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Sirsa News: पिता की राह पर कर्ण चौटाला, जिला परिषद चेयरमैनी के बाद अब रानियां विधानसभा से कर सकते हैं हरियाणा की राजनीति में एंट्री

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 23 Dec 2022 11:33 PM IST
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Karan Chautala, who is on the path of his father, can now enter Haryana politics from The Legislative Assembly after taking over as Zila Parishad Chairman
जिला परिषद चेयरमैन के चुनाव के दौरान बाहर एकत्रित समर्थक। - फोटो : Sirsa
सिरसा। जिला परिषद की चेयरमैनी पर इनेलो ने अपना कब्जा बरकरार रखा है। 24 सीट वाली जिला परिषद के चेयरमैनी के चुनाव में दो निर्दलीय पार्षदों के सहारे कर्ण चौटाला ने जीत हासिल की। साथ ही पार्टी के वोट दिलवाकर निर्दलीय पार्षद को वाइस चेयरमैन का वादा भी इनेलो ने निभाया। अब कर्ण चौटाला पिता अभय सिंह चौटाला की राह पर चलते हुए जिला परिषद चेयरमैनी के बाद रानियां विधानसभा सीट से हरियाणा की राजनीति में एंट्री कर सकते हैं।
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शुक्रवार को हुए जिला परिषद चेयरमैन और वाइस चेयरमैन के चुनाव में 24 सदस्य आने थे। हालांकि 19 ने ही उपस्थिति दर्ज की। इनमें इनेलो के 10, दो निर्दलीय प्रत्याशी, एक भाजपा समर्थित और 6 सदस्य आम आदमी पार्टी के रहे। हालांकि कोरम अनुसार 16 सदस्यों की उपस्थिति अनिवार्य थी। कर्ण सिंह चौटाला को 12 वोट मिले, जबकि आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार गुरभेज सिंह को अपने सदस्यों के ही 6 वोट मिले। जबकि भाजपा समर्थित निर्दलीय के रूप में जीतकर आए ओमप्रकाश को केवल एक ही वोट मिला। इससे स्पष्ट है कि निर्दलीय दो पार्षदों ने इनेलो को समर्थन दिया और चेयरमैनी सौंप दी। इसी प्रकार इनेलो ने भी चेयरमैनी के बदले निर्दलीय पार्षद के रूप में जीतकर आई मीना रानी को वाइस चेयरमैन बनाने के लिए अपने वोट दिए। साथ ही भाजपा समर्थित ओमप्रकाश का भी मत वाइस चेयरमैन को मिला है। संवाद
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पिता की राह पर कर्ण चौटाला
इनेलो के प्रधान महासचिव अभय सिंह चौटाला ने 2 मई 2000 को जिला परिषद की चेयरमैनी संभाली। इसके बाद वे विधायक बने। इसी प्रकार अब उनके बेटे कर्ण चौटाला भी जिला परिषद के वाइस चेयरमैन रह चुके हैं और अब चेयरमैनी भी हासिल कर ली है। अब कहा जा रहा है कि कर्ण चौटाला भी हरियाणा की राजनीति में उतर सकते हैं। कर्ण चौटाला जिला परिषद के वार्ड नंबर 6 रानियां क्षेत्र से जीतकर आए हैं। अब उम्मीद है कि वे आगामी विधानसभा चुनावों में रानियां से ही मैदान में उतरकर विधानसभा का रास्ता नापने की तैयारी करेंगे। क्योंकि इनेलो का वोट बैंक रानियां क्षेत्र में अच्छा खासा माना जाता है।
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गैरहाजिर रहने वालों पर उठ रहे सवाल, भाजपा नाराज
जिला परिषद चुनाव में जो गैर हाजिर रहे, उनमें अधिकतर भाजपा समर्थित हैं। ऐसे में भाजपा उनसे खासी नाराज भी है। हालांकि गैर हाजिर रहने वालों में जननानयक जनता पार्टी के भी समर्थित हैं। अब सवाल उठ रहे कि गैरहाजिर रहने वालों ने अप्रत्यक्ष रूप से इनेलो को जीत हासिल करने में सहायता की है। क्योंकि यदि वे चुनाव में भाग लेेकर खिलाफ वोटिंग करते तो इनेलो की राह आसान नहीं होती। अब भाजपा अपने समर्थित पार्षदों से नाराज हो गई है। चेयरमैनी के चुनाव में मैदान में आकर हार का सामना करने वाले ओम प्रकाश कहते हैं कि जो बिलों में छिप जाए, उन्हें चुनाव नहीं लड़ना चाहिए।
भाजपा रही अकेली, फिर भी सीना तानकर ठोकी दावेदारी
बेशक, भाजपा का केवल एक पार्षद उपस्थित हुआ और चेयरमैनी के लिए मैदान में भी आया। भाजपा को हालांकि मालूम था कि जीत नहीं सकते, फिर भी मैदान में आए, लेकिन जो नहीं आए उन्हें लेकर अब सवाल उठ रहे हैं। क्योंकि यदि वे आकर चुनाव में भाग लेकर आते तो इनेलो के खिलाफ वोटिंग तो जरूर करते।
आप जिलाध्यक्ष बोले, हौसला डिगा नहीं, अब विपक्ष में बैठेंगे
हमारे छह पार्षद हैं। चेयरमैन के लिए मैदान में भी उम्मीदवार खड़ा किया था। जनता ने हमें चुना है। हमारा प्रयास था कि निर्दलीय के सहारे हम काम करें, लेकिन सभी पार्टियों का गठजोड़ जगजाहिर हो गया है। हाजिर और गैर हाजिर रहकर रणनीति अपना गए। अब हम विपक्ष में बैठेंगे। हमारा एक भी पार्षद धनबल से वे डिगा नहीं पाए।
-वीरेंद्र सिंह एडवोकेट, जिलाध्यक्ष आम आदमी पार्टी।
भाजपा जिलाध्यक्ष बोले: पार्टी ने लड़ा है चुनाव, जो नहीं आए, जनता को दें जवाब
हमारे सिंबल पर नहीं था कोई। हमारा उम्मीदवार मैदान में था। फिर भी भाजपा ने मैदान में आकर चुनाव लड़ा है और हमारा उम्मीदवार अड़कर खड़ा था। जो जीता है वह जनता के प्रति जवाबदेह है। अब जो नहीं आए, उन्हें जनता को जवाब देना होगा।
-आदित्य चौटाला, भाजपा जिलाध्यक्ष, सिरसा।
इनेलो जिलाध्यक्ष बोले: हमारा कब्जा बरकरार है
जिला परिषद पर 20 साल से इनेलो का कब्जा बरकरार है। पहले दुष्यंत चौटाला वाइस चेयरमैन रहे हैं और अब चेयरमैन बने हैं। अब जो भी विकास कार्य को लेकर और काम करेंगे। अब जो भी बकाया काम है, उन्हें पूरा करवाने का काम करेंगे।

-कश्मीर सिंह करीवाला, जिलाध्यक्ष इनेलो।
जिला परिषद के चुनाव में मिली जीत में सभी का योगदान है। पार्टी के कार्यकर्ताओं और पार्षदों ने पूरी निष्ठा हमारे प्रति व्यक्त की है। अब मेरा दायित्व है कि लोगों के विश्वास पर खरा उतरूं। विकास कार्यों को बढ़ावा दिया जाएगा। सरकार से लंबित कार्यों को पास कराना प्राथमिकता है। इस जीत के लिए सभी का धन्यवाद। यह आमजन की जीत है।
-नवनिर्वाचित चेयरमैन कर्ण चौटाला
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