{"_id":"5eceacc38ebc3e909a68690b","slug":"locust-party-arived-in-ellenabad-from-rajsthan-sirsa-news-rtk5568459131","type":"story","status":"publish","title_hn":"राजस्थान से ऐलनाबाद के गांव कर्मशाना, बरवाला खुर्द और ममेरां कला पहुंचा टिड्डी दल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राजस्थान से ऐलनाबाद के गांव कर्मशाना, बरवाला खुर्द और ममेरां कला पहुंचा टिड्डी दल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीमावर्ती गांव कर्मशाना में बुधवार रात करीब नौ बजे राजस्थान से लाखों की तादाद में टिड्डी दल पहुंच गया। उधर, गांव बरवाला खुर्द और ममेरा कलां में भी मामूली संख्या में टिड्डियां दिखीं। हालांकि टिड्डी दल के आने से कहीं से भी फसल के नुकसान की सूचना नहीं है। सूचना पर मौके पर पहुंचे एसडीएओ सतबीर सिंह ने मौके का निरीक्षण किया। उन्होंने दावा किया कि टिड्डी दल को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और बचाव के पुख्ता इंतजाम हैं।
ऐलनाबाद क्षेत्र में राजस्थान से सटे गांव कर्मशाना, बरवाला खुर्द और ममेरा कलां में इस सीजन पहली बार टिड्डी दल के पहुंचने से किसानों और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया। एसडीएओ सतबीर सिंह मौके पर पहुंचे तो किसानों ने टिड्डी को पकड़कर दिखाया। क्षेत्र के किसानों ने बताया कि यह दल राजस्थान के जिला हनुमानगढ़ की ओर से आया और कुछ देर के बाद हवा के रुख के साथ फिर राजस्थान के गांव ढाणी लाल खां की ओर लौट गया। टिड्डी दल के लौटने से लोगों और अधिकारियाें ने फिलहाल राहत की सांस की ली है।
टिड्डी दल से घबराए नहीं, बल्कि बचाव के रखें उचित प्रबंध : डॉ. बाबूलाल
उपनिदेशक कृषि डॉ. बाबूलाल ने बताया कि टिड्डी दल से किसान सचेत रहें और घबराए नहीं, बल्कि जहां भी टिड्डी दल नजर आएं, उसके बारे में संबंधित कृषि विभाग के अधिकारियों को सूचित करें ताकि समय रहते उसके प्रकोप को रोका जा सके और टिड्डी दल पर तुरंत कीटनाशक दवा का छिड़काव करें। डॉ. बाबूलाल ने पंचायत प्रतिनिधियों से भी आह्वान किया कि फसलों पर टिड्डी दल के हमले से बचाव के बारे में जागरूकता फैलाएं और इससे निपटने में पूरा सहयोग करें।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि उपायुक्त रमेश चंद्र बिढ़ान के निर्देशानुसार फसलों पर टिड्डी दल के हमले से बचाव के मद्देनजर जिला के सभी कृषि अधिकारियों की अलग-अलग ड्यूटी लगाई जा चुकी है और अधिकारियों गांवों में जाकर किसानों को जागरूक करने का काम रहे हैं। उन्होंने बताया कि विभाग के पास फसलों पर टिड्डी दल के हमले से बचाव के लिए कीटनाशक क्लोरोफाईरीफोस समुचित मात्रा में उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि किसान दो एकड़ क्षेत्र के लिए 400 लीटर पानी में एक लीटर कीटनाशक दवा मिला कर टिड्डी दल से बचाव बारे छिड़काव कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा किसानों की सहायता के लिए जिला में कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है जिसका नंबर 01666222371 है।
पीपे-ढोल आदि बजा कर फसल पर बैठने से रोकें
