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एचसीएस परीक्षा: प्रशासन के आदेशों की उड़ी धज्जियां, ना मोबाइल पर प्रतिबंध लगा और ना ही फोटोस्टेट की दुकानें रही बंद
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हिला महाविद्यालय परीक्षा केंद्र के समक्ष खुली फोटोस्टेट की दुकान।
- फोटो : Sirsa
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सिरसा। रविवार को हुई एचसीएस (एक्स. ब्रांच.) व अलाइड सर्विसेज प्रिलिमनरी एग्जामिनेशन-2021 परीक्षा पुलिस पहरे के बीच शांतिपूर्वक संपन्न हो गई। जिले में बने 32 परीक्षा केंद्रों पर 7640 परीक्षार्थियों ने परीक्षा देने आना था लेकिन 52 फीसदी ही परीक्षार्थियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। जिला प्रशासन की ओर से जारी हिदायतों के बावजूद आदेशों की धज्जियां उड़ी। जहां एक ओर केंद्रों पर स्टाफ सदस्य मोबाइल प्रयोग करते हुए नजर आए वहीं दूसरी ओर फोटोस्टेट की दुकानें भी खुली रही।
एचसीएस (एक्स. ब्रांच.) व अलाइड सर्विसेज प्रिलिमनरी एग्जामिनेशन-2021 परीक्षा के लिए पहुंचे परीक्षार्थी की सेंटर गेट पर चेकिंग कर आगे जाने दिया। परीक्षार्थियों की मेटल डिटेक्टर से जांच के साथ उनकी तलाशी भी ली गई। बायोमैट्रिक टीम ने परीक्षार्थी के अंगुलियों के निशान लेकर उन्हें कक्षाओं में जाने दिया गया। जिले में बने 32 केंद्रों पर 7640 विद्यार्थियों ने दो चरणों में परीक्षा देनी थी। जिसकी एक शिफ्ट सुबह दस बजे शुरू होनी थी जिसमें 3991 परीक्षार्थी ही पहुंचे और 3649 विद्यार्थी गैर हाजिर रहे। वहीं दूसरी शिफ्ट में 3 बजे शुरू होनी थी जिसमें 3974 परीक्षार्थी ही पहुंचे। पहली शिफ्ट में से भी 17 विद्यार्थी दूसरा पेपर देने नहीं पहुंचे। इस तरह कुल 3666 परीक्षार्थी गैर हाजिर रहे।
परीक्षा केंद्र में मोबाइल का प्रयोग करते दिखे कर्मचारी
केंद्र पर बायोमैट्रिक टीम व अन्य स्टाफ को मोबाइल रखने की मनाही थी। उपायुक्त ने परीक्षा से एक दिन बैठक में हिदायतों में प्रश्न पत्र लीक को लेकर केंद्र में सभी को मोबाइल अपने पास रखने से रोका गया था। लेकिन नेशनल कॉलेज में ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों द्वारा परीक्षा केंद्र परिसर के फोन पर बात करते हुए पाया गया। ऐसे में यह परीक्षा केंद्र में लगे मोबाइल जैमर की रेंज पर भी सवाल खड़ा करते हैं।
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प्रशासन की ओर से तीन स्थानों पर लगाए गए थे हेल्प डेस्क
परीक्षार्थियों को केंद्रों तक जाने के लिए प्रशासन की ओर से शहर के तीन प्रमुख स्थानों बस स्टैंड, परशुराम चौक और सांगवान चौक पर हेल्प डेस्क लगाए गए। तीनों हेल्प डेस्क डीओसी ऊषा गुप्ता की देखरेख में लगाए गए। वहीं हेल्प डेस्क पर मेरिकॉम ओपन ग्रुप से रेंजर और एलबीएफ से रोबर्ट ने सेवाएं दी। हेल्प डेस्कों पर मैप के साथ-साथ वहां तक पहुंचने के लिए साधनों की जानकारी भी परीक्षार्थियों को दी गई। इन हेल्प डेस्कों की सहायता से विद्यार्थी बिना किसी देरी के परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे।
धीमी हुई वाहनों की रफ्तार
