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Sirsa News: पहले चरण में 36 एकड़ में सब्जी व अनाज मंडी का हिस्सा होगा तैयार
Fri, 29 Mar 2024 12:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Fri, 29 Mar 2024 12:20 AM IST
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सिरसा। लंबे इंतजार के बाद अब एडिशनल अनाजमंडी के निर्माण कार्य शुरू हो गया है। इसके शुरू होने का इंतजार शहरवासी काफी समय से कर रहे थे। ऐसे में लोकसभा चुनावों के साथ ही इस मंडी के निर्माण का शुरू होना विशेष मायने रखता है। इसका भविष्य में असर क्या होगा, यह आने वाला वक्त ही बताएगा। लेकिन इस मंडी का काम शुरू होने से हिसार डबवाली हाईवे पर जमीनों के रेट जरूर बढ़ सकते हैं। अधिकारियों के अनुसार पहले फेज का काम शुरू हो चुका है।
मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार मई माह में एडिशनल मंडी को शुरू करने की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी थी। पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इसका मुहूर्त किया था। विभाग की ओर से मंडी निर्माण की जमीन से ऊपर से गुजर रही बिजली की बड़ी लाइनों को शिफ्ट करने का कार्य करवाया जा रहा था। लाइनों का कार्य खत्म होने के साथ ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है।
बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने शहर से बाहर चत्तरगढ़पट्टी क्षेत्र स्थित बाईपास रोड पर एडिशनल अनाज, सब्जी मंडी और लक्कड़ मंडी को शिफ्ट की घोषणा की थी। इसके लिए मार्केटिंग बोर्ड 56.63 एकड़ जमीन खरीदी है। इसमें 33.63 एकड़ में एडिशनल अनाज मंडी, 10.26 एकड़ में सब्जी मंडी और 7.71 एकड़ में लक्कड़ मंडी तैयार की जानी है। 5.04 एकड़ जमीन अभी रिजर्व रखी गई है। मंडियों को तैयार करने के लिए दो फेज में कार्य किया जाना है। पहले फेज में 36 एकड़ में सब्जी मंडी और अनाज मंडी का कुछ हिस्सा तैयार होगा। दूसरे चरण में 20 एकड़ में निर्माण का काम करवाया जाएगा। बोर्ड की ओर से अभी 24 करोड़ का टेंडर लगाकर आवेदन मांगे थे।
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207 दुकानें बनाई जाएगी
नई एडिशनल अनाज मंडी में आढ़तियों के लिए 207 दुकानें बनाई जाएंगी। इसमें खुली जगह और बड़े शेड होने से किसानों और आढ़तियों को लाभ मिलेगा। सब्जी मंडी में 17 बूथ और 100 दुकानें बनाई जाएंगी। लक्कड़ मंडी में 18 बड़े बूथ बनाए जाएंगे।
शहर में पहले ही 48 एकड़ में बनी है अनाज मंडी, फिर भी जगह कम
शहर के बीचों-बीच पहले ही अलग-अलग चार मंडियां 48 एकड़ में है। सीजन के दौरान यहां पर गेहूं व धान की आवक अधिक होने के कारण रोड पर ही किसानों को गेहूं व धान डालना पड़ता है। बारिश में शेड छोटे पड़ने के कारण किसानों की उपज भीग जाती है। अनाज मंडी के आसपास का क्षेत्र सीजन के दौरान पूरी तरह से बंद रहता है।
मई में मुख्यमंत्री ने उद्घाटन कर दिया था। उसके बाद से ही एडिशनल मंडी बनाने की प्रक्रिया चल रही थी। बीच में लाइनें आ रही थी। जिन्हें हटाने का कार्य करवाया गया था। जिसमें वक्त लगा है। मंडी का काम शुरू हो चुका है।
-भूप सिंह बैनीवाल, एक्सईएन, मार्केट कमेटी
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मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार मई माह में एडिशनल मंडी को शुरू करने की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी थी। पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इसका मुहूर्त किया था। विभाग की ओर से मंडी निर्माण की जमीन से ऊपर से गुजर रही बिजली की बड़ी लाइनों को शिफ्ट करने का कार्य करवाया जा रहा था। लाइनों का कार्य खत्म होने के साथ ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है।
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बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने शहर से बाहर चत्तरगढ़पट्टी क्षेत्र स्थित बाईपास रोड पर एडिशनल अनाज, सब्जी मंडी और लक्कड़ मंडी को शिफ्ट की घोषणा की थी। इसके लिए मार्केटिंग बोर्ड 56.63 एकड़ जमीन खरीदी है। इसमें 33.63 एकड़ में एडिशनल अनाज मंडी, 10.26 एकड़ में सब्जी मंडी और 7.71 एकड़ में लक्कड़ मंडी तैयार की जानी है। 5.04 एकड़ जमीन अभी रिजर्व रखी गई है। मंडियों को तैयार करने के लिए दो फेज में कार्य किया जाना है। पहले फेज में 36 एकड़ में सब्जी मंडी और अनाज मंडी का कुछ हिस्सा तैयार होगा। दूसरे चरण में 20 एकड़ में निर्माण का काम करवाया जाएगा। बोर्ड की ओर से अभी 24 करोड़ का टेंडर लगाकर आवेदन मांगे थे।
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207 दुकानें बनाई जाएगी
नई एडिशनल अनाज मंडी में आढ़तियों के लिए 207 दुकानें बनाई जाएंगी। इसमें खुली जगह और बड़े शेड होने से किसानों और आढ़तियों को लाभ मिलेगा। सब्जी मंडी में 17 बूथ और 100 दुकानें बनाई जाएंगी। लक्कड़ मंडी में 18 बड़े बूथ बनाए जाएंगे।
शहर में पहले ही 48 एकड़ में बनी है अनाज मंडी, फिर भी जगह कम
शहर के बीचों-बीच पहले ही अलग-अलग चार मंडियां 48 एकड़ में है। सीजन के दौरान यहां पर गेहूं व धान की आवक अधिक होने के कारण रोड पर ही किसानों को गेहूं व धान डालना पड़ता है। बारिश में शेड छोटे पड़ने के कारण किसानों की उपज भीग जाती है। अनाज मंडी के आसपास का क्षेत्र सीजन के दौरान पूरी तरह से बंद रहता है।
मई में मुख्यमंत्री ने उद्घाटन कर दिया था। उसके बाद से ही एडिशनल मंडी बनाने की प्रक्रिया चल रही थी। बीच में लाइनें आ रही थी। जिन्हें हटाने का कार्य करवाया गया था। जिसमें वक्त लगा है। मंडी का काम शुरू हो चुका है।
-भूप सिंह बैनीवाल, एक्सईएन, मार्केट कमेटी