किसान टिड्डी दल से अपने स्तर पर निपटने के लिए आपस में सहयोग करें और टिड्डी को फसल पर बैठने न दें। इसके लिए वे पीपे, नंगाड़े, ढोल आदि बजाकर टिड्डी दल को बैठने से रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि टिड्डी दल को दिन में न बैठने दें और जब रात को जब यह बैठे तो उस पर कीटनाशक दवाई का छिड़काव करें। उन्होंने कहा किसी को कहीं पर भी टिड्डी दल दिखाई दें उसके सूचना तुरंत प्रशासन और सूचना उप मंडल कृषि अधिकारी सिरसा के 94162051690, उपमंडल कृषि अधिकारी डबवाली के 9416763366 और सहायक पौधा संरक्षण अधिकारी सिरसा के मोबाइल नंबर 9466612403 पर दें।
विज्ञापन
ऐलनाबाद क्षेत्र में राजस्थान से सटे गांव कर्मशाना, बरवाला खुर्द और ममेरा कलां में इस सीजन पहली बार टिड्डी दल के पहुंचने से किसानों और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया। एसडीएओ सतबीर सिंह मौके पर पहुंचे तो किसानों ने टिड्डी को पकड़कर दिखाया। क्षेत्र के किसानों ने बताया कि यह दल राजस्थान के जिला हनुमानगढ़ की ओर से आया और कुछ देर के बाद हवा के रुख के साथ फिर राजस्थान के गांव ढाणी लाल खां की ओर लौट गया। टिड्डी दल के लौटने से लोगों और अधिकारियाें ने फिलहाल राहत की सांस की ली है।
विज्ञापन
टिड्डी दल से घबराए नहीं, बल्कि बचाव के रखें उचित प्रबंध : डॉ. बाबूलाल
उपनिदेशक कृषि डॉ. बाबूलाल ने बताया कि टिड्डी दल से किसान सचेत रहें और घबराए नहीं, बल्कि जहां भी टिड्डी दल नजर आएं, उसके बारे में संबंधित कृषि विभाग के अधिकारियों को सूचित करें ताकि समय रहते उसके प्रकोप को रोका जा सके और टिड्डी दल पर तुरंत कीटनाशक दवा का छिड़काव करें। डॉ. बाबूलाल ने पंचायत प्रतिनिधियों से भी आह्वान किया कि फसलों पर टिड्डी दल के हमले से बचाव के बारे में जागरूकता फैलाएं और इससे निपटने में पूरा सहयोग करें।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि उपायुक्त रमेश चंद्र बिढ़ान के निर्देशानुसार फसलों पर टिड्डी दल के हमले से बचाव के मद्देनजर जिला के सभी कृषि अधिकारियों की अलग-अलग ड्यूटी लगाई जा चुकी है और अधिकारियों गांवों में जाकर किसानों को जागरूक करने का काम रहे हैं। उन्होंने बताया कि विभाग के पास फसलों पर टिड्डी दल के हमले से बचाव के लिए कीटनाशक क्लोरोफाईरीफोस समुचित मात्रा में उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि किसान दो एकड़ क्षेत्र के लिए 400 लीटर पानी में एक लीटर कीटनाशक दवा मिला कर टिड्डी दल से बचाव बारे छिड़काव कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा किसानों की सहायता के लिए जिला में कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है जिसका नंबर 01666222371 है।
पीपे-ढोल आदि बजा कर फसल पर बैठने से रोकें
किसान टिड्डी दल से अपने स्तर पर निपटने के लिए आपस में सहयोग करें और टिड्डी को फसल पर बैठने न दें। इसके लिए वे पीपे, नंगाड़े, ढोल आदि बजाकर टिड्डी दल को बैठने से रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि टिड्डी दल को दिन में न बैठने दें और जब रात को जब यह बैठे तो उस पर कीटनाशक दवाई का छिड़काव करें। उन्होंने कहा किसी को कहीं पर भी टिड्डी दल दिखाई दें उसके सूचना तुरंत प्रशासन और सूचना उप मंडल कृषि अधिकारी सिरसा के 94162051690, उपमंडल कृषि अधिकारी डबवाली के 9416763366 और सहायक पौधा संरक्षण अधिकारी सिरसा के मोबाइल नंबर 9466612403 पर दें।