{"_id":"65550a489f5c8ccc610074bc","slug":"malikpura-panchayat-arranged-e-van-for-daughters-going-to-study-in-another-village-sirsa-news-c-128-1-sir1002-9988-2023-11-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirsa News: मलिकपुरा पंचायत ने दूसरे गांव में पढ़ने जाने वालीं बेटियों के लिए किया ई-वैन का प्रबंध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirsa News: मलिकपुरा पंचायत ने दूसरे गांव में पढ़ने जाने वालीं बेटियों के लिए किया ई-वैन का प्रबंध
विज्ञापन
ई-वैन को रवाना करते सरपंच प्रतिनिधि अवतार सिंह व अन्य।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ओढां। गांव मलिकपुरा में शिक्षा के लिए मजबूरन दूसरे गांव में जाने वालीं छात्राओं के लिए ग्राम पंचायत ने सराहनीय कदम उठाया है। जब ग्राम पंचायत ने इन छात्राओं के लिए वाहन की स्थायी व्यवस्था कर दी। सरपंच ने वाहन की चाबी न केवल बेटियों को सौंपी बल्कि उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर पाठ भी पढ़ाया। छात्राओं व अभिभावकों ने पंचायत का आभार व्यक्त किया।
दरअसल गांव मलिकपुरा में मात्र 10वीं तक का ही सरकारी स्कूल है। ऐसे में गांव के विद्यार्थियों को 11वीं व 12वीं की शिक्षा के लिए चार किलोमीटर दूर स्थित गांव मिठड़ी के स्कूल में जाना पड़ता है। इसमें छात्राओं की काफी परेशानी झेलनी पड़ती थी। ग्राम सरपंच अर्शदीप कौर सरां ने चुनाव के दौरान ये वादा किया था कि वे इस समस्या का समाधान जरूर करवाएंगी। सरपंच ने बुधवार को अपना वादा पूरा करते हुए बेटियों के लिए स्कूल जाने के लिए वाहन का स्थायी बंदोबस्त कर दिया।
वाहन में सवार बेटियां बोलीं : धन्यवाद
गांव की 16 बेटियां मिठड़ी के स्कूल में पढ़ने जाती हैं। बुधवार को सरपंच ने बेटियों के लिए ई-वैन का प्रबंध किया। उन्होंने अभिभावकों के बीच बेटियों को वाहन की चाबी सौंपी। अभिभावक राजेंद्र सिंह, रेशम सिंह, जोगिंद्र सिंह व काका सिंह आदि ने कहा कि ग्राम सरपंच ने बेटियों के लिए अति सराहनीय कदम उठाकर न केवल उनकी चिंता को कम किया बल्कि बेटी पढ़ाओ का भी सराहनीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। इसके लिए वे ग्राम पंचायत का आभार व्यक्त करते हैं। बुधवार सुबह बेटियां ई-वैन पर सवार होकर स्कूल के लिए निकलीं। बेटियों ने एक स्वर में ग्राम सरपंच को थैंक्यू कहा।
विज्ञापन
अध्यापकों को पंचायत फंड से वेतन किया सुनिश्चित, एक अस्थायी शिक्षक की नियुक्ति की
गांव के स्कूल में अध्यापकों के टोटे की पूर्ति के लिए पहले की पंचायतों ने अनेक बार अधिकारियों व राजनेताओं से मांग की। पूर्ववर्ती पंचायत ने 2 अस्थायी अध्यापकों को तैनात किया था। इन अध्यापकों का वेतन के लिए विद्यार्थियों से पैसे एकत्रित किए जाते थे। इस कार्य में हस्तक्षेप करते हुए सरपंच अर्शदीप कौर सरां ने निजी कोष से दोनों अध्यापकों को न केवल 6 माह का वेतन दिया, बल्कि पंचायत समिति से मिलकर दोनों अध्यापकों को पंचायत फंड से वेतन मिलना सुनिश्चित करवाया। पंचायत की ओर से एक और अस्थायी अध्यापक की भी नियुक्ति की गई। यही कारण रहा कि वर्ष 2022-23 का स्कूल का परीक्षा परिणाम पूरे जिला में अव्वल रहा। इसके अलावा ग्राम पंचायत ने शिक्षा के साथ-साथ खेलों के लिए भी कदम उठाते हुए खेल सामग्री मुहैया करवाई है।
सुरक्षा का भी पढ़ाया पाठ
बेटियों को बुधवार को ई-वैन में स्कूल रवाना करने पहले सरपंच प्रतिनिधि अवतार सिंह सरां ने सुरक्षा का भी पाठ पढ़ाया। उन्होंने कहा कि अगर स्कूल से आते-जाते समय वे स्वयं को असुरक्षित महसूस करती हैं तो तुरंत डायल 112 पुलिस सेवा को सूचना दें। उन्होंने साइबर क्राइम के बारे में भी जागरूक करने के अलावा शिक्षा के क्षेत्र में मेहनत कर आगे बढ़ने की बात कही।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
