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अस्पताल में तीन दिनों से नहीं हुई सफाई, मरीज और तीमारदार गंदगी से परेशान
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स्वास्थ्य ठेका कर्मचारी मांगों को लेकर तीन दिनों से हड़ताल पर है। इसके कारण नागरिक अस्पताल में तीन दिनों से सफाई नहीं हो पाई। अस्पताल में अब चारों तरफ गंदगी और कूड़ा फैला हुआ नजर आ रहा है। अस्पताल में दाखिल मरीज और उनके साथ पहुंचे तीमारदारों को इस परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं विभाग की ओर से इसके लिए अस्थायी प्रबंध तक नहीं किए गए है। इसके कारण कूड़ादान से कूड़ा बाहर गिर रहा है।
वहीं, ठेकेदार ने कर्मचारियों को नोटिस जारी कर 10 दिनों के अंदर काम पर लौटने के आदेश भी दिए हैं। ऐसे में अगर कोई कर्मचारी काम पर नहीं लौटता तो उनकी जगह नए कर्मचारियों की लिस्ट लगाने की भी चेतावनी दी है, लेकिन स्वास्थ्य ठेका कर्मचारियों ने ठेकेदार द्वारा जारी किए गए नोटिस को दरकिनार कर दिया और जब तक मांगे पूरी नहीं होती तब तक हड़ताल पर रहने की चेतावनी दी है।
रविवार को भी कर्मचारियों का धरना नागरिक अस्पताल में जारी रहा। रविवार को कर्मचारियों का रोडवेज यूनियन, एनएचएम, बिजली यूनियन, नगर पालिका, फायर, रिटायर्ड कर्मचारी संघ, पैक्स, मिनिस्ट्रियल स्टाफ ने कर्मचारियों के संघर्ष को अपना समर्थन दिया। तीसरे दिन धरने की अध्यक्षता जिला प्रधान सुमित्रा ने की। धरनास्थल पर सर्व कर्मचारी संघ, स्वास्थ्य यूनियन व अन्य यूनियनों के पदाधिकारियों की बैठक हुई। इसमें निर्णय लिया कि जब तक कर्मचारियों के मुख्य मुद्दे जिनमें हटाए गए 11 कर्मचारियों को बहाल करना, स्टांप पर लिखी शर्तें नहीं मानने, हड़ताली समय को केजुअल लीव में बदलने, 104 कर्मचारियों की ज्वाइनिंग व इपीएफ केवाईसी सहित तमाम मुद्दों का हल नहीं किया जाता, कर्मचारी टस से मस नहीं होंगे। इस मौके पर जिला प्रधान सुमित्रा ने कहा कि जब तक प्रशासनिक अधिकारी व ठेकेदार उनकी सभी मांगें नहीं मान लेते, संघर्ष लगातार जारी रहेगा। धरने पर सुरजीत अरोड़ा, रामकुमार चुरनियां, मदन लाल कंबोज, भगवत शर्मा, त्रिलोक नागोकी, किशोरी लाल मेहता, शिवचरण कंडारा, सुनीता सेठी, कुंदन गावड़िया उपस्थित थे।
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सफाई व्यवस्था के लिए अस्थायी बंदोबस्त किया गया है। चार कर्मचारियों को दूसरी जगह से बुलाया गया है। सभी कर्मचारी हड़ताल पर होने के कारण कुछ परेशानी आ रही है। कर्मचारियों की समस्या का हल निकालने के लिए ठेकेदार से बातचीत भी हो चुकी है।
- संदीप गुप्ता, एमएस, नागरिक अस्पताल सिरसा।
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वहीं, ठेकेदार ने कर्मचारियों को नोटिस जारी कर 10 दिनों के अंदर काम पर लौटने के आदेश भी दिए हैं। ऐसे में अगर कोई कर्मचारी काम पर नहीं लौटता तो उनकी जगह नए कर्मचारियों की लिस्ट लगाने की भी चेतावनी दी है, लेकिन स्वास्थ्य ठेका कर्मचारियों ने ठेकेदार द्वारा जारी किए गए नोटिस को दरकिनार कर दिया और जब तक मांगे पूरी नहीं होती तब तक हड़ताल पर रहने की चेतावनी दी है।
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रविवार को भी कर्मचारियों का धरना नागरिक अस्पताल में जारी रहा। रविवार को कर्मचारियों का रोडवेज यूनियन, एनएचएम, बिजली यूनियन, नगर पालिका, फायर, रिटायर्ड कर्मचारी संघ, पैक्स, मिनिस्ट्रियल स्टाफ ने कर्मचारियों के संघर्ष को अपना समर्थन दिया। तीसरे दिन धरने की अध्यक्षता जिला प्रधान सुमित्रा ने की। धरनास्थल पर सर्व कर्मचारी संघ, स्वास्थ्य यूनियन व अन्य यूनियनों के पदाधिकारियों की बैठक हुई। इसमें निर्णय लिया कि जब तक कर्मचारियों के मुख्य मुद्दे जिनमें हटाए गए 11 कर्मचारियों को बहाल करना, स्टांप पर लिखी शर्तें नहीं मानने, हड़ताली समय को केजुअल लीव में बदलने, 104 कर्मचारियों की ज्वाइनिंग व इपीएफ केवाईसी सहित तमाम मुद्दों का हल नहीं किया जाता, कर्मचारी टस से मस नहीं होंगे। इस मौके पर जिला प्रधान सुमित्रा ने कहा कि जब तक प्रशासनिक अधिकारी व ठेकेदार उनकी सभी मांगें नहीं मान लेते, संघर्ष लगातार जारी रहेगा। धरने पर सुरजीत अरोड़ा, रामकुमार चुरनियां, मदन लाल कंबोज, भगवत शर्मा, त्रिलोक नागोकी, किशोरी लाल मेहता, शिवचरण कंडारा, सुनीता सेठी, कुंदन गावड़िया उपस्थित थे।
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सफाई व्यवस्था के लिए अस्थायी बंदोबस्त किया गया है। चार कर्मचारियों को दूसरी जगह से बुलाया गया है। सभी कर्मचारी हड़ताल पर होने के कारण कुछ परेशानी आ रही है। कर्मचारियों की समस्या का हल निकालने के लिए ठेकेदार से बातचीत भी हो चुकी है।
- संदीप गुप्ता, एमएस, नागरिक अस्पताल सिरसा।