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Sirsa News: वकीलों का वर्क सस्पेंड, सात हजार केसों में नहीं हुई न्यायालयों में सुनवाई
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। सिविल लाइन थाना पुलिस के द्वारा दो अधिवक्ताओं पर दर्ज की गई एफआईआर के विरोध में पिछले 10 दिनों से जिला बार एसोसिएशन ने वर्क सस्पेंड रखा हुआ है। इसके चलते न्यायालयों में कोई भी वकील सुनवाई के लिए पेश नहीं हो रहा। 10 दिनों से विभिन्न न्यायालयों में करीब सात हजार केसों में सुनवाई हो पाई। जो लोग अपने मामलों की सुनवाई को लेकर न्यायालय पहुंचे, उन्हें अगली तारीख लेकर लौटना पड़ा रहा है।
वकीलों की पुलिस प्रशासन से मांग है कि दर्ज एफआईआर रद्द की जाए। इस संबंध में जिला बार एसोसिएशन का प्रतिनिधि मंडल पुलिस अधीक्षक उदय सिंह मीणा से मिला था। पुलिस अधीक्षक ने जांच कराने के बाद उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था। पुलिस अधीक्षक उदय सिंह मीणा का कहना है कि जांच अधिकारी की ओर से जांच के उपरांत एफआईआर कैंसिल की रिपोर्ट दी जा चुकी है। बार एसोसिएशन का कहना है कि जब तक रिपोर्ट कोर्ट में पेश नहीं की जाती वर्क सस्पेंड रखा जाएगा। गौरतलब है कि इस मामले को लेकर गत दिवस बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश वाणी गोपाल शर्मा से भी मुलाकात की थी।
आठ अप्रैल को पुलिस ने दर्ज की थी एफआईआर
बता दें कि 8 अप्रैल को सिविल लाइन थाना पुलिस ने अधिवक्ता दिनेश टांटिया, पवन टांटिया व 4 अन्य वकीलों के खिलाफ विभिन्न आपराधिक धाराओं व एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। पुलिस ने उक्त कार्रवाई गांव गिलाखेड़ा निवासी महेंद्र सिंह वाल्मीकि की शिकायत पर की थी।
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पुलिस प्रशासन की ओर से एसोसिएशन को बताया गया है कि एफआईआर कैंसिल कर दी गई है, लेकिन जब तक रिपोर्ट न्यायालय समक्ष पेश नहीं की जाती वर्क सस्पेंड रखा जाएगा। उम्मीद है पुलिस जल्द ही एफआईआर कैंसिल रिपोर्ट कोर्ट में पेश कर देगी। आशा है कि सोमवार से कामकाज शुरू हो जाएगा। -एडवोकेट प्रयागराज,सचिव बार एसोसिएशनसिरसा।
आरोपियों पर दर्ज एफआईआर को जांच अधिकारी द्वारा जांच पूरी करने के बाद कैंसिल कर दिया गया है। इसकी रिपोर्ट जांच अधिकारी की ओर से भेजी जा चुकी है।-उदय सिंह मीणा,पुलिस अधीक्षक सिरसा।
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सिरसा। सिविल लाइन थाना पुलिस के द्वारा दो अधिवक्ताओं पर दर्ज की गई एफआईआर के विरोध में पिछले 10 दिनों से जिला बार एसोसिएशन ने वर्क सस्पेंड रखा हुआ है। इसके चलते न्यायालयों में कोई भी वकील सुनवाई के लिए पेश नहीं हो रहा। 10 दिनों से विभिन्न न्यायालयों में करीब सात हजार केसों में सुनवाई हो पाई। जो लोग अपने मामलों की सुनवाई को लेकर न्यायालय पहुंचे, उन्हें अगली तारीख लेकर लौटना पड़ा रहा है।
वकीलों की पुलिस प्रशासन से मांग है कि दर्ज एफआईआर रद्द की जाए। इस संबंध में जिला बार एसोसिएशन का प्रतिनिधि मंडल पुलिस अधीक्षक उदय सिंह मीणा से मिला था। पुलिस अधीक्षक ने जांच कराने के बाद उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था। पुलिस अधीक्षक उदय सिंह मीणा का कहना है कि जांच अधिकारी की ओर से जांच के उपरांत एफआईआर कैंसिल की रिपोर्ट दी जा चुकी है। बार एसोसिएशन का कहना है कि जब तक रिपोर्ट कोर्ट में पेश नहीं की जाती वर्क सस्पेंड रखा जाएगा। गौरतलब है कि इस मामले को लेकर गत दिवस बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश वाणी गोपाल शर्मा से भी मुलाकात की थी।
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आठ अप्रैल को पुलिस ने दर्ज की थी एफआईआर
बता दें कि 8 अप्रैल को सिविल लाइन थाना पुलिस ने अधिवक्ता दिनेश टांटिया, पवन टांटिया व 4 अन्य वकीलों के खिलाफ विभिन्न आपराधिक धाराओं व एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। पुलिस ने उक्त कार्रवाई गांव गिलाखेड़ा निवासी महेंद्र सिंह वाल्मीकि की शिकायत पर की थी।
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पुलिस प्रशासन की ओर से एसोसिएशन को बताया गया है कि एफआईआर कैंसिल कर दी गई है, लेकिन जब तक रिपोर्ट न्यायालय समक्ष पेश नहीं की जाती वर्क सस्पेंड रखा जाएगा। उम्मीद है पुलिस जल्द ही एफआईआर कैंसिल रिपोर्ट कोर्ट में पेश कर देगी। आशा है कि सोमवार से कामकाज शुरू हो जाएगा। -एडवोकेट प्रयागराज,सचिव बार एसोसिएशनसिरसा।
आरोपियों पर दर्ज एफआईआर को जांच अधिकारी द्वारा जांच पूरी करने के बाद कैंसिल कर दिया गया है। इसकी रिपोर्ट जांच अधिकारी की ओर से भेजी जा चुकी है।-उदय सिंह मीणा,पुलिस अधीक्षक सिरसा।