फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   library in sirsa

गांव में युवाओं ने बनाई लाइब्रेरी, बिना किसी लाभ के शिक्षक आते हैं पढ़ाने

Sun, 29 Dec 2019 10:36 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 29 Dec 2019 10:36 PM IST
विज्ञापन
library in sirsa
library in sirsa - फोटो : Sirsa
जिले के गांव माधोसिंघाना में युवा क्लब द्वारा लाइब्रेरी चलाई जा रही है। लाइब्रेरी में गांव के ही शिक्षक बिना किसी निजी फायदे के बच्चों को पढ़ाने के लिए आते हैं। लाइब्रेरी में प्रतिदिन बच्चों की संख्या 50 के करीब रहती है।
विज्ञापन

गांव माधोसिंघाना में बीती 20 दिसंबर को युवाओं ने गांव में एक लाइब्रेरी की स्थापना की। युवा क्लब के प्रधान सुमित कुमार ने बताया कि लाइब्रेरी में गांव के सभी बच्चों के पढ़ने के लिए यहां पर व्यवस्था की गई है। इसका बच्चों से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता। वहीं लाइब्रेरी का नाम सुनकर बच्चों में एक उत्साह है और पहले ही दिन पहली से दसवीं कक्षा तक के बच्चे लाइब्रेरी में पहुंच गए। सुमित ने बताया कि पहले दिन जब लाइब्रेरी का उद्धाटन किया गया तो उस दिन करीब 60 बच्चे पढ़ने के लिए आ गए। लाइब्रेरी बनाने का निर्णय गांव के ही शिक्षक राजेंद्र का था। राजेंद्र ने बताया कि उनकी सोच थी घर पर बच्चों की पढ़ाई नहीं हो पाती अथवा बच्चे जब अकेले पढ़ते हैं तो विषयों में आने वाली समस्या के बारे में उनको बताने वाला कोई नहीं होता जिसके कारण अधिकतर बच्चे यह सोच कर किताबें छोड़ देते हैं कि वह स्कूल में जाकर इसकी तैयारी करेंगे। राजेंद्र ने बताया कि उन्होंने सोचा और गांव के सरपंच से इस बारे में बात कर एक लाइब्रेरी की स्थापना की जहां पर सभी बच्चे आकर अपनी पढ़ाई कर सकेंगे।
विज्ञापन

निजी स्कूल कर रहे हैं सहायता
गांव में इस पहल को आगे बढ़ाने के लिए गांव के अध्यापक अपने बिना किसी स्वार्थ के बच्चों को पढ़ाने के लिए आ रहे हैं। वहीं गांव के निजी स्कूल भी युवाओं की सहायता कर रहे हैं। गांव के निजी स्कूल लाइब्रेरी में पोस्टर, किताबें तक भिजवा रहे हैं। गांव के ही शिक्षक भारत भूषण धायल, मुकेश, बंसीलाल, सतपाल तथा राजेंद्र पूरे दिन में अपना कुछ समय निकालकर लाइब्रेरी में आते हैं और बच्चों को पढ़ाते हैं। शिक्षक भारत भूषण धायल तथा नरेश यादव ने बताया कि गांव में लाइब्रेरी बनने के बाद बच्चे अपनी समस्याएं लेकर आ रहे हैं और यहां आकर बच्चे अपनी पढ़ाई भी कर रहे हैं। वहीं गांव के सरपंच पवन बैनीवाल ने इसको एक सराहनीय कदम बताया और कहा कि आज का युवा अपने बारे में ना सोचकर अपने समाज, अपने गांव के बारे में सोच रहा है। इस लाइब्रेरी में किसी का निजी कोई फायदा नहीं है, बस युवाओं की एक मेहनत है कि वह पढ़ने वाले बच्चों के लिए जो कुछ कर सकते हैं वह कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed