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Sirsa News: करवा चौथ आज, सुहागिनें रखेगी निर्जला व्रत, चांद का रहेगा इंतजार
Wed, 28 Oct 2026 11:00 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Wed, 28 Oct 2026 11:00 PM IST
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सिरसा। करवे व पूजा की सामग्री खरीदती हुए महिलाएं। संवाद
- शहर में 8:18 पर निकलेगा चांद, शाम 5:46 से 7:04 बजे तक पूजा का शुभ मुहूर्त
फोटो - 41 से 45 व 47
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। पति की लंबी उम्र, परिवार की सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना को लेकर सुहागिनें वीरवार को करवा चौथ का निर्जल व्रत रखेंगी। रात को लगभग आठ बजकर 18 मिनट पर चंद्रमा को अर्घ्य देने के साथ ही व्रत का पारण होगा। बुधवार को महिलाओं ने दिन भर व्रत की तैयारियां कीं।
कई महिलाओं ने मंदिरों में करवा चौथ की कथा सुनने को लेकर तैयारियां की। ग्रामीण क्षेत्रों में भी महिलाओं ने व्रत की कथा सुनने के लिए पंडितों और पंडिताइन को घरों में आमंत्रित किया है।
पंडित कैलाश शर्मा ने बताया कि भारतीय संस्कृति में विवाहित महिलाओं के लिए करवा चौथ का विशेष धार्मिक महत्व है। महिलाएं सूर्योदय से पहले सरगी ग्रहण कर व्रत शुरू करती हैं और दिनभर भोजन व जल का त्याग करती हैं।
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शाम को पूजा-अर्चना और व्रत कथा के बाद चंद्रमा के दर्शन कर व्रत का पारण किया जाता है। छलनी से चंद्र दर्शन और पति के हाथ से जल ग्रहण करने की परंपरा इस पर्व को विशेष बनाती है। उन्होंने कहा कि करवा चौथ पति-पत्नी के प्रेम, विश्वास और पारिवारिक संबंधों का प्रतीक भी है।
उन्होंने बताया कि शाम की पूजा के लिए करवा, जल, दीपक, रोली, अक्षत, फूल, मिठाई, फल और छलनी तैयार रखनी चाहिए। शुभ मुहूर्त में भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश और करवा माता की पूजा कर व्रत कथा सुननी चाहिए।
शहर में शाम 5:46 से 7:04 बजे तक पूजा का मुहूर्त
शहर में करवा चौथ पर चंद्रोदय का अनुमानित समय रात 8:18 बजे बताया गया है। वहीं, पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:46 बजे से 7:04 बजे तक रहेगा।
चांद दिखने के बाद ही खोलें व्रत : पंडित कैलाश शर्मा
पंडित कैलाश शर्मा ने बताया कि करवा चौथ पर चंद्रमा के वास्तविक दर्शन के बाद अर्घ्य देकर व्रत खोलना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल घड़ी में चंद्रोदय का अनुमानित समय देखकर चांद निकलने की पुष्टि नहीं करनी चाहिए। यदि निर्धारित समय पर चंद्रमा दिखाई न दे तो कुछ देर प्रतीक्षा करें। चांद दिखने पर छलनी से चंद्र दर्शन कर जल अर्पित करें और परंपरा के अनुसार पति का चेहरा देखकर उनके हाथ से जल ग्रहण कर व्रत का पारण करें।
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फोटो - 41 से 45 व 47
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। पति की लंबी उम्र, परिवार की सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना को लेकर सुहागिनें वीरवार को करवा चौथ का निर्जल व्रत रखेंगी। रात को लगभग आठ बजकर 18 मिनट पर चंद्रमा को अर्घ्य देने के साथ ही व्रत का पारण होगा। बुधवार को महिलाओं ने दिन भर व्रत की तैयारियां कीं।
कई महिलाओं ने मंदिरों में करवा चौथ की कथा सुनने को लेकर तैयारियां की। ग्रामीण क्षेत्रों में भी महिलाओं ने व्रत की कथा सुनने के लिए पंडितों और पंडिताइन को घरों में आमंत्रित किया है।
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पंडित कैलाश शर्मा ने बताया कि भारतीय संस्कृति में विवाहित महिलाओं के लिए करवा चौथ का विशेष धार्मिक महत्व है। महिलाएं सूर्योदय से पहले सरगी ग्रहण कर व्रत शुरू करती हैं और दिनभर भोजन व जल का त्याग करती हैं।
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शाम को पूजा-अर्चना और व्रत कथा के बाद चंद्रमा के दर्शन कर व्रत का पारण किया जाता है। छलनी से चंद्र दर्शन और पति के हाथ से जल ग्रहण करने की परंपरा इस पर्व को विशेष बनाती है। उन्होंने कहा कि करवा चौथ पति-पत्नी के प्रेम, विश्वास और पारिवारिक संबंधों का प्रतीक भी है।
उन्होंने बताया कि शाम की पूजा के लिए करवा, जल, दीपक, रोली, अक्षत, फूल, मिठाई, फल और छलनी तैयार रखनी चाहिए। शुभ मुहूर्त में भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश और करवा माता की पूजा कर व्रत कथा सुननी चाहिए।
शहर में शाम 5:46 से 7:04 बजे तक पूजा का मुहूर्त
शहर में करवा चौथ पर चंद्रोदय का अनुमानित समय रात 8:18 बजे बताया गया है। वहीं, पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:46 बजे से 7:04 बजे तक रहेगा।
चांद दिखने के बाद ही खोलें व्रत : पंडित कैलाश शर्मा
पंडित कैलाश शर्मा ने बताया कि करवा चौथ पर चंद्रमा के वास्तविक दर्शन के बाद अर्घ्य देकर व्रत खोलना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल घड़ी में चंद्रोदय का अनुमानित समय देखकर चांद निकलने की पुष्टि नहीं करनी चाहिए। यदि निर्धारित समय पर चंद्रमा दिखाई न दे तो कुछ देर प्रतीक्षा करें। चांद दिखने पर छलनी से चंद्र दर्शन कर जल अर्पित करें और परंपरा के अनुसार पति का चेहरा देखकर उनके हाथ से जल ग्रहण कर व्रत का पारण करें।