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हिसार रोड पर सीवरेज पाइप लाइन में तीन जगह से लीकेज, चार वार्ड प्रभावित
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lickese in siverage pipe line
- फोटो : Sirsa
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शहर के हिसार रोड पर दो दिन पहले सीवरेज पाइप लाइन में लीकेज होने से शहर के चार वार्डों में सीवरेज पानी बैक प्रेशर मारने लग गया। सीवरेज पाइप लाइन की लीकेज को ठीक करने के लिए बुधवार को जनस्वास्थ्य विभाग के ठेकेदार ने काम शुरू कर दिया। बुधवार शाम तक पाइप लीकेज को ठीक कर दिया गया। लेकिन पाइप लाइन पर मिट्टी डालने का काम वीरवार को भी जारी था। बता दें कि यह पाइप लाइन करीब 20 साल पुरानी है। पिछले एक साल यह चार से पांच बार टूट चुकी है। नई पाइप लाइन डालने का काम चल रहा था, लेकिन वन विभाग ने एनओसी न लेने पर करीब एक महीना पहले इसे बंद करवा दिया था।
शहर के वार्ड नंबर चार, पांच, सात व आठ के घरों की सीवरेज पानी की निकासी हिसार रोड पर सीवरेज पाइप लाइन से होती है। 31 दिसंबर को यह पाइप लाइन डॉ. मोहर सिंह अस्पताल के सामने से टूट गई। एक दिसंबर को जनस्वास्थ्य विभाग ने सुबह से मरम्मत का काम शुरू कर दिया, शाम तक पाइप लाइन की लीकेज को ठीक कर दिया गया। करीब पांच फुट के टुकड़े में यह तीन जगहों से टूट गई थी। वार्ड पार्षद मनोज मकानी ने बताया कि बुधवार रात को विभाग के ठेकेदार ने पाइप लाइन को एक बार चालू कर दिया। लेकिन पुरानी पाइप लाइन होने के कारण इसका लीकेज का भय बना हुआ है। अब वीरवार को इस पाइप लाइन पर मिट्टी डालने का काम किया जा रहा है। दो विभागों की खींचतान के कारण काम रुका हुआ है।
एनओसी न मिलने के कारण बंद पड़ा है काम,1080 मीटर लंबी पाइप लाइन डाली जानी है
चार वार्डों के लिए हिसार रोड पर खैरपुर डिस्पोजल से बाल भवन डिस्पोजल तक करीब 1080 मीटर लंबी पाइप लाइन डाली जानी है। लेकिन जनस्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए पहले एनओसी के लिए आवेदन नहीं किया। विभाग ने नेशनल हाईवे अथारिटी के बंद पड़े नाले में से 12 इंच पाइप लाइन डालने का काम शुरू कर दिया। करीब 600 फुट पाइप लाइन डाली गई थी कि नाले पर अतिक्रमण के कारण पाइप लाइन को वन विभाग की जमीन पर खुदाई करके डालना शुरू किया गया। वन विभाग की जमीन पर करीब 200 फुट पाइप लाइन ही डाली गई थी कि वन विभाग ने एनओसी न होने की वजह से काम बंद करवा दिया। तब जनस्वास्थ्य विभाग ने एनओसी के लिए आवेदन किया। लेकिन करीब एक महीने से एनओसी न मिलने के कारण काम बंद पड़ा है। जब तक वन विभाग से एनओसी नहीं मिलती तब तक ठेकेदार काम शुरू नहीं करेगा। यह प्रोजेक्ट करीब दो करोड़ रुपये का है।
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हमने करीब एक महीना पहले एनओसी के लिए आवेदन कर दिया है। चंडीगढ़ मुख्यालय ने स्थानीय वन विभाग के अधिकारियों को साइट का निरीक्षण करने के लिए कहा है। निरीक्षण के बाद वन विभाग बिल भेजेगा, बिल का भुगतान करने के बाद एनओसी मिल जाएगी।
