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इमरजेंसी से मरीजों को रेफर करने के मामले में उनके परिजनों से संपर्क साधेगी कमेटी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 19 Feb 2022 11:11 PM IST
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In the matter of referring patients from emergency, the committee will contact their families
नागरिक अस्पताल में बंद पड़ी एक्सरे मशीन । - फोटो : Sirsa
सिरसा। नागरिक अस्पताल की एक्सरे मशीन खराब होने के कारण दूसरे दिन भी मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पाया। दोपहर बाद कर्मचारियों ने जैसे तैसे कर मशीन को ठीक किया। लेकिन एक बजे के बाद ठीक हुई मशीन से पहले ही मरीज घरों को लौट गए। वहीं दूसरी तरफ इमरजेंसी वार्ड से मरीजों को रेफर करने मामले में विभाग की ओर से टीम का गठन किया गया है। टीम अब रेफर हुए मरीजों व उनके परिजनों से संपर्क साधेगी और उनसे पूछताछ करेंगी। ऐसे में अगर उनके परिजन बिना वजह रेफर करने का कारण बताते हैं तो उस दिन ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर और स्टाफ सदस्यों पर भी कार्रवाई की जा सकती है।
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नागरिक अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में पहुंचने वाले मामूली चोट के मरीजों को रेफर करने मामले में विभाग की ओर से कमेटी का गठन किया गया है। मामले की जांच को लेकर स्वास्थ्य विभाग के डॉ. आरके दहिया और डॉ. पवन कुमार पर आधारित कमेटी का गठन किया गया है। टीम का गठन होने के बाद संबंधित अधिकारियों ने इस मामले की जांच करनी भी शुरू कर दी है। टीम की ओर से अब सिरसा से रेफर हुए मरीजों व उनके परिजनों से संपर्क साधा जाएगा। जिसमें उनसे पूरे मामले की पूछताछ की जाएगी। मामूली चोट व सामान्य दर्द होने पर भी उन मरीजों को रेफर किया जाना पाया जाता है तो इसकी रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जाएगी और संबंधित डॉक्टरों पर कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा।
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दूसरे दिन भी मरीजों का नहीं हो पाया एक्सरे, दोपहर बाद ठीक हुई मशीन
बीते दिन शुक्रवार को बिजली का कट लगने के कारण बंद हुई एक्सरे मशीन दूसरे दिन भी नहीं चल पाई। दूसरे दिन मशीन को शुरू करने के लिए कर्मचारी दिनभर जांच करते रहे। लेकिन काफी मशक्कत के बाद कर्मचारी मशीन का फाल्ट तलाश और दोपहर एक बजे के बाद ही उसे ठीक कर पाए। लेकिन जब तक मशीन ठीक होती उससे पहले ही पहले ही मरीज घरों को लौट चुके थे। ओपीडी में जांच करवाने के बाद एक्सरे करवाने पहुंचे मरीजों को कुछ समय तो रोककर रखा गया लेकिन इसके बाद मरीज परेशान होकर बाहरी निजी केंद्रों पर ही पहुंच गए।
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गरीब परिवारों के लोग ही पहुंचते है नागरिक अस्पताल में जांच करवाने
प्रदेश सरकार ने नागरिक अस्पताल में मरीजों को बेहतर सुविधा देने के लिए कई तरह की योजनाएं चलाई हुई हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने के लिए बजट भी जारी किया जाता है। लेकिन नागरिक अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में पहुंचते ही उन मरीजों को दूसरे जिले के अस्पताल में रेफर कर दिया जाता है। नागरिक अस्पताल में 90 फीसदी मरीज गरीब परिवारों के होते हैं। बड़े अस्पताल में रेफर होने का नाम सुनते ही मरीज के परिजन या तो उसे निजी अस्पताल लेकर पहुंचते है या फिर घर वापस ले जाते हैं। जिसके कारण उन्हें काफी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। जबकि डॉक्टर सामान्य जांच कर ही मरीज से अपना पल्ला झाड़ लेते हैं।
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