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गांवों में महापंचायत को लेकर प्रचार शुरू
अमर उजाला सिरसा/ब्यूरो
Updated Sat, 27 Feb 2016 11:32 PM IST
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हरियाणा किसान मंच के बैनर तले लघु सचिवालय में खराब हुई फसलों के मुआवजे, बिजली के दामों में कमी और स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू करने जैसी मांगों को लेकर धरने पर बैठे किसानों ने एक मार्च को होने वाली महापंचायत को लेकर अभियान तेज कर दिया है।
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किसानों की टीमें जिलेभर के गांवों में जाकर किसानों से महापंचायत में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान कर रहे हैं।
किसान प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर सरकार तक भी अपनी मांग को लेकर लिखित में आश्वासन की बात कर चुके हैं, लेकिन अभी तक किसी की ओर से कोई सकारात्मक जवाब नहीं आया है, जिसे लेकर किसानों में खासा रोष है।
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किसानों ने कहा है कि ये लड़ाई किसी एक की नहीं, बल्कि जिलेभर के किसानों की है। उन्होंने कहा कि जब तक किसानों में एकजुटता नहीं होगी, तब तक उनका हक नहीं मिलेगा।
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उन्होंने कहा कि सरकार व प्रशासन की नीतियों से नहीं लगता की किसानों को खराब हुई फसलों का मुआवजा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि वे किसी भी अधिकारी से बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन जब तक लिखित रूप में कोई ठोस आश्वासन नहीं मिलता, वे अपना संघर्ष जारी रखेंगे।
वे पिछले करीब 17 दिनों से यहां बैठे हैं, लेकिन किसी भी प्रशासनिक अधिकारी ने आकर उनकी सुध नहीं ली है।
किसानों का कहना है कि किसानों के अनेक दल गांव-गांव जाकर किसानों को जागरूक कर रहे हैं और महापंचायत के लिए न्यौता दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि एक तरफ तो सरकार किसान हितैषी होने का दिखावा करती है, वहीं अब तक के सरकार के रुख को देखकर ये कतई नहीं कहा जा सकता की सरकार किसान हितैषी हो सकती है।
उन्होंने बताया कि लगातार दो फसलें खराब होने से किसानों के सामने आर्थिक संकट गहरा गया है। इस मौके पर किसान प्रकाश सिंह, आदराम, सुखदेव सिंह, रणजीत सिंह, गांधीराम, सुदर्शन सिंह, रामप्रताप, प्रहलाद सिंह, राजकुमार, धन्नाराम आदि उपस्थित थे।