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Sirsa News: फर्जी आधार कार्ड से बना दिया जमानतदार, प्राथमिकी दर्ज
Mon, 15 Jun 2026 11:24 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Mon, 15 Jun 2026 11:24 PM IST
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सिरसा। गांव बुर्ज भंगू निवासी अंकुश कुमार ने अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय में आवेदन देकर आरोप लगाया है कि उसे धोखाधड़ी कर एक आपराधिक मामले में जमानतदार दिखाया गया जबकि उसने न तो कोई जमानत बॉन्ड भरा और न ही आरोपी की जमानत के लिए सहमति दी। इसके बाद न्यायालय के आदेश पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
शिकायतकर्ता अंकुश के अनुसार आरोपी शंकर उर्फ ढोलू निवासी श्री मुक्तसर साहिब पंजाब को हाईकोर्ट से नियमित जमानत मिली थी। 26 मई 2026 को जमानत बांड के सत्यापन के दौरान किसी अज्ञात व्यक्ति ने कथित रूप से फर्जी आधार कार्ड व उसकी जमाबंदी का इस्तेमाल कर स्वयं को अंकुश बताकर जमानतदार के रूप में पेश किया।
अंकुश कुमार ने अदालत को बताया कि उसका वास्तविक आधार नंबर 5447-8461-3536 है, जबकि रिकॉर्ड में उसके नाम से अलग नंबर वाला आधार कार्ड लगाया गया। उसने यह भी कहा कि जमानत दस्तावेजों में दर्ज मोबाइल नंबर उसका नहीं है। उसके अनुसार जमानत बॉन्ड पर लगी तस्वीरें व हस्ताक्षर भी उसके नहीं हैं।
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मामले की सुनवाई के दौरान अदालत के रिकॉर्ड से पता चला कि आरोपी शंकर 17 मार्च 2026 को पेश नहीं हुआ था, जिसके बाद उसकी जमानत रद्द कर बॉन्ड जब्त कर लिए गए थे। बाद में 30 अप्रैल को आरोपी ने आत्मसमर्पण किया।
उसी दिन अंकुश कुमार ने अदालत में बयान देकर स्पष्ट किया कि उसने कभी आरोपी की जमानत नहीं ली, उसके दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल किया गया है। जांच अधिकारी सुखविंदर कौर का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जल्द ही आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया जाएगा।
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शिकायतकर्ता अंकुश के अनुसार आरोपी शंकर उर्फ ढोलू निवासी श्री मुक्तसर साहिब पंजाब को हाईकोर्ट से नियमित जमानत मिली थी। 26 मई 2026 को जमानत बांड के सत्यापन के दौरान किसी अज्ञात व्यक्ति ने कथित रूप से फर्जी आधार कार्ड व उसकी जमाबंदी का इस्तेमाल कर स्वयं को अंकुश बताकर जमानतदार के रूप में पेश किया।
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अंकुश कुमार ने अदालत को बताया कि उसका वास्तविक आधार नंबर 5447-8461-3536 है, जबकि रिकॉर्ड में उसके नाम से अलग नंबर वाला आधार कार्ड लगाया गया। उसने यह भी कहा कि जमानत दस्तावेजों में दर्ज मोबाइल नंबर उसका नहीं है। उसके अनुसार जमानत बॉन्ड पर लगी तस्वीरें व हस्ताक्षर भी उसके नहीं हैं।
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मामले की सुनवाई के दौरान अदालत के रिकॉर्ड से पता चला कि आरोपी शंकर 17 मार्च 2026 को पेश नहीं हुआ था, जिसके बाद उसकी जमानत रद्द कर बॉन्ड जब्त कर लिए गए थे। बाद में 30 अप्रैल को आरोपी ने आत्मसमर्पण किया।
उसी दिन अंकुश कुमार ने अदालत में बयान देकर स्पष्ट किया कि उसने कभी आरोपी की जमानत नहीं ली, उसके दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल किया गया है। जांच अधिकारी सुखविंदर कौर का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जल्द ही आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया जाएगा।