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Sirsa News: दमदमा में धंसने लगी तीन महीने पहले बनाई इंटरलॉकिंग सड़क, ग्रामीण गुस्से में, घटिया निर्माण कार्य करने का लगाया आरोप
Sun, 01 Dec 2024 11:50 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sun, 01 Dec 2024 11:50 PM IST
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तीन माह पहले बनाई गांव की धंसी हुई सड़क। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
रानियां। गांव दमदमा में तीन माह पहले ही फिरनी पर इंटरलॉकिंग की सड़क बनाई गई थी। यह कई जगह से टूट गई है और कुछ जगह पर धंस गई है। इसको लेकर अधिकारियों से लेकर पंचायत तक सुनवाई नहीं कर रही। ऐसे में रविवार को ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
ग्रामीण गुरदीप सिंह, सुखदीप सिंह, दलबीर सिंह, दारा सिंह, दीपा सिंह हल्लवाई, कुलवंत कौर, परमजीत कौर सहित अन्य ने बताया कि सड़क का निर्माण अप्रैल में किया गया था। जुलाई में हुई बारिश के साथ ही सड़क साइडों से टूट गई। ठेकेदार ने सड़क निर्माण का कार्य नियमानुसार नहीं किया। सड़क के साथ बनाई जाने वाली दीवार को लेकर खानापूर्ति की गई। इस कारण सड़क जगह-जगह से टूट गई है और गड्ढे हो गए हैं।
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यह लगाए आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा कि सड़क निर्माण के दौरान कोई भी अधिकारी निरीक्षण करने के लिए नहीं पहुंचा। निर्माण के समय रोलर नहीं चलाया गया। इससे पत्थरों का ठीक से जमाव नहीं हुआ। मिट्टी का ज्यादा प्रयोग करने के कारण सड़क जगह-जगह से धंस रही है। सड़क को बांधे रखने वाली दीवार में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया।
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सरपंच से लेकर ठेकेदार तक नहीं की सुनवाई
ग्रामीणों ने कहा कि बारिश के बाद जैसे ही सड़क टूटने लगी तो सबसे पहले ठेकेदार को फोन कर जानकारी दी। ठेकेदार ने कहा कि ऑनलाइन टेंडर के अनुसार सड़क का निर्माण किया गया है। इसके बाद सरपंच को मौका निरीक्षण करवाया गया। सरपंच ने इस मामले में कोई गंभीरता नहीं दिखाई। इससे साबित होता है कि सब ने मिलकर भ्रष्टाचार किया है। प्रशासन से मांग की कि मामले की जांच की कर सड़क निर्माण दोबारा करवाया जाए।
यह है नियम
सड़क निर्माण के बाद मौके पर साइन बोर्ड लगाया जाता है कि संबंधित विभाग और ठेकेदार ने कार्य किया है। इसमें इतने लाख रुपये का खर्च आया है और ठेकेदार द्वारा इतने समय तक सड़क दुरुस्त की जाएगी। कम से कम एक वर्ष या दो वर्ष तक ठेकेदार की जिम्मेदारी होती है कि वह सड़क खराब होने पर दुरुस्त करें, नहीं तो विभाग उसकी सिक्योरिटी राशि से पैसा काटकर सड़क दुरुस्त करवाता है।
वर्जन
ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत टेंडर दिया गया था। इसमें ग्राम पंचायत का कोई हस्तक्षेप नहीं हाता है। बारिश में यह सड़क टूट गई है, इसकी जानकारी है। इस मामले में अधिकारियों और ठेकेदार से बातचीत कर दुरुस्त करवाया जाएगा। यदि ठेकेदार काम नहीं करता है तो ग्राम पंचायत के फंड से ठीक करवाई जाएगी। -गुरमुख सिंह, सरपंच प्रतिनिधि दमदमा।
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रानियां। गांव दमदमा में तीन माह पहले ही फिरनी पर इंटरलॉकिंग की सड़क बनाई गई थी। यह कई जगह से टूट गई है और कुछ जगह पर धंस गई है। इसको लेकर अधिकारियों से लेकर पंचायत तक सुनवाई नहीं कर रही। ऐसे में रविवार को ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
ग्रामीण गुरदीप सिंह, सुखदीप सिंह, दलबीर सिंह, दारा सिंह, दीपा सिंह हल्लवाई, कुलवंत कौर, परमजीत कौर सहित अन्य ने बताया कि सड़क का निर्माण अप्रैल में किया गया था। जुलाई में हुई बारिश के साथ ही सड़क साइडों से टूट गई। ठेकेदार ने सड़क निर्माण का कार्य नियमानुसार नहीं किया। सड़क के साथ बनाई जाने वाली दीवार को लेकर खानापूर्ति की गई। इस कारण सड़क जगह-जगह से टूट गई है और गड्ढे हो गए हैं।
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यह लगाए आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा कि सड़क निर्माण के दौरान कोई भी अधिकारी निरीक्षण करने के लिए नहीं पहुंचा। निर्माण के समय रोलर नहीं चलाया गया। इससे पत्थरों का ठीक से जमाव नहीं हुआ। मिट्टी का ज्यादा प्रयोग करने के कारण सड़क जगह-जगह से धंस रही है। सड़क को बांधे रखने वाली दीवार में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया।
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सरपंच से लेकर ठेकेदार तक नहीं की सुनवाई
ग्रामीणों ने कहा कि बारिश के बाद जैसे ही सड़क टूटने लगी तो सबसे पहले ठेकेदार को फोन कर जानकारी दी। ठेकेदार ने कहा कि ऑनलाइन टेंडर के अनुसार सड़क का निर्माण किया गया है। इसके बाद सरपंच को मौका निरीक्षण करवाया गया। सरपंच ने इस मामले में कोई गंभीरता नहीं दिखाई। इससे साबित होता है कि सब ने मिलकर भ्रष्टाचार किया है। प्रशासन से मांग की कि मामले की जांच की कर सड़क निर्माण दोबारा करवाया जाए।
यह है नियम
सड़क निर्माण के बाद मौके पर साइन बोर्ड लगाया जाता है कि संबंधित विभाग और ठेकेदार ने कार्य किया है। इसमें इतने लाख रुपये का खर्च आया है और ठेकेदार द्वारा इतने समय तक सड़क दुरुस्त की जाएगी। कम से कम एक वर्ष या दो वर्ष तक ठेकेदार की जिम्मेदारी होती है कि वह सड़क खराब होने पर दुरुस्त करें, नहीं तो विभाग उसकी सिक्योरिटी राशि से पैसा काटकर सड़क दुरुस्त करवाता है।
वर्जन
ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत टेंडर दिया गया था। इसमें ग्राम पंचायत का कोई हस्तक्षेप नहीं हाता है। बारिश में यह सड़क टूट गई है, इसकी जानकारी है। इस मामले में अधिकारियों और ठेकेदार से बातचीत कर दुरुस्त करवाया जाएगा। यदि ठेकेदार काम नहीं करता है तो ग्राम पंचायत के फंड से ठीक करवाई जाएगी। -गुरमुख सिंह, सरपंच प्रतिनिधि दमदमा।

तीन माह पहले बनाई गांव की धंसी हुई सड़क। संवाद