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खेतों में पानी जमा होने से डिंग रोड क्षेत्र के 10 गांवों में फसलों को भारी नुकसान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 26 Jul 2022 11:33 PM IST
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Heavy damage to crops in 10 villages of Ding Road area due to accumulation of water in the fields
शेरपुरा में स्थित खेत से बारिश के पानी को बरमे से निकालता किसान । संवाद - फोटो : Sirsa
संवाद न्यूज एजेंसी
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सिरसा। दो सप्ताह के दौरान भारी बारिश के कारण जलभराव होने का नुकसान किसानों को उठाना पड़ रहा है। डिंग रोड क्षेत्र के करीब 10 गांवों के खेतों में कई दिनों तक जलभराव होने के कारण नरमे व धान की करीब पांच हजार एकड़ फसल खराब होने की कगार पर है। किसान फसलों से पानी भी निकाल रहे हैं।
सिरसा में बीते दो सप्ताह से हर रोज बारिश हो रही है। अधिक बारिश होने के कारण गांव नरेल खेड़ा, डिंग मंडी, मोचीवाला, शेरपुरा, मौजूखेड़ा जोधकां, बप्पा, नेजाडेला सहित कई गांवों की फसलों में जलभराव हो गया। इन गांवों में नरमे और धान की बिजाई की जाती है। बारिश के बाद कई दिनों तक जल निकासी न होने से धान और नरमे की फसल खराब होने के कगार पर है। नरमे के पत्ते सफेद पड़ रहे हैं और पौधे सूख रहे हैं। इसका नुकसान किसानों को उठाना पड़ रहा है। शेरपुरा के किसानों का कहना है कि उनके गांव में नरमे व ग्वार की ही बिजाई हो पाती है, लेकिन बारिश का पानी नरमे की फसल में जमा होने के कारण नरमे की फसल खराब हो चुकी है। अब वह दोबारा से किसी अन्य फसल की बिजाई भी नहीं कर सकते। ऐसे में किसान फसल को बचाने के लिए जद्दोजहद भी कर रहे हैं। लेकिन उनके हाथ कुछ भी नहीं आ रहा।
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20 एकड़ जमीन ठेके पर ले रखी है और नरमे की बिजाई की थी, लेकिन बारिश अधिक होने के कारण उसमें जलभराव हो गया। जिसके कारण अब फसल खराब हो चुकी है। इससे पहले नरमे की बिजाई करने और बाद में स्प्रे करने का काम भी पूरा हो चुका है। लेकिन पूरी मेहनत पर ही पानी फिर गया है। प्रति एकड़ के अनुसार 40 हजार का नुकसान हो चुका है। - मोनू सीवर, शेरपुरा
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गांव की पूरी जमीन ही रेतीली है। जिसके कारण खेतों में नरमे की ही बिजाई की जाती है। सात एकड़ जमीन ठेके पर लेकर उस पर बिजाई का काम किया था, लेकिन जलभराव होने के कारण नरमे की फसल अब खराब होती जा रही है। जिसमें से अब पैदावार होने की भी कोई उम्मीद नहीं है। बारिश के कारण काफी फसल का नुकसान हो गया है। - सुरेंद्र गोदारा, शेरपुरा
नरमे की फसल को पहले सफेद मक्खी से बचाने के लिए स्प्रे और कीटनाशकों का छिड़काव कर खर्च कर चुके हैं। अब बारिश के बाद फसल में जलभराव हो गया। जिसके कारण इसका काफी फसल को नुकसान हुआ है। फसल पर हुआ खर्च भी अब जेब से देना होगा। फसल से आमदनी होने की कोई उम्मीद नहीं है। - राकेश पिलानिया

वर्जन
बारिश के बाद जलभराव होने के कारण नरमे और धान की फसल के खराब होने की अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है। धान की फसल के खराब होने के बाद मुआवजा राशि देने का कोई प्रावधान नहीं है। किसान मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर फसलों का ब्योरा दर्ज करवाएं। सरकार की मिलने वाली सुविधा किसानों को उसके के माध्यम से मिल सकेगी। - डॉ. बाबूलाल, उपनिदेशक, कृषि विभाग सिरसा ।
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