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भगवान शिव को क्रोध सृष्टि का कल्याण करने के लिए आता है : पंडित प्रदीप मिश्रा

Sun, 25 Feb 2024 11:32 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Sun, 25 Feb 2024 11:32 PM IST
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Lord Shiva gets angry to do good to the universe: Pandit Pradeep Mishra
कथा सुनने आए श्रद्धालु।
सिरसा। भगवान शिव को क्रोध सृष्टि का कल्याण करने के लिए आता है और जब गुरु को क्रोध को आता है तो वह शिष्य के कल्याण के लिए आता है। शिव वो गुरु हैं जिन्होंने पूरे विश्व के कल्याण का लक्ष्य रखा हुआ है। शिव का स्मरण करने मात्र से सभी सुख हासिल होते हैं, शिवलिंग पर एक लोटा जल और बेलपत्र चढ़ाने और बाद में बेल पत्र का जल के साथ सेवन करने से सारे रोग दूर होते है। पर इसके लिए भगवान शिव के प्रति आस्था होनी चाहिए।
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यह वचन सीहोरवाले कथावाचक व आध्यात्मिक गुरु पंडित प्रदीप मिश्रा महाराज ने रविवार को बाबा तारा कुटिया परिसर में आयोजित गुरु शिव पुराण कथा के प्रथम दिन देशभर से आए श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहे। कथा से पूर्व कुटिया परिसर में कलशयात्रा निकाली गई जो कथा स्थल पर आकर संपन्न हुई। वहां पर पवित्र कलश स्थापित किए गए। इस दौरान विधायक गोपाल कांडा, उनकी पत्नी सरस्वती कांडा शिवपुराण ग्रंथ सिर पर विराजकर कथा स्थल पर लेकर आए। जहां पर पंडित प्रदीप मिश्रा महाराज ने विधिवत रूप से पूजन करवाया। इसके साथ ही गोबिंद कांडा, संगीता कांडा, धवल कांडा, धैर्य कांडा, सुशीला कांडा नारंग, संस्कृति कांडा और परिवार के अन्य सदस्यों ने पूजन किया।
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माता-पिता की सेवा से बड़ी कोई सेवा नहीं

पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि जब तक माता पिता जिंदा है उनकी खूब सेवा करो। सेवा करने से जब उनका आशीर्वाद मिलता है तो परमसुख मिलता है, गुरु का आशीर्वाद तो मरने के बाद भी मिलता है। उन्होंने कहा कि माता पिता के मरने के बाद उनके फोटो पर फूल चढ़ाने और आरती करने से कल्याण होने वाला नहीं हैं। उन्होंने कहा कि शिवरात्रि पर भगवान शिव का विवाह नहीं हुआ उनका विवाह तो वैशाख शुक्ल पंचमी को हुआ था, शिवरात्रि पर पृथ्वी पर पहले शिवलिंग का जन्म हुआ था। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति को अपनी जन्मतिथि न पता हो वह शिवरात्रि को अपना जन्मदिन मानकर मना सकता है। पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि अगर किसी ने व्रत धारण किया हुआ है तो उसे पैर छुआने से बचना चाहिए क्योंकि जो व्यक्ति उसके पैर छूता है व्रत का सारा पुण्य उसके खाते में चला जाता है। उन्होंने कहा कि बहन, बेटी से कभी पैर नहीं छुआने चाहिए हो सके तो दोनों के पैर छूकर आशीर्वाद लो। उन्होंने कहा कि आपको सभी देवी देवताओं के चरण दिखते है पर शिवलिंग के चरण कभी नहीं दिखाई देते क्योंकि शिवलिंग के चरण ही नहीं होते हैं।
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जो शिव की भक्ति धारण करता है उस पर उनकी कृपा होती है

पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि जो भी भगवान शिव की भक्ति करता है उस पर उनकी कृपा जरूर होती है। उन्होंने कहा कि सभी मंदिरों की तुलना शिवालय से नहीं होती, मंदिर में भगवान स्थापित रहते है जबकि शिवालय में से शिव निकल कर और नंदी पर सवार होकर अपने भक्तों से मिलने जाते हैैं।

गुरुद्वारा होता है गुरु का द्वार

पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि गुरुद्वारा गुरु का द्वार होता है जो परमात्मा के करीब पहुंचाता है। गुरु के दरवाजे पर जा रहे हो तो लंगर ग्रहण करना या न करना पर सेवा जरूर करना, सेवा करने से देने का भाव पैदा होता है और जिस दिन भाव पैदा हो गया उसका कल्याण हो जाएगा। उन्होंने कहा कि सेवा करने वालों को ही मेवा मिलती है पर आज की युवा चाबी लेने के लिए ही माता पिता और सास ससुर की सेवा करते हैं। पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि शिव पुराण कथा उन्हीं को नसीब होती है जिन्हें भगवान शिव डमरू बजाकर बुलाते है, जहां भी जगह मिले वहीं बैठकर कथा का वर्णन करना चाहिए।
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