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तेज बारिश में डूब जाएगा शहर

Fri, 20 Jun 2014 11:27 PM IST
sirsa
sirsa Updated Fri, 20 Jun 2014 11:27 PM IST
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इस बार अगर मानसून में अच्छी बारिश हुई तो शहर पानी-पानी हो जाएगा। जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से शहर के बरसाती पानी और सीवरेज के पानी को निकालने के लिए 20 करोड़ की लागत से सीवरेज डिस्पोजल प्लांट का प्रोजेक्ट तैयार किया जा रहा है। विभाग को उम्मीद थी कि मानसून से पहले यह प्रोजेक्ट बनकर तैयार हो जाएगा, मगर इस प्रोजेक्ट का काम मंद गति से चल रहा है, जिसे देखकर अब विभाग भी कह रहा है कि इसका काम अगस्त तक पूरा होगा। मतलब साफ है कि इस बार मानसून में शहर का जलभराव से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।
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ये है विभाग की योजना
जन स्वास्थ्य विभाग 20 करोड़ के प्रोजेक्ट से शहर का सारा पानी 24 घंटों के अंदर-अंदर निकालना चाहता है। विभाग केलनिया रोड पर सीवरेज डिस्पोजल प्लांट तैयार करवा रहा है ताकि शहर में बारिश के दिनों में जलभराव और सीवरेज जाम की समस्या से मुक्ति मिल सके। सीवरेज डिस्पोजल प्लांट शहर के सीवरेज का पानी मोटरों से खींच लेगा और बारिश में सीवरेज को ओवरफ्लो नहीं होने देगा। इसके अलावा मेन पंप स्टेशन बरसाती पानी को बड़ी-बड़ी मोटरों से खींच लेगा। इस पंप स्टेशन के स्टोरेज की कुल क्षमता 90 एमएलडी है।
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15 एमएलडी पानी बना मुसीबत
औसतन बरसात में 24 घंटे में शहर में 35 एमएलडी पानी इकट्ठा होता है। फिलहाल मेन पंप स्टेशन की क्षमता 20 एमएलडी है, जिसके कारण 15 एमएलडी पानी शहर में खड़ा रहता है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। जन स्वास्थ्य विभाग के लिए यही 15 एमएलडी पानी मुसीबत बना हुआ है। न तो ये पानी जल्दी से सूखता है और न ही सीवरेज और बरसाती नालों से इसे निकाला जा सकता है।
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नाले बनाने का काम पूरा
सीवरेज डिस्पोजल प्लांट से घग्गर नदी तक नाले बनाने का काम करीब-करीब पूरा हो चुका है। नालों के माध्यम से ही सीवरेज का रिफाइन किया हुआ पानी घग्गर तक पहुंच सकेगा। घग्गर में इस पानी के जाने के बाद खेतों में सिंचाई के लिए इस पानी का उपयोग किया जा सकता है।

अब तक का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट
जन स्वास्थ्य विभाग का यह अब तक का सबसे बड़ा और सबसे लंबा चलने वाला प्रोजेक्ट है। प्रोजेक्ट का काम खत्म होने के बाद इसका लाभ लोगों को 15-20 वर्षों तक बिना रोके मिलेगा। विभाग इसे शहर के लिए सबसे अच्छा प्रोजेक्ट मान रहा है इसका लाखों लोगों को निरंतर लाभ मिलने वाला है।


लाखों लोगों को होगा फायदा
जन स्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता राकेश कुमार ने बताया कि सीवरेज डिस्पोजल प्लांट पर काम चल रहा है। अगस्त तक इसके पूरा होने की उम्मीद है। प्लांट में दो यूनिटें लगाई गई हैं। इस पर कुल 20 करोड़ का खर्च आएगा। प्रोजेक्ट के लगने के बाद शहर में जलभराव और सीवरेज जाम की समस्या से परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी।
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