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नंदीशालाओं में पहले के मुकाबले 30 फीसदी ही एकत्र हुई तूड़ी, राजस्थान के लिए प्रतिबंध जारी रहेगा
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लघु सचिवालय के समक्ष खड़े भादरा के विधायक बलवान पूनिया व अन्य सदस्य।
- फोटो : Sirsa
सिरसा। जिले में तूड़ी की समस्या को लेकर नंदीशालाओं के साथ-साथ पशुपालकों के समक्ष भी समस्या खड़ी हो रही है। नंदीशालाओं में बीते वर्ष के मुकाबले इस बार केवल 30 फीसदी तूड़ी ही एकत्र हो पाई है। जिसके चलते उपायुक्त ने राजस्थान को तूड़ी दिए जाने पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। तूड़ी सप्लाई दिए जाने को लेकर उपायुक्त अजय सिंह तोमर से मिलने के लिए पहुंचे नोहर के एमएलए बलवान पूनिया को भी उपायुक्त ने पहले सिरसा में कमी दूर होने और इसके बाद ही सप्लाई दिए जाने का आश्वासन दिया है।
गेहूं का सीजन अब खत्म होने की कगार पर है। लेकिन अभी तक नंदीशालाओं में केवल 30 फीसदी तूड़ी की एकत्र हो पाई है। जिसमें से काफी मात्रा में नंदीशाला संचालकों की ओर से मोल तूड़ी खरीदी गई है। वहीं नंदीशाला संचालक गांवों में पहुंचकर किसानों से भी तूड़ी दिए जाने की अपील कर रहे है। लेकिन तूड़ी का उत्पादन कम होने के कारण किसान भी नंदीशालाओं में तूड़ी पहुंचाने में असमर्थ दिखाई देे रहे है। कमी के कारण नंदीशाला संचालकों के समक्ष भी समस्या आ गई है। नंदीशाला संचालकों को मोल भी तूड़ी नहीं मिल पा रही है। जिसके कारण पशुओं को समय पर चारा नहीं मिल रहा है। जिले में तूड़ी और चारा पर्याप्त मात्रा में है। हालात कुछ राजस्थान जैसा हो रहा है। इस बार गेहूं की फसल गर्मी से प्रभावित होने के कारण यह संकट बढ़ गया है। इसलिए जिले की गोशालाओं में भी चारे का संकट खड़ा हो गया है।
जिले में करीब 134 रजिस्टर्ड व 18 गैर रजिस्टर्ड गोशालाएं व नंदीशालाएं है। जिनमें करीब 60 हजार से ज्यादा गोवंश पल रहे हैं। गोवंश की देखभाल के लिए सरकार की ओर से साल में दो बार 100-100 रुपये प्रति गोवंश के अनुसार अनुदान दिया जाता है। वहीं तूड़ी की कमी के चलते अब यह खर्च ढाई गुणा बढ़ गया है। जिसके चलते जिले के गोशाला संचालकों के सामने संकट पैदा हो गया है।
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धारा 144 उठाने के लिए उपायुक्त से मिले भादरा विधायक
राजस्थान में तूड़ी ले जाने पर हरियाणा में लगाई धारा 144 हटाने को लेकर भादरा के विधायक बलवान सिंह पूनिया ने मांग उठाई। भादरा विधानसभा क्षेत्र के गणमान्य लोगों के साथ उपायुक्त से मुलाकात की। उपायुक्त को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। भादरा के विधायक बलवान सिंह पूनियां ने कहा कि हर वर्ष हरियाणा व पंजाब से राजस्थान में तुड़ी जाती है। क्योंकि राजस्थान का बहुत बड़ा हिस्सा रेगिस्तान है, जहां पर प्रतिवर्ष अकाल का प्रभाव रहता है। अब तूड़ी पर पाबंदी लगा दी गई है। इससे राजस्थान के लोगों को काफी दिक्कतें झेलनी पड़ रही है।
राजस्थान की गोशालाओं से जुड़े हैं हरियाणा के लोग
