंने सहमति संबंध में रहने का निर्णय लिया। बयान दर्ज करवाने के बाद दोनों ने फतेहाबाद लौटने की इच्छा जताई।
दो बेटियों को ससुराल में छोड़ा
महिला ने बताया कि उसकी छह और चार वर्ष की दो बेटियां हैं। वह दोनों बच्चियों को अपने साथ नहीं रखना चाहती और उन्हें ससुराल में छोड़ आई है। काउंसिलिंग के दौरान उसे परिवार और बच्चों के भविष्य पर विचार करने की सलाह दी गई। उसे इस फैसले से परिवार पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में भी समझाया गया लेकिन वह अपने निर्णय पर कायम रही।
ननद भी परिजनों के पास लौटने को तैयार नहीं
बीए प्रथम वर्ष में पढ़ रही ननद की भी काउंसिलिंग की गई। उसे परिजनों के पास लौटने की सलाह दी गई लेकिन उसने भी भाभी के साथ रहने का फैसला नहीं बदला। दोनों ने स्पष्ट किया कि वे अपनी इच्छा से साथ रहना चाहती हैं।
जिले में इस वर्ष तीन मामले
जिले में इस वर्ष महिलाओं के सहमति संबंध में रहने के तीन मामले सामने आ चुके हैं। इन मामलों में वन स्टॉप सेंटर में काउंसिलिंग के बावजूद संबंधित महिलाएं अपने फैसले पर कायम रहीं।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- --
दोनों रिश्ते में भाभी-ननद हैं। उनकी काउंसिलिंग की गई लेकिन वह सहमति संबंधमें साथ रहने के फैसले पर कायम रहीं। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने और बयान दर्ज होने के बाद दोनों अपनी इच्छा से फतेहाबाद चली गईं। वहां वह किराये के मकान में रहेंगी।
मंजू चौधरी,प्रभारी वन स्टॉप सेंटर सिरसा।
विज्ञापन
वन स्टॉप सेंटर में दोनों की काउंसिलिंग की गई। उन्हें परिजनों के पास लौटने की सलाह दी गई लेकिन दोनों अपने फैसले पर कायम रहीं। उन्होंने बालिग होने का हवाला देते हुए अपनी जिंदगी से जुड़े निर्णय स्वयं लेने की बात कही।
विज्ञापन
काउंसिलिंग के दौरान महिला ने बताया कि उसकी शादी करीब सात साल पहले हुई थी। उसका आरोप है कि शादीशुदा होने के बावजूद उसका पति किसी अन्य महिला के साथ संबंध रख सकता है तो वह भी अपनी मर्जी से जीवन जी सकती है। महिला के अनुसार वह करीब एक साल से अपनी ननद के साथ संबंध में है। 17 अक्तूबर को दोनों ने परिवार से अलग रहने का निर्णय लिया और इसके बाद फतेहाबाद में साथ रहने लगीं।
विज्ञापन
दोनों ने काउंसिलिंग के दौरान कहा कि उनकी भावनाएं एक जैसी हैं और वे एक-दूसरे से अलग नहीं रहना चाहतीं। उन्होंने शादी करने की इच्छा भी जताई। कानूनी रूप से शादी संभव नहीं होने की बात सामने आने पर उन्होंने सहमति संबंध में रहने का निर्णय लिया। बयान दर्ज करवाने के बाद दोनों ने फतेहाबाद लौटने की इच्छा जताई।
दो बेटियों को ससुराल में छोड़ा
महिला ने बताया कि उसकी छह और चार वर्ष की दो बेटियां हैं। वह दोनों बच्चियों को अपने साथ नहीं रखना चाहती और उन्हें ससुराल में छोड़ आई है। काउंसिलिंग के दौरान उसे परिवार और बच्चों के भविष्य पर विचार करने की सलाह दी गई। उसे इस फैसले से परिवार पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में भी समझाया गया लेकिन वह अपने निर्णय पर कायम रही।
ननद भी परिजनों के पास लौटने को तैयार नहीं
बीए प्रथम वर्ष में पढ़ रही ननद की भी काउंसिलिंग की गई। उसे परिजनों के पास लौटने की सलाह दी गई लेकिन उसने भी भाभी के साथ रहने का फैसला नहीं बदला। दोनों ने स्पष्ट किया कि वे अपनी इच्छा से साथ रहना चाहती हैं।
जिले में इस वर्ष तीन मामले
जिले में इस वर्ष महिलाओं के सहमति संबंध में रहने के तीन मामले सामने आ चुके हैं। इन मामलों में वन स्टॉप सेंटर में काउंसिलिंग के बावजूद संबंधित महिलाएं अपने फैसले पर कायम रहीं।
दोनों रिश्ते में भाभी-ननद हैं। उनकी काउंसिलिंग की गई लेकिन वह सहमति संबंधमें साथ रहने के फैसले पर कायम रहीं। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने और बयान दर्ज होने के बाद दोनों अपनी इच्छा से फतेहाबाद चली गईं। वहां वह किराये के मकान में रहेंगी।
मंजू चौधरी,प्रभारी वन स्टॉप सेंटर सिरसा।