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नाबालिग बेटी से दुष्कर्म के दोषी पिता को आजीवन कारावास, कोर्ट ने की टिप्पणी: ऐसे अपराध मानवीय गरिमा के साथ समाज के लिए भी अपमानजनक हैं

Thu, 25 Jul 2024 10:54 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Thu, 25 Jul 2024 10:54 PM IST
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Life imprisonment to the father found guilty of raping a minor daughter, the court commented: Such crimes are insulting to human dignity as well as to the society.
संवाद न्यूज एजेंसी
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सिरसा। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने नाबालिग बेटी से दुष्कर्म करने के दोषी एक व्यक्ति को आजीवन कारावास से दंडित किया है। न्यायाधीश प्रवीण कुमार ने फैसला सुनाने के दौरान टिप्पणी की कि ऐसे अपराध मानवीय गरिमा के साथ समाज के लिए भी अपमानजनक है। दोषी किसी भी तरह से नरमी का हकदार नहीं है। उसने अपनी बेटी के साथ वीभत्स कृत्य किया है। ऐसे में उसे छोड़ना या कम सजा देना विशेष रूप से पीड़ित और सामान्य रूप से समाज के साथ अन्याय और न्याय का मजाक उड़ाना होगा। कोर्ट ने इसके साथ ही एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाय है।

न्यायाधीश ने सुनवाई के दौरान कहा कि ऐसे अपराधियों को कम सजा देकर छोड़ने जाने की इजाजत नहीं दी जा सकती। सजा सुनाने के दौरान कटघरे में खड़े दोषी सतीश कुमार की आंखों से आंसू बहने लगे। सजा कम करने की गुहार लगाते हुए कहा, उसके दो लड़के व दो लड़कियां हैं। पत्नी दो बेटियों व एक बेटे के साथ पिछले 10 वर्षों से अलग रह रही है। छोटा बेटा अविवाहित है। इनकी देखभाल करने वाला उसके अलावा कोई दूसरा नहींं। इसलिए सजा में नरमी बरती जाए। जवाब में सरकारी वकील ने न्यायालय से सतीश कुमार को फांसी की सजा देने की अपील की। उन्होंने तर्क दिया कि पॉक्सो अधिनियम 2012 की धारा 6 में फांसी की सजा का प्रावधान है। इस पर बचाव पक्ष के वकील ने तर्क दिया कि दोषी सतीश सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग से है और अच्छी तरह से शिक्षित नहीं है। उसका कोई आपराधिक इतिहास भी नहीं है। उसको अपने कृत्य की आपराधिकता को समझने की क्षमता कमजोर थी। इसलिए न्यायालय सजा के मामले में उदार दृष्टिकोण अपनाए।
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पीड़िता की प्रीमेच्योर डिलीवरी हुई थी



कालांवाली थाना क्षेत्र निवासी नाबालिग ने पुलिस को दिए बयान में कहा था कि वह कक्षा नौवीं में पढ़ती है। करीब छह माह पहले पिता सतीश कुमार ने उसे खाने में नशीला पदार्थ दे दिया, जिससे वह अचेत हो गई। इसके बाद उसके साथ दुष्कर्म किया। 27 अक्तूबर 2019 को उसके पेट में दर्द हुआ तो मां डॉक्टर के पास ले गई। जांच के डॉक्टर ने बताया कि वह गर्भवती है। इस पर मां ने बेटी से पूछा तो उसने बताया कि पिता ने उसके साथ दुष्कर्म किया था। यह जानकर मां सन्न रह गई। वह बेटी को लेकर थाने पहुंची। पुलिस ने पीड़िता के बयान दर्ज कर 30 अक्तूबर 2019 को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पीड़िता की 16 नवंबर 2019 को सिविल अस्पताल में प्रीमेच्योर डिलीवरी हुई थी और उसने बच्ची को जन्म दिया था।
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