हमने चुनाव से पूर्व लोगों से वादा किया था कि गांव के विद्यार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र में किसी तरह की कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी। मुझे सरपंच बने एक वर्ष का समय हो गया है। शिक्षा के क्षेत्र में हमने हर संभव प्रयास किए हैं। गांव की बेटियों को शिक्षा में किसी तरह की परेशानी न आए इसके लिए वाहन का प्रबंध किया है। गांव में जो भी बेटी खेलों या शिक्षा के क्षेत्र में गांव का नाम रोशन करेगी उसे पंचायत की ओर से विशेष तौर पर सम्मानित किया जाएगा। - अर्शदीप कौर सरां, सरपंच।
विज्ञापन
दरअसल गांव मलिकपुरा में मात्र 10वीं तक का ही सरकारी स्कूल है। ऐसे में गांव के विद्यार्थियों को 11वीं व 12वीं की शिक्षा के लिए चार किलोमीटर दूर स्थित गांव मिठड़ी के स्कूल में जाना पड़ता है। इसमें छात्राओं की काफी परेशानी झेलनी पड़ती थी। ग्राम सरपंच अर्शदीप कौर सरां ने चुनाव के दौरान ये वादा किया था कि वे इस समस्या का समाधान जरूर करवाएंगी। सरपंच ने बुधवार को अपना वादा पूरा करते हुए बेटियों के लिए स्कूल जाने के लिए वाहन का स्थायी बंदोबस्त कर दिया।
विज्ञापन
वाहन में सवार बेटियां बोलीं : धन्यवाद
गांव की 16 बेटियां मिठड़ी के स्कूल में पढ़ने जाती हैं। बुधवार को सरपंच ने बेटियों के लिए ई-वैन का प्रबंध किया। उन्होंने अभिभावकों के बीच बेटियों को वाहन की चाबी सौंपी। अभिभावक राजेंद्र सिंह, रेशम सिंह, जोगिंद्र सिंह व काका सिंह आदि ने कहा कि ग्राम सरपंच ने बेटियों के लिए अति सराहनीय कदम उठाकर न केवल उनकी चिंता को कम किया बल्कि बेटी पढ़ाओ का भी सराहनीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। इसके लिए वे ग्राम पंचायत का आभार व्यक्त करते हैं। बुधवार सुबह बेटियां ई-वैन पर सवार होकर स्कूल के लिए निकलीं। बेटियों ने एक स्वर में ग्राम सरपंच को थैंक्यू कहा।
विज्ञापन
अध्यापकों को पंचायत फंड से वेतन किया सुनिश्चित, एक अस्थायी शिक्षक की नियुक्ति की
गांव के स्कूल में अध्यापकों के टोटे की पूर्ति के लिए पहले की पंचायतों ने अनेक बार अधिकारियों व राजनेताओं से मांग की। पूर्ववर्ती पंचायत ने 2 अस्थायी अध्यापकों को तैनात किया था। इन अध्यापकों का वेतन के लिए विद्यार्थियों से पैसे एकत्रित किए जाते थे। इस कार्य में हस्तक्षेप करते हुए सरपंच अर्शदीप कौर सरां ने निजी कोष से दोनों अध्यापकों को न केवल 6 माह का वेतन दिया, बल्कि पंचायत समिति से मिलकर दोनों अध्यापकों को पंचायत फंड से वेतन मिलना सुनिश्चित करवाया। पंचायत की ओर से एक और अस्थायी अध्यापक की भी नियुक्ति की गई। यही कारण रहा कि वर्ष 2022-23 का स्कूल का परीक्षा परिणाम पूरे जिला में अव्वल रहा। इसके अलावा ग्राम पंचायत ने शिक्षा के साथ-साथ खेलों के लिए भी कदम उठाते हुए खेल सामग्री मुहैया करवाई है।
सुरक्षा का भी पढ़ाया पाठ
बेटियों को बुधवार को ई-वैन में स्कूल रवाना करने पहले सरपंच प्रतिनिधि अवतार सिंह सरां ने सुरक्षा का भी पाठ पढ़ाया। उन्होंने कहा कि अगर स्कूल से आते-जाते समय वे स्वयं को असुरक्षित महसूस करती हैं तो तुरंत डायल 112 पुलिस सेवा को सूचना दें। उन्होंने साइबर क्राइम के बारे में भी जागरूक करने के अलावा शिक्षा के क्षेत्र में मेहनत कर आगे बढ़ने की बात कही।
हमने चुनाव से पूर्व लोगों से वादा किया था कि गांव के विद्यार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र में किसी तरह की कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी। मुझे सरपंच बने एक वर्ष का समय हो गया है। शिक्षा के क्षेत्र में हमने हर संभव प्रयास किए हैं। गांव की बेटियों को शिक्षा में किसी तरह की परेशानी न आए इसके लिए वाहन का प्रबंध किया है। गांव में जो भी बेटी खेलों या शिक्षा के क्षेत्र में गांव का नाम रोशन करेगी उसे पंचायत की ओर से विशेष तौर पर सम्मानित किया जाएगा। - अर्शदीप कौर सरां, सरपंच।