-रोहताश, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग
पाइप लाइन ठीक कर दी गई है। इस पर मिट्टी डालने का काम चल रहा है। एनओसी के बिना काम शुरू नहीं किया जा सकता। क्योंकि नाले पर अतिक्रमण हुआ पड़ा है।
- ठेकेदार मानव।
एनओसी की प्रक्रिया में डेढ़ से दो महीने लग जाते हैं। कागजात पूर्ण हों तो जल्दी मिल जाती है।
-राम कुमार जांगडा, डीएफओ सिरसा।
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शहर के वार्ड नंबर चार, पांच, सात व आठ के घरों की सीवरेज पानी की निकासी हिसार रोड पर सीवरेज पाइप लाइन से होती है। 31 दिसंबर को यह पाइप लाइन डॉ. मोहर सिंह अस्पताल के सामने से टूट गई। एक दिसंबर को जनस्वास्थ्य विभाग ने सुबह से मरम्मत का काम शुरू कर दिया, शाम तक पाइप लाइन की लीकेज को ठीक कर दिया गया। करीब पांच फुट के टुकड़े में यह तीन जगहों से टूट गई थी। वार्ड पार्षद मनोज मकानी ने बताया कि बुधवार रात को विभाग के ठेकेदार ने पाइप लाइन को एक बार चालू कर दिया। लेकिन पुरानी पाइप लाइन होने के कारण इसका लीकेज का भय बना हुआ है। अब वीरवार को इस पाइप लाइन पर मिट्टी डालने का काम किया जा रहा है। दो विभागों की खींचतान के कारण काम रुका हुआ है।
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एनओसी न मिलने के कारण बंद पड़ा है काम,1080 मीटर लंबी पाइप लाइन डाली जानी है
चार वार्डों के लिए हिसार रोड पर खैरपुर डिस्पोजल से बाल भवन डिस्पोजल तक करीब 1080 मीटर लंबी पाइप लाइन डाली जानी है। लेकिन जनस्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए पहले एनओसी के लिए आवेदन नहीं किया। विभाग ने नेशनल हाईवे अथारिटी के बंद पड़े नाले में से 12 इंच पाइप लाइन डालने का काम शुरू कर दिया। करीब 600 फुट पाइप लाइन डाली गई थी कि नाले पर अतिक्रमण के कारण पाइप लाइन को वन विभाग की जमीन पर खुदाई करके डालना शुरू किया गया। वन विभाग की जमीन पर करीब 200 फुट पाइप लाइन ही डाली गई थी कि वन विभाग ने एनओसी न होने की वजह से काम बंद करवा दिया। तब जनस्वास्थ्य विभाग ने एनओसी के लिए आवेदन किया। लेकिन करीब एक महीने से एनओसी न मिलने के कारण काम बंद पड़ा है। जब तक वन विभाग से एनओसी नहीं मिलती तब तक ठेकेदार काम शुरू नहीं करेगा। यह प्रोजेक्ट करीब दो करोड़ रुपये का है।
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हमने करीब एक महीना पहले एनओसी के लिए आवेदन कर दिया है। चंडीगढ़ मुख्यालय ने स्थानीय वन विभाग के अधिकारियों को साइट का निरीक्षण करने के लिए कहा है। निरीक्षण के बाद वन विभाग बिल भेजेगा, बिल का भुगतान करने के बाद एनओसी मिल जाएगी।
-रोहताश, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग
पाइप लाइन ठीक कर दी गई है। इस पर मिट्टी डालने का काम चल रहा है। एनओसी के बिना काम शुरू नहीं किया जा सकता। क्योंकि नाले पर अतिक्रमण हुआ पड़ा है।
- ठेकेदार मानव।
एनओसी की प्रक्रिया में डेढ़ से दो महीने लग जाते हैं। कागजात पूर्ण हों तो जल्दी मिल जाती है।
-राम कुमार जांगडा, डीएफओ सिरसा।