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Sirsa News: मम्मड़ खेड़ा खरीफ चैनल टूटने से सैकड़ों फसल पानी में डूबी
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रानियां। मम्मड खेड़ा ड्रेन को पाटते हुए ग्रामीण । संवाद
रानियां। घग्गर नदी का पानी सप्लाई करने वाली मम्मड़ खेड़ा खरीफ चैनल सोमवार दोपहर करीब तीन बजे गांव खारिया व जोधपुरिया के बीच टूट गई। इससे गांव दारिया व जोधपुरिया के किसानों की सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न हो गई। घटना की सूचना मिलने पर सिंचाई विभाग के अधिकारी मशीन लेकर सोमवार को ही चैनल पर पहुंच गए, लेकिन खरीफ चैनल जहां से टूटा था वहां पर कटाव ज्यादा था।
ऐसे में मिट्टी पहुंचाने में परेशानी का सामना करना पड़ा। मंगलवार सुबह एक पोकलेन, दो जेसीबी, ट्रैक्टर व ट्रालियों के साथ गांव खारियां, जोधपुरिया, दारियां व धोतड़ के किसानों ने मिट्टी के थैलों को भरकर पाट बांधने का कार्य शुरू किया, जो देर शाम तक जारी रहा।
सिंचाई विभाग से एसडीओ रघुवीर शर्मा ने बताया कि चैनल में घग्गर का पानी बंद था, लेकिन पीछे के खेतों से बरसात का पानी चैनल में गिरने से ऑवर फ्लो होकर टूट गई। विभाग की ओर से मशीन व मिट्टी के थैले भरकर पाट बांधने का कार्य किया जा रहा है। आस पास के किसानों ने भी इसमें पूरा सहयोग दिया है।
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किसान सुभाष चंद्र, राम प्रताप व राम कुमार सहित अन्य ने बताया कि भारी बारिश के कारण उनकी फसलें पहले से ही पानी से भरी थी और चैनल ऑवरफ्लो होने से उनकी पूरी फसल पानी में डूब गई है। इससे उन्हें लाखों का नुकसान हुआ है। इस मौके पर सिंचाई विभाग से एसडीओ रघुवीर शर्मा, जेई आनंद कुमार, रानियां से तहसीलदार शुभम शर्मा व नायब तहसीलदार लोकेश शर्मा, पटवारी राजेश हुड्डा, कानूनगो अशोक कुमार सहित आस पास के आधा दर्जन गांवों के किसान मौजूद रहे।
रत्ताखेड़ा खरीफ चैनल में भरा पानी, ओवरफ्लो के बने आसार
घग्गर के पानी को बड़े कम स्तर पर फ्लडी चैनलों में छोड़ा जा रहा है। जहां सोमवार देर रात को चामल खरीफ चैनल में कटाव हो गया था । किसानों व अधिकारियों ने कड़ी मशक्कत के बाद उसे पाटने का काम किया। इस दौरान 50 एकड़ से ज्यादा फसल जलमग्न हो गई। वहीं, रत्ता खेडा खरीफ चैनल भी तीन दिनों से पूरी तरह से भर कर चल रही है। तीन दिन हुए भारी बारिश का पानी भी लोगों ने खरीफ चैनलों में निकाल दिया है। इस कारण खरीफ चैनल ओवरफ्लो होने की कगार पर पहुंच गए हैं।
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ऐसे में मिट्टी पहुंचाने में परेशानी का सामना करना पड़ा। मंगलवार सुबह एक पोकलेन, दो जेसीबी, ट्रैक्टर व ट्रालियों के साथ गांव खारियां, जोधपुरिया, दारियां व धोतड़ के किसानों ने मिट्टी के थैलों को भरकर पाट बांधने का कार्य शुरू किया, जो देर शाम तक जारी रहा।
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सिंचाई विभाग से एसडीओ रघुवीर शर्मा ने बताया कि चैनल में घग्गर का पानी बंद था, लेकिन पीछे के खेतों से बरसात का पानी चैनल में गिरने से ऑवर फ्लो होकर टूट गई। विभाग की ओर से मशीन व मिट्टी के थैले भरकर पाट बांधने का कार्य किया जा रहा है। आस पास के किसानों ने भी इसमें पूरा सहयोग दिया है।
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किसान सुभाष चंद्र, राम प्रताप व राम कुमार सहित अन्य ने बताया कि भारी बारिश के कारण उनकी फसलें पहले से ही पानी से भरी थी और चैनल ऑवरफ्लो होने से उनकी पूरी फसल पानी में डूब गई है। इससे उन्हें लाखों का नुकसान हुआ है। इस मौके पर सिंचाई विभाग से एसडीओ रघुवीर शर्मा, जेई आनंद कुमार, रानियां से तहसीलदार शुभम शर्मा व नायब तहसीलदार लोकेश शर्मा, पटवारी राजेश हुड्डा, कानूनगो अशोक कुमार सहित आस पास के आधा दर्जन गांवों के किसान मौजूद रहे।
रत्ताखेड़ा खरीफ चैनल में भरा पानी, ओवरफ्लो के बने आसार
घग्गर के पानी को बड़े कम स्तर पर फ्लडी चैनलों में छोड़ा जा रहा है। जहां सोमवार देर रात को चामल खरीफ चैनल में कटाव हो गया था । किसानों व अधिकारियों ने कड़ी मशक्कत के बाद उसे पाटने का काम किया। इस दौरान 50 एकड़ से ज्यादा फसल जलमग्न हो गई। वहीं, रत्ता खेडा खरीफ चैनल भी तीन दिनों से पूरी तरह से भर कर चल रही है। तीन दिन हुए भारी बारिश का पानी भी लोगों ने खरीफ चैनलों में निकाल दिया है। इस कारण खरीफ चैनल ओवरफ्लो होने की कगार पर पहुंच गए हैं।