भादरा के विधायक बलवान सिंह पूनिया ने कहा कि अब तुड़ी का सीजन खत्म होने को है। राजस्थान के लोग तूड़ी लेकर जाने के लिए पहुंचने लगे। यहां पर तूड़ी लेकर जाने पर पाबंदी लगा दी गई। अगर पाबंदी ही लगानी थी, तो छह माह पहले पाबंदी लगाते। जिससे राजस्थान के किसान अपने स्तर पर प्रबंध करते। उन्होंने कहा कि राजस्थान की गोशालाओं से हरियाणा के गांव भी जुड़े हुए हैं जो प्रतिवर्ष तूड़ी भेजते हैं। मगर इस बार रोक लगाए जाने से काफी दिक्कतें आ रही है।
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गेहूं का सीजन अब खत्म होने की कगार पर है। लेकिन अभी तक नंदीशालाओं में केवल 30 फीसदी तूड़ी की एकत्र हो पाई है। जिसमें से काफी मात्रा में नंदीशाला संचालकों की ओर से मोल तूड़ी खरीदी गई है। वहीं नंदीशाला संचालक गांवों में पहुंचकर किसानों से भी तूड़ी दिए जाने की अपील कर रहे है। लेकिन तूड़ी का उत्पादन कम होने के कारण किसान भी नंदीशालाओं में तूड़ी पहुंचाने में असमर्थ दिखाई देे रहे है। कमी के कारण नंदीशाला संचालकों के समक्ष भी समस्या आ गई है। नंदीशाला संचालकों को मोल भी तूड़ी नहीं मिल पा रही है। जिसके कारण पशुओं को समय पर चारा नहीं मिल रहा है। जिले में तूड़ी और चारा पर्याप्त मात्रा में है। हालात कुछ राजस्थान जैसा हो रहा है। इस बार गेहूं की फसल गर्मी से प्रभावित होने के कारण यह संकट बढ़ गया है। इसलिए जिले की गोशालाओं में भी चारे का संकट खड़ा हो गया है।
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जिले में करीब 134 रजिस्टर्ड व 18 गैर रजिस्टर्ड गोशालाएं व नंदीशालाएं है। जिनमें करीब 60 हजार से ज्यादा गोवंश पल रहे हैं। गोवंश की देखभाल के लिए सरकार की ओर से साल में दो बार 100-100 रुपये प्रति गोवंश के अनुसार अनुदान दिया जाता है। वहीं तूड़ी की कमी के चलते अब यह खर्च ढाई गुणा बढ़ गया है। जिसके चलते जिले के गोशाला संचालकों के सामने संकट पैदा हो गया है।
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धारा 144 उठाने के लिए उपायुक्त से मिले भादरा विधायक
राजस्थान में तूड़ी ले जाने पर हरियाणा में लगाई धारा 144 हटाने को लेकर भादरा के विधायक बलवान सिंह पूनिया ने मांग उठाई। भादरा विधानसभा क्षेत्र के गणमान्य लोगों के साथ उपायुक्त से मुलाकात की। उपायुक्त को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। भादरा के विधायक बलवान सिंह पूनियां ने कहा कि हर वर्ष हरियाणा व पंजाब से राजस्थान में तुड़ी जाती है। क्योंकि राजस्थान का बहुत बड़ा हिस्सा रेगिस्तान है, जहां पर प्रतिवर्ष अकाल का प्रभाव रहता है। अब तूड़ी पर पाबंदी लगा दी गई है। इससे राजस्थान के लोगों को काफी दिक्कतें झेलनी पड़ रही है।
राजस्थान की गोशालाओं से जुड़े हैं हरियाणा के लोग
भादरा के विधायक बलवान सिंह पूनिया ने कहा कि अब तुड़ी का सीजन खत्म होने को है। राजस्थान के लोग तूड़ी लेकर जाने के लिए पहुंचने लगे। यहां पर तूड़ी लेकर जाने पर पाबंदी लगा दी गई। अगर पाबंदी ही लगानी थी, तो छह माह पहले पाबंदी लगाते। जिससे राजस्थान के किसान अपने स्तर पर प्रबंध करते। उन्होंने कहा कि राजस्थान की गोशालाओं से हरियाणा के गांव भी जुड़े हुए हैं जो प्रतिवर्ष तूड़ी भेजते हैं। मगर इस बार रोक लगाए जाने से काफी दिक्कतें आ रही है।