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Sirsa News: स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ी से दुष्कर्म करने वाले को उम्रकैद, सजा सुनकर कटघरे में रोने लगा कोच

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 18 Mar 2024 11:45 PM IST
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Life imprisonment to the person who raped a gold medal winning player, the coach started crying in the dock after hearing the sentence
संवाद न्यूज एजेंसी
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सिरसा। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 11 साल की ताइक्वांडो स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ी से दुष्कर्म करने वाले कोच मदन लाल को उम्रकैद व एक लाख 12 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर एक साल अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
न्यायाधीश प्रवीण कुमार ने अपनी टिप्पणी में कहा कि दोषी मदन लाल ने गुरु-शिष्य के पवित्र रिश्ते को कलंकित किया है। गुरु अपने शिष्य के भविष्य का निर्माण करता है। शिष्य के लिए गुरु का कद भगवान से भी ऊंचा होता है। दुष्कर्मी ने गुरु की मर्यादा और शिष्य के विश्वास तोड़ा है। इस घोर अपराध के लिए सख्त सजा देना बहुत जरूरी है। न्यायाधीश ने दोषी मदन लाल को उम्रकैद की सजा सुनाई तो वह कटघरे में जोर-जोर से रोने लगा।
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इस मामले में सिरसा महिला थाना पुलिस ने जनवरी 2020 में एफआईआर दर्ज की थी। चोपटा थाना क्षेत्र निवासी 11 वर्षीय नाबालिग ने पुलिस को दिए बयान में बताया था कि वह कक्षा पांचवीं में पढ़ती है और एक निजी अकादमी में कोच मदन लाल निवासी गांव धिंगतानियां से ट्रेनिंग लेती थी। उसने गर्मी की छुट्टियों में ताइक्वांडो की प्रैक्टिस करने के लिए अकादमी में जाना शुरू किया था।
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पीड़िता के पिता ने पुलिस को बताया था कि अकादमी घर से दूर होने के कारण उसकी बेटी समय से पहले ही कोचिंग सेंटर पहुंच जाती थी। जल्द पहुंचने के कारण वहां कोई बच्चा या अन्य शख्स नहीं होता था। एक दिन उसकी बेटी को अकेला देखकर कोच मदन लाल ने उसे अश्लील फिल्म दिखाई और कहने लगा कि इंटरनेशनल खिलाड़ी बनने के लिए तो यह सब कुछ करना पड़ता है। इसके बाद कोच मदन लाल ने उसकी बेटी के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। ऐसा करीब एक साल तक चलता रहा। पिता ने पुलिस को बताया कि कोच मदन लाल उसकी बेटी को पास्ता लेने भेज देता था। इसके बाद उसकी बेटी को पास्ता खाने के लिए देता तो उसकी बेटी को नींद आ जाती थी। उसे कुछ याद नहीं रहता था। जब नींद खुलती थी तो वो अपने आपको कोच मदन लाल के साथ सोई हुई पाती थी।

परिवार को लेकर पंचकूला चला गया पिता
पिता ने पुलिस को बताया कि स्कूल खुलने से पहले उसकी बेटी ने कहा कि उसे इस कोच के पास प्रैक्टिस नहीं करनी है, मुझे कहीं और लगा दो। बेटी के स्वर्ण पदक विजेता (गोल्ड मेडलिस्ट) होने के कारण मैं उसके भविष्य को देखते हुए उसे व परिवार को पंचकूला लेकर आ गया और यहां एक स्टेडियम में अपनी बेटी को लगा दिया।





बेटी की बात सुन हैरान रह गया पिता

पिता ने पुलिस को बताया कि 12 जनवरी 2020 को वह अपने बच्चों से बातें कर रहा था। इसी दौरान बेटी ने उसे सारी बातें बताईं। जिसे सुनकर वह हैरान रह गया। इसके बाद पिता ने घटना की सारी जानकारी पुलिस को दी। महिला थाना सिरसा पुलिस ने पिता का बयान दर्ज करके आरोपी कोच मदनलाल को 16 जनवरी 2020 को गिरफ्तार कर लिया। सोमवार को इस मामले का निपटारा करते हुए फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश प्रवीण कुमार ने आरोपी कोच मदन लाल को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।
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