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डेढ़ साल बाद पुलिस ने पांच आरोपियों के खिलाफ कियास दर्ज
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कीर्तिनगर निवासी संदीप शर्मा व उसकी दिव्यांग माता कमलेश रानी के साथ हुए मारपीट के मामले में संज्ञान लेते हुए एएसपी सुरेश कुमार के आदेशों पर हमला करने वाले पांच लोगों के खिलाफ पुलिस ने डेढ़ साल बाद केस दर्ज किया है। जिन लोगों पर केस दर्ज किया गया है, उनमें भूपेंद्र सेतिया, राजकुमार, काका, पिन्नू व बल्लू शामिल हैं।
गौर हो कि संदीप शर्मा व उसकी दिव्यांग माता शहर के कीर्तिनगर में किराए के मकान में रहते थे। मकान खाली करवाने के लिए संदीप और उसकी माता के साथ कुछ लोगों ने 23 अप्रैल 2018 की सांय को मारपीट की और उनका सामान बाहर फेंक दिया था। इस आरोप भूपेंद्र सेतिया व उसके कुछ गुंडों पर लगाया गया था। इसके बाद संदीप शर्मा ने पुलिस को इस संबंध में शिकायत दी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। पुलिस ने मामले को रफा दफा करने का प्रयास किया। इसके बाद संदीप शर्मा व उसकी दिव्यांग माता ने सीएम विंडो व दिव्यांगजन आयोग में मामले की शिकायत की। दिव्यांगजन आयुक्त ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला उपायुक्त को इस मामले की जांच पुलिस की बजाय किसी अन्य विभाग के अधिकारी से करवाकर रिपोर्ट मांगी थी। इसके बाद संदीप शर्मा व उसकी दिव्यांग माता ने 15 जुलाई से उपायुक्त कार्यालय में धरना लगाया। धरने के तीसरे दिन एएसपी सुरेश कुमार ने पांच दिनों में कार्रवाई का आश्वासन देकर धरना उठवा दिया था।
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गौर हो कि संदीप शर्मा व उसकी दिव्यांग माता शहर के कीर्तिनगर में किराए के मकान में रहते थे। मकान खाली करवाने के लिए संदीप और उसकी माता के साथ कुछ लोगों ने 23 अप्रैल 2018 की सांय को मारपीट की और उनका सामान बाहर फेंक दिया था। इस आरोप भूपेंद्र सेतिया व उसके कुछ गुंडों पर लगाया गया था। इसके बाद संदीप शर्मा ने पुलिस को इस संबंध में शिकायत दी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। पुलिस ने मामले को रफा दफा करने का प्रयास किया। इसके बाद संदीप शर्मा व उसकी दिव्यांग माता ने सीएम विंडो व दिव्यांगजन आयोग में मामले की शिकायत की। दिव्यांगजन आयुक्त ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला उपायुक्त को इस मामले की जांच पुलिस की बजाय किसी अन्य विभाग के अधिकारी से करवाकर रिपोर्ट मांगी थी। इसके बाद संदीप शर्मा व उसकी दिव्यांग माता ने 15 जुलाई से उपायुक्त कार्यालय में धरना लगाया। धरने के तीसरे दिन एएसपी सुरेश कुमार ने पांच दिनों में कार्रवाई का आश्वासन देकर धरना उठवा दिया था।
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