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निजी स्कूल आरटीई की अभिभावकों को दे रहे गलत जानकारी, विभाग ने दिए कार्रवाई के निर्देश
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सिरसा। आरटीई यानी शिक्षा का अधिकार के तहत निजी स्कूलों में दाखिले के लिए आवेदन शुरू हो चुके हैं। स्कूलों में आवेदन का अंतिम समय 25 अप्रैल रखा गया है। निजी स्कूलों में आरटीई के तहत कोई भी बच्चा दाखिले के लिए आवेदन कर सकता है। दाखिलों को लेकर अभी तीन दिन शेष हैं। लेकिन अभी तक एक भी आवेदन की अपडेट नहीं है। वहीं विभाग द्वारा विद्यार्थियों के दाखिले को लेकर कोई भी कमेटी गठित नहीं की गई है।
प्रदेश सरकार के निर्णय के अनुसार अबकी बार 134-ए नियम के बजाय निजी स्कूलों में आरटीई के तहत दाखिले होंगे। इसके तहत हर मान्यता प्राप्त निजी स्कूल में 25 फीसदी सीटें निर्धारित होगी। इस बारे में निदेशालय ने सभी जिलों के मौलिक शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी किए हैं। इस नियम के तहत कोई भी बच्चा अपने नजदीकी एक किलोमीटर के दायरे में आने वाले निजी स्कूल का विकल्प आवेदन में भरकर शिक्षा विभाग को जमा करवा सकता है। इसमें बच्चों का सीधा दाखिला होगा। अगर बच्चों की संख्या अधिक होती है तो 25 अप्रैल के बाद ड्रॉ निकाला जाएगा।
निजी स्कूलों ने नहीं दिया ब्योरा
आरटीई के तहत शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने निजी स्कूलों से खाली सीटों का ब्योरा मांगा था। जिसे 15 अप्रैल तक विभाग में जमा करवाना था। लेकिन अभी तक निजी स्कूलों ने विभाग के अधिकारियों के पास खाली सीटों का ब्योरा जमा नहीं करवाया है। जिसके चलते अधिकारी भी असमंजस में है कि किस स्कूल में नियम के तहत कितनी सीटें हैं।
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निजी स्कूल अभिभावकों को कर रहे भ्रमित
निजी स्कूल के संचालक दाखिले लेने जा रहे अभिभावकों को गलत जानकारी दे रहे है। जिसके कारण इस सत्र में बच्चों का दाखिला नहीं हो रहा है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के पास कुछ शिकायतें है जिनमें अभिभावकों ने बताया है कि निजी स्कूल के संचालक उन्हें सही से जानकारी नहीं दे रहे हे। जिसके चलते उनके बच्चों को दाखिला नहीं मिल रहा है।
विभाग ने बीईओ को दिए जांच के निर्देश
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ने सभी 7 खंडों के बीईओ को जांच के निर्देश जारी किए हैं। बीईओ को निर्देश दिए गए हैं कि अपने खंडों में आने वाली समस्याओं को देखें। वहीं अगर कोई भी निजी स्कूल दाखिलों को लेकर आनाकानी या कोई गलत जानकारी अभिभावकों को देेता है तो उन स्कूलों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नोटिस बोर्ड पर जानकारी चस्पा करने के निर्देश
नियम के तहत अगर कोई निजी स्कूल अपने नोटिस बोर्ड पर दाखिलों को लेकर कोई जानकारी चस्पा नहीं करता है तो उस स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। शुक्रवार को शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों को निर्देश जारी किए हैं। इसके लिए अधिकारियों द्वारा औचक निरीक्षण किया जाएगा। अगर किसी स्कूल में सीटों का ब्योरा और नियम की जानकारी नोटिस बोर्ड पर नहीं मिली तो उन स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं।
निजी स्कूलों में आरटीई के तहत नर्सरी से पहली कक्षा तक दाखिले किए जाने हैं। अगर कोई निजी स्कूल अभिभावकों को गलत जानकारी देता है या फिर सीटों का ब्योरा नहीं देता है। ऐसे में निजी स्कूलों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-अमित मनहर, नोडल अधिकारी, आरटीआई, सिरसा।
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प्रदेश सरकार के निर्णय के अनुसार अबकी बार 134-ए नियम के बजाय निजी स्कूलों में आरटीई के तहत दाखिले होंगे। इसके तहत हर मान्यता प्राप्त निजी स्कूल में 25 फीसदी सीटें निर्धारित होगी। इस बारे में निदेशालय ने सभी जिलों के मौलिक शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी किए हैं। इस नियम के तहत कोई भी बच्चा अपने नजदीकी एक किलोमीटर के दायरे में आने वाले निजी स्कूल का विकल्प आवेदन में भरकर शिक्षा विभाग को जमा करवा सकता है। इसमें बच्चों का सीधा दाखिला होगा। अगर बच्चों की संख्या अधिक होती है तो 25 अप्रैल के बाद ड्रॉ निकाला जाएगा।
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निजी स्कूलों ने नहीं दिया ब्योरा
आरटीई के तहत शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने निजी स्कूलों से खाली सीटों का ब्योरा मांगा था। जिसे 15 अप्रैल तक विभाग में जमा करवाना था। लेकिन अभी तक निजी स्कूलों ने विभाग के अधिकारियों के पास खाली सीटों का ब्योरा जमा नहीं करवाया है। जिसके चलते अधिकारी भी असमंजस में है कि किस स्कूल में नियम के तहत कितनी सीटें हैं।
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निजी स्कूल अभिभावकों को कर रहे भ्रमित
निजी स्कूल के संचालक दाखिले लेने जा रहे अभिभावकों को गलत जानकारी दे रहे है। जिसके कारण इस सत्र में बच्चों का दाखिला नहीं हो रहा है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के पास कुछ शिकायतें है जिनमें अभिभावकों ने बताया है कि निजी स्कूल के संचालक उन्हें सही से जानकारी नहीं दे रहे हे। जिसके चलते उनके बच्चों को दाखिला नहीं मिल रहा है।
विभाग ने बीईओ को दिए जांच के निर्देश
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ने सभी 7 खंडों के बीईओ को जांच के निर्देश जारी किए हैं। बीईओ को निर्देश दिए गए हैं कि अपने खंडों में आने वाली समस्याओं को देखें। वहीं अगर कोई भी निजी स्कूल दाखिलों को लेकर आनाकानी या कोई गलत जानकारी अभिभावकों को देेता है तो उन स्कूलों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नोटिस बोर्ड पर जानकारी चस्पा करने के निर्देश
नियम के तहत अगर कोई निजी स्कूल अपने नोटिस बोर्ड पर दाखिलों को लेकर कोई जानकारी चस्पा नहीं करता है तो उस स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। शुक्रवार को शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों को निर्देश जारी किए हैं। इसके लिए अधिकारियों द्वारा औचक निरीक्षण किया जाएगा। अगर किसी स्कूल में सीटों का ब्योरा और नियम की जानकारी नोटिस बोर्ड पर नहीं मिली तो उन स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं।
निजी स्कूलों में आरटीई के तहत नर्सरी से पहली कक्षा तक दाखिले किए जाने हैं। अगर कोई निजी स्कूल अभिभावकों को गलत जानकारी देता है या फिर सीटों का ब्योरा नहीं देता है। ऐसे में निजी स्कूलों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-अमित मनहर, नोडल अधिकारी, आरटीआई, सिरसा।