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हरियाणा: जगदीश सिंह झींडा बोले- मैं ही एचजीपीसी का प्रधान हूं, दादूवाल अपनी भाषा को ठीक रखें
Fri, 30 Sep 2022 01:31 AM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Fri, 30 Sep 2022 01:31 AM IST
सार
उन्होंने कहा कि मेरे साथ कमेटी के 33 और दादूवाल के साथ केवल तीन मेंबर है। प्रधान जगदीश सिंह झींडा ने कहा कि हरियाणा की कमेटी बनाने के लिए लंबा संघर्ष किया गया। इसके बाद हरियाणा की अलग कमेटी बन गई।
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प्रेसवार्ता के दौरान बातचीत करते गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान जगदीश झींडा।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान जगदीश सिंह झींडा ने जत्थेदार बलजीत सिंह दादूवाल पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने कहा कि मैं ही एचजीपीसी का प्रधान हूं, दादूवाल अपनी भाषा को ठीक रखें। सिरसा के सूरतगढ़िया बाजार स्थित गुरुद्वारा श्री दसवीं पातशाही में पत्रकार वार्ता में प्रधान जगदीश सिंह झींडा ने कहा कि दादूवाल साहब का हक बनता है कि वे प्रधान खुद को कह सकते हैं।
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ये लोकतांत्रिक अधिकार है। झींडा ने कहा कि वे बीमार हुए थे, तब कार्यकारी प्रधान दादूवाल को चुन लिया गया। हालांकि इलेक्शन मीटिंग में इस्तीफा हाउस में रखा गया, लेकिन वह मंजूर ही नहीं हुआ। सुप्रीम कोर्ट तक कागजों में उन्हें ही प्रधान लिखा गया। स्पष्ट तौर पर बता रहा हूं, प्रधान मैं ही हूं। मेरे साथ कमेटी के 33 सदस्य हैं, जबकि दादूवाल साहब के साथ तीन ही सदस्य हैं। इसलिए दादूवाल साहब अपनी भाषा को ठीक रखें।
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प्रधान जगदीश सिंह झींडा ने कहा कि हरियाणा की कमेटी बनाने के लिए लंबा संघर्ष किया गया। इसके बाद हरियाणा की अलग कमेटी बन गई, जिसको लेकर समूची सिख संगत ने प्रसन्नता व्यक्त की है। हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की नींव तो बहुत पहले ही रखी गई थी, जबकि कानूनी मान्यता कुछ दिन पहले मिली है। हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के लिए कानूनी लड़ाई भी आठ सालों से चल रही थी।
100 से ज्यादा गुरुद्वारा होंगे कमेटी के तहत
प्रधान झींडा ने कहा कि अगर हम ऑफ द रिकार्ड बात करें, तो प्रदेश में 100 से ज्यादा गुरुद्वारा एवं गुरुघर होंगे, जोकि हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के तहत आएंगे। वर्ष 2014 में कांग्रेस सरकार ने हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का गठन किया था और एचएसजीपीसी एक्ट को मंजूरी दी गई। अब शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने गुरुद्वारों की निशानदेही करनी है।