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Sirsa News: सुब्बाखेड़ा के पास मम्मड़ ब्रांच टूटी, धान की पकी फसल में जलभराव
Fri, 20 Oct 2023 11:52 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Fri, 20 Oct 2023 11:52 PM IST
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सिरसा में नहर को पाटती जेसीबी मशीन।
बडागुढ़ा। गांव सुब्बाखेड़ा के निकट मम्मड़ ब्रांच टूटने से किसानों की सैकड़ों एकड़ धान की पकी फसल में जलभराव हो गया। किसानों की सूचना पर विभागीय अधिकारी मौके पर पहुंचे। पानी का बहाव तेज होने के चलते कटाव और ज्यादा हो गया, जिसके चलते टूटे हिस्से को पाटने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
जानकारी मुताबिक वीरवार देर रात्रि मम्मड़ ब्रांच नहर में गांव सुब्बाखेड़ा के निकट दरार आ गई। सूचना के बाद गांव सुब्बाखेड़ा व बडागुढ़ा के काफी किसान मौके पर पहुंचे और अधिकारियों को जानकारी दी। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान कोई जेसीबी या ट्रैक्टर न मिलने के चलते रात्रि को दरार भरने का कार्य शुरू नहीं हो पाया। शुक्रवार सुबह जेसीबी व ट्रैक्टर-ट्रालियों की सहायता से टूटे हिस्से को पाटने का कार्य शुरू किया गया। मौके पर मौजूद किसान सुरजीत सिंह, हरप्रीत सिंह, गुरचरण सिंह, प्रगट सिंह व नवदीप सिंह आदि ने बताया कि नहर के किनारे सैकड़ों एकड़ धान की फसल पककर तैयार थी, जिसमें पानी घुसने के चलते उन्हें नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि अधिक पानी की वजह से फसल बिछ गई है, जोकि खराब हो जाएगी। उन्होंने कहा कि इस बार वैसे भी किसानों की स्थिति बेहद खराब है और ऊपर से अब विभाग की लापरवाही की वजह से उन्हें और नुकसान झेलना पड़ेगा। किसानों ने बताया कि लेवल सही न होने के चलते ये नहर कई बार यहां से टूट चुकी है, लेकिन विभाग द्वारा इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया। किसान संतोख सिंह ने बताया कि उसने 8 एकड़ भूमि ठेके पर लेकर काश्त की थी। उसकी फसल में पानी भरने के चलते उसे काफी नुकसान झेलना पड़ा है। इसी प्रकार किसान तार सिंह, दीपा सिंह, सुंदर सिंह व हरप्रीत सिंह ने बताया कि करीब 130 एकड़ रकबे में पानी भरने के चलते उनकी धान की फसलों को नुकसान पहुंचा है।
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नहर टूटने की सूचना मिली तो हम मौके पर पहुंचे और पीछे से नहर का पानी बंद करवाया। रात्रि को दरार को भरने का कार्य शुरू करवाने की कोशिश की गई, लेकिन जेसीबी व ट्रैक्टर नहीं मिले। पानी का बहाव कम होते ही सुबह कार्य शुरू करवा दिया गया।- मनोज शर्मा, जेई, सिंचाई विभाग ।
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जानकारी मुताबिक वीरवार देर रात्रि मम्मड़ ब्रांच नहर में गांव सुब्बाखेड़ा के निकट दरार आ गई। सूचना के बाद गांव सुब्बाखेड़ा व बडागुढ़ा के काफी किसान मौके पर पहुंचे और अधिकारियों को जानकारी दी। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान कोई जेसीबी या ट्रैक्टर न मिलने के चलते रात्रि को दरार भरने का कार्य शुरू नहीं हो पाया। शुक्रवार सुबह जेसीबी व ट्रैक्टर-ट्रालियों की सहायता से टूटे हिस्से को पाटने का कार्य शुरू किया गया। मौके पर मौजूद किसान सुरजीत सिंह, हरप्रीत सिंह, गुरचरण सिंह, प्रगट सिंह व नवदीप सिंह आदि ने बताया कि नहर के किनारे सैकड़ों एकड़ धान की फसल पककर तैयार थी, जिसमें पानी घुसने के चलते उन्हें नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि अधिक पानी की वजह से फसल बिछ गई है, जोकि खराब हो जाएगी। उन्होंने कहा कि इस बार वैसे भी किसानों की स्थिति बेहद खराब है और ऊपर से अब विभाग की लापरवाही की वजह से उन्हें और नुकसान झेलना पड़ेगा। किसानों ने बताया कि लेवल सही न होने के चलते ये नहर कई बार यहां से टूट चुकी है, लेकिन विभाग द्वारा इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया। किसान संतोख सिंह ने बताया कि उसने 8 एकड़ भूमि ठेके पर लेकर काश्त की थी। उसकी फसल में पानी भरने के चलते उसे काफी नुकसान झेलना पड़ा है। इसी प्रकार किसान तार सिंह, दीपा सिंह, सुंदर सिंह व हरप्रीत सिंह ने बताया कि करीब 130 एकड़ रकबे में पानी भरने के चलते उनकी धान की फसलों को नुकसान पहुंचा है।
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नहर टूटने की सूचना मिली तो हम मौके पर पहुंचे और पीछे से नहर का पानी बंद करवाया। रात्रि को दरार को भरने का कार्य शुरू करवाने की कोशिश की गई, लेकिन जेसीबी व ट्रैक्टर नहीं मिले। पानी का बहाव कम होते ही सुबह कार्य शुरू करवा दिया गया।- मनोज शर्मा, जेई, सिंचाई विभाग ।
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