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Sirsa News: भगवान वाल्मीकि ने समाज को सच्चाई के मार्ग पर चलने की दी प्रेरणा
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सिरसा। हरियाणा वाल्मीकि महापंचायत एवं हरियाणा कला परिषद के सदस्य मुख्य अतिथि को सम्मानित करते
सिरसा। हरियाणा वाल्मीकि महापंचायत एवं हरियाणा कला परिषद के संयुक्त तत्वावधान में भगवान वाल्मीकि प्रकट उत्सव के उपलक्ष्य में स्थित वाल्मीकि चौक पर सत्संग एवं योग वशिष्ठ पाठ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में हरियाणा कला परिषद की टीमों ने प्रस्तुतियां दी। पलवल से आई नगाड़ा टीम ने अपनी प्रस्तुति दी।
नगाड़ों की गूंज और वाल्मीकि भजनों की स्वर लहरियों ने समूचे माहौल को भक्तिमय बना दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता हरियाणा वाल्मीकि महापंचायत के प्रदेश सचिव वीरेंद्र पहवाल ने की। उन्होंने कहा कि भगवान वाल्मीकि जी न केवल आदिकवि के रूप में जाने जाते हैं, बल्कि उन्होंने समाज को सच्चाई, परिश्रम और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
रामायण जैसे महाकाव्य की रचना कर यह सिद्ध किया कि ज्ञान और कर्म से बड़ा कोई धर्म नहीं। वीरेंद्र पहवाल ने कहा कि वाल्मीकि का जीवन एक संदेश है कि चाहे परिस्थिति कैसी भी क्यों न हो, यदि मनुष्य अपने भीतर के अंधकार को त्याग कर प्रकाश की ओर अग्रसर होता है तो वह समाज के लिए प्रेरणा बन जाता है। आज के समय में वाल्मीकि के विचार पहले से अधिक प्रासंगिक हैं। समाज में समरसता, शिक्षा और सेवा की भावना को अपनाना ही उनके सच्चे अनुयायी होने का प्रमाण है।
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नगाड़ों की गूंज और वाल्मीकि भजनों की स्वर लहरियों ने समूचे माहौल को भक्तिमय बना दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता हरियाणा वाल्मीकि महापंचायत के प्रदेश सचिव वीरेंद्र पहवाल ने की। उन्होंने कहा कि भगवान वाल्मीकि जी न केवल आदिकवि के रूप में जाने जाते हैं, बल्कि उन्होंने समाज को सच्चाई, परिश्रम और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
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रामायण जैसे महाकाव्य की रचना कर यह सिद्ध किया कि ज्ञान और कर्म से बड़ा कोई धर्म नहीं। वीरेंद्र पहवाल ने कहा कि वाल्मीकि का जीवन एक संदेश है कि चाहे परिस्थिति कैसी भी क्यों न हो, यदि मनुष्य अपने भीतर के अंधकार को त्याग कर प्रकाश की ओर अग्रसर होता है तो वह समाज के लिए प्रेरणा बन जाता है। आज के समय में वाल्मीकि के विचार पहले से अधिक प्रासंगिक हैं। समाज में समरसता, शिक्षा और सेवा की भावना को अपनाना ही उनके सच्चे अनुयायी होने का प्रमाण है।
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