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Sirsa News: भ्रष्टाचार की आई शिकायत तो जेई को डबवाली वापस भेजा
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सिरसा। नगर परिषद में भ्रष्टाचार की परतें एक-एक कर खुलने लगी हैं। चेयरमैन वीर शांति स्वरूप ने सख्त रुख अपनाते हुए भ्रष्टाचार में लिप्त कर्मचारियों पर नकेल कसनी शुरू कर दी है। भवन निर्माण में नोटिस देने जैसी शिकायतों के बाद नगर परिषद के एक जेई को उसके मूल कार्यस्थल डबवाली भेज दिया गया, जबकि एक क्लर्क का तबादला कर दिया गया है।
चेयरमैन ने साफ कहा कि नगर परिषद में भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं है और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी। दरअसल, नगर परिषद के दायरे में बड़े स्तर पर भवन निर्माण चल रहा है। 70 प्रतिशत से ज्यादा भवन निर्माण नियम के विरूद्ध चल रहा है। इस पर नगर परिषद के अधिकारियों ने नोटिस बांटने की कार्रवाई शुरू कर दी थी और 30 से ज्यादा भवन मालिकों को नोटिस जारी किए थे।
साथ ही अधिकारियों ने 12 भवनों की सूची तैयार कर सीलिंग के लिए कार्रवाई शुरू कर दी थी। 55 दुकानें अवैध तरीके से काटने मामले में भी सीलिंग नोटिस तैयार हो चुका है। ऐसे में इस कार्रवाई को शुरू करने वाले नगर परिषद के जेई पर नोटिस के एवज में पैसे मांगने की शिकायत चेयरमैन को की जाती है। नगर परिषद चेयरमैन ने उच्चाधिकारियों से बात कर संबंधित जेई का सिरसा का एडिशनल चार्ज रद्द कर दिया गया। रद्द करने के बाद जेई का डबवाली ज्वाइन करने के आदेश कर दिए गए।
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कौन करेगा अवैध निर्माण पर कार्रवाई
नगर परिषद के अवैध निर्माण पर कार्रवाई करने के लिए पहले भी संबंधित जेई का डबवाली ट्रांसफर हुआ था। जेई की ओर से 100 अवैध निर्माण करने वाले भवनों को नोटिस जारी किया गया था। नोटिस जारी करने के बाद राजनीतिक लोगों में हलचल मंच गई। राजनीतिक तौर पर वर्चस्व रखने वालों ने कार्रवाई नहीं करने के आदेश दिए। इसके बाद संबंधित जेई डबवाली आदेश करवा दिए गए हैं। एक साल तक कोई नोटिस भवन मालिकों को नहीं दिया गया है। कई राजनीतिक वर्चस्व वाले लोगों ने बाजारों से लेकर अन्य एरिया में बड़े स्तर पर अवैध निर्माण किया। ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि नगर परिषद के दायरे में अवैध निर्माण पर कौन कार्रवाई करेगा। जबकि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी अवैध निर्माण पर कार्रवाई करने के आदेश दिए गए थे।
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भ्रष्टाचार को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जेई की शिकायत मिलने के बाद उन्हें अपने मूल स्थान पर वापस भेज दिया गया है। हमें नगर परिषद को भ्रष्टाचार मुक्त बनाना है। अवैध निर्माण पर कार्रवाई जारी रहेगी, लोगों से अपील है कि वे नक्शा पास करवाकर नियमानुसार कार्रवाई करें।
- वीर शांति स्वरूप, चेयरमैन, नगर परिषद।
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चेयरमैन ने साफ कहा कि नगर परिषद में भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं है और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी। दरअसल, नगर परिषद के दायरे में बड़े स्तर पर भवन निर्माण चल रहा है। 70 प्रतिशत से ज्यादा भवन निर्माण नियम के विरूद्ध चल रहा है। इस पर नगर परिषद के अधिकारियों ने नोटिस बांटने की कार्रवाई शुरू कर दी थी और 30 से ज्यादा भवन मालिकों को नोटिस जारी किए थे।
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साथ ही अधिकारियों ने 12 भवनों की सूची तैयार कर सीलिंग के लिए कार्रवाई शुरू कर दी थी। 55 दुकानें अवैध तरीके से काटने मामले में भी सीलिंग नोटिस तैयार हो चुका है। ऐसे में इस कार्रवाई को शुरू करने वाले नगर परिषद के जेई पर नोटिस के एवज में पैसे मांगने की शिकायत चेयरमैन को की जाती है। नगर परिषद चेयरमैन ने उच्चाधिकारियों से बात कर संबंधित जेई का सिरसा का एडिशनल चार्ज रद्द कर दिया गया। रद्द करने के बाद जेई का डबवाली ज्वाइन करने के आदेश कर दिए गए।
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कौन करेगा अवैध निर्माण पर कार्रवाई
नगर परिषद के अवैध निर्माण पर कार्रवाई करने के लिए पहले भी संबंधित जेई का डबवाली ट्रांसफर हुआ था। जेई की ओर से 100 अवैध निर्माण करने वाले भवनों को नोटिस जारी किया गया था। नोटिस जारी करने के बाद राजनीतिक लोगों में हलचल मंच गई। राजनीतिक तौर पर वर्चस्व रखने वालों ने कार्रवाई नहीं करने के आदेश दिए। इसके बाद संबंधित जेई डबवाली आदेश करवा दिए गए हैं। एक साल तक कोई नोटिस भवन मालिकों को नहीं दिया गया है। कई राजनीतिक वर्चस्व वाले लोगों ने बाजारों से लेकर अन्य एरिया में बड़े स्तर पर अवैध निर्माण किया। ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि नगर परिषद के दायरे में अवैध निर्माण पर कौन कार्रवाई करेगा। जबकि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी अवैध निर्माण पर कार्रवाई करने के आदेश दिए गए थे।
भ्रष्टाचार को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जेई की शिकायत मिलने के बाद उन्हें अपने मूल स्थान पर वापस भेज दिया गया है। हमें नगर परिषद को भ्रष्टाचार मुक्त बनाना है। अवैध निर्माण पर कार्रवाई जारी रहेगी, लोगों से अपील है कि वे नक्शा पास करवाकर नियमानुसार कार्रवाई करें।
- वीर शांति स्वरूप, चेयरमैन, नगर परिषद।