एससीएस की परीक्षा दो शिफ्टों में होनी थी, शाम की शिफ्ट 5 बजे खत्म होने के बाद परीक्षा देने पहुंचे 3991 परीक्षार्थी अपने घर लौटने के लिए जैसे ही केंद्र से निकले वैसे ही रोड पर भीड़ बढ़नी शुरू हो गई। जाम की स्थिति से निपटने के लिए शहर में यातायात की टीमें तो तैनात रही लेकिन उसी दौरान ही किसान महासम्मेलन में भाग लेने आए किसान भी घर लौटने लगे। जिससे शहर की सड़कों पर वाहनों की अधिक संख्या से ट्रैफिक की रफ्तार धीमी हुई और जाम की स्थिति पैदा हो गई।
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एचसीएस (एक्स. ब्रांच.) व अलाइड सर्विसेज प्रिलिमनरी एग्जामिनेशन-2021 परीक्षा के लिए पहुंचे परीक्षार्थी की सेंटर गेट पर चेकिंग कर आगे जाने दिया। परीक्षार्थियों की मेटल डिटेक्टर से जांच के साथ उनकी तलाशी भी ली गई। बायोमैट्रिक टीम ने परीक्षार्थी के अंगुलियों के निशान लेकर उन्हें कक्षाओं में जाने दिया गया। जिले में बने 32 केंद्रों पर 7640 विद्यार्थियों ने दो चरणों में परीक्षा देनी थी। जिसकी एक शिफ्ट सुबह दस बजे शुरू होनी थी जिसमें 3991 परीक्षार्थी ही पहुंचे और 3649 विद्यार्थी गैर हाजिर रहे। वहीं दूसरी शिफ्ट में 3 बजे शुरू होनी थी जिसमें 3974 परीक्षार्थी ही पहुंचे। पहली शिफ्ट में से भी 17 विद्यार्थी दूसरा पेपर देने नहीं पहुंचे। इस तरह कुल 3666 परीक्षार्थी गैर हाजिर रहे।
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परीक्षा केंद्र में मोबाइल का प्रयोग करते दिखे कर्मचारी
केंद्र पर बायोमैट्रिक टीम व अन्य स्टाफ को मोबाइल रखने की मनाही थी। उपायुक्त ने परीक्षा से एक दिन बैठक में हिदायतों में प्रश्न पत्र लीक को लेकर केंद्र में सभी को मोबाइल अपने पास रखने से रोका गया था। लेकिन नेशनल कॉलेज में ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों द्वारा परीक्षा केंद्र परिसर के फोन पर बात करते हुए पाया गया। ऐसे में यह परीक्षा केंद्र में लगे मोबाइल जैमर की रेंज पर भी सवाल खड़ा करते हैं।
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प्रशासन की ओर से तीन स्थानों पर लगाए गए थे हेल्प डेस्क
परीक्षार्थियों को केंद्रों तक जाने के लिए प्रशासन की ओर से शहर के तीन प्रमुख स्थानों बस स्टैंड, परशुराम चौक और सांगवान चौक पर हेल्प डेस्क लगाए गए। तीनों हेल्प डेस्क डीओसी ऊषा गुप्ता की देखरेख में लगाए गए। वहीं हेल्प डेस्क पर मेरिकॉम ओपन ग्रुप से रेंजर और एलबीएफ से रोबर्ट ने सेवाएं दी। हेल्प डेस्कों पर मैप के साथ-साथ वहां तक पहुंचने के लिए साधनों की जानकारी भी परीक्षार्थियों को दी गई। इन हेल्प डेस्कों की सहायता से विद्यार्थी बिना किसी देरी के परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे।
धीमी हुई वाहनों की रफ्तार
एससीएस की परीक्षा दो शिफ्टों में होनी थी, शाम की शिफ्ट 5 बजे खत्म होने के बाद परीक्षा देने पहुंचे 3991 परीक्षार्थी अपने घर लौटने के लिए जैसे ही केंद्र से निकले वैसे ही रोड पर भीड़ बढ़नी शुरू हो गई। जाम की स्थिति से निपटने के लिए शहर में यातायात की टीमें तो तैनात रही लेकिन उसी दौरान ही किसान महासम्मेलन में भाग लेने आए किसान भी घर लौटने लगे। जिससे शहर की सड़कों पर वाहनों की अधिक संख्या से ट्रैफिक की रफ्तार धीमी हुई और जाम की स्थिति पैदा हो गई।

केंद्र के अंदर परीक्षा के समय मोबाइल पर बात करते हुए कर्मचारी दस्तावेजों का आदान प्रदान करते हुए?- फोटो : Sirsa

परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करते एसपी डॉ. अर्पित जैन - फोटो : Sirsa