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कचरे से आजादी दिलाओ सरकार : हर महीने सफाई पर खर्च किए जा रहे 50 लाख रुपये, परिणाम शून्य
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जनता भवन रोड पर डाला गया कूड़ा। संवाद
- फोटो : Sirsa
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सिरसा। देश को अंग्रेजों की गुलामी से आजादी मिले 75 वर्ष हो गए हैं, लेकिन शहरवासियों को गंदगी से आजादी नहीं मिल पाई है। शहर में करीब 10 से ज्यादा ऐसे प्वाइंट हैं जहां प्रतिदिन गंदगी के ढेर लगते हैं। हालांकि इनको डंपिंग प्वाइंट को नगर परिषद की ओर से खत्म किए छह माह से अधिक का समय बीत चुका है। इसके बावजूद यहां पर लोगों व नप कर्मियों द्वारा कचरा डाला जा रहा है। इसके अलावा नप की ओर से शहर की सफाई पर हर माह 50 लाख रुपये खर्च करने के बाद भी खुले में कूड़ा पड़ा रहता है। शहर में प्रतिदिन 100 टन कूड़ा एकत्र किया जाता है, लेकिन उठान नहीं हो पा रहा। इसलिए डीसी अजय सिंह तोमर ने नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी को स्पष्टीकरण नोटिस भी भेजा है।
सुबह शहरवासी घर से निकलते हैं तो मूड फ्रेश होता है, लेकिन बाहर निकलते ही कूड़ा नजर आता है और नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। शहर में सफाई का जिम्मा नगर परिषद के पास है। कर्मचारी प्रतिदिन बाजारों के साथ-साथ कॉलोनियों की गलियों की भी सफाई करते हैं, लेकिन कर्मचारियों की कमी के कारण शहर के सफाई प्रभावित हो रही है। शहर में आबादी के हिसाब से 500 से ज्यादा कर्मचारियों की जरूरत है, लेकिन इस समय करीब 200 नियमित कर्मचारी ही नगर परिषद के पास हैं। इसलिए बाजारों में तो नियमित रूप से सफाई करवाई जाती है, लेकिन कॉलोनियों में एक-दो दिन छोड़कर कर्मचारी जाते हैं। नगर परिषद के करीब 200 नियमित कर्मचारियों में से करीब 60 कर्मचारी वीआईपी ड्यूटी में व्यस्त रहते हैं। यानी इनकी ड्यूटी मंत्रियों, अधिकारियों की कोठियों पर रहती है। इसके अलावा शहर में नगर परिषद की ओर से डंपिंग प्वांइट खत्म किए कई माह बीत चुके हैं। इसके बावजूद यहां पर लोगों और नप कर्मचारियों की ओर से कचरा डाला जा रहा है। इस पर पेश है एक रिपोर्ट...
भादरा पार्क के पीछे : खुले में बिखरा रहता है कूड़ा
शहर के आर्य सीनियर सेकेंडरी स्कूल के पास भादरा पार्क के पीछे वाली गली में खुले में कूड़ा बिखरा रहता है। यहां से हालांकि डंपिंग प्वाइंट खत्म किए छह माह से ज्यादा का समय हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद लोग यहां खुले में कूड़ा डालते हैं। पहले कूड़ा प्वाइंट के अंदर होता था, लेकिन अब गली के बीच में नजर आता है।
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बेगू रोड : सुबह-सुबह नजर आती है गंदगी
शहर के बेगू रोड पर भी कूड़ा नजर आता है। सुबह ही सड़क पर कूड़े के ढेर लग जाते हैं। ऐसे में यहां से गुजरने वाले लोगों को बदबू से परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यहां से डंपिंग प्वाइंट खत्म किए पांच माह बीत चुके हैं। हालांकि बाद में कूड़ा उठा दिया जाता है, लेकिन प्रशासन का दावा था कि सीधे कूड़े का उठान करवाया जाएगा।
डाकघर के पास खत्म किया प्वाइंट, फिर भी फैलता है कूड़ा
आर्य समाज रोड पर डाकघर के पास डंपिंग प्वाइंट को खत्म करवा दिया गया है। फिर भी यहां कूड़े के ढेर लगते हैं। कूड़े में बेसहारा पशु भी मुंह मारते हुए दिखाई देते हैं। डाकघर के पास पूरा दिन कूड़ा बिखरने रहने के कारण आसपास के दुकानदारों और राहगीरों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी प्रकार की स्थिति गोशाला रोड, डबवाली रोड और स्टेडियम के पास रहती है। इतना ही नहीं वाल्मीकि चौक और रानियां रोड पर भी कूड़े के ढेर लगे हुए दिखाई देते हैं।
जनता भवन रोड : सड़क किनारे लगते हैं ढेर
जनता भवन रोड पर सड़क किनारे कूड़े के ढेर लगते हैं। यहां स्टेडियम के पास ग्रीन बेल्ट के पास गंदगी के ढेर लगा दिए जाते हैं। इससे परेशानियों का सामना करना पड़ता है। हालांकि कई बार इसकी शिकायत हो चुकी है लेकिन नगर परिषद इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
अनाज मंडी : गेट पर ही बिखरा मिलता है कूड़ा, नहीं होती सफाई
अनाज मंडी के गेट के पास भी प्रतिदिन कूड़ा बिखरा हुआ मिलता है। यहां आसपास सफाई करके दुकान और शहरवासियों के साथ-साथ नगर परिषद के कर्मचारी भी कूड़ा एकत्र करते हैं। इसके बाद दोपहर बाद ही कूड़े का उठान होता है। लेकिन फिर शाम तक कूड़ा डालना शुरू कर दिया जाता है।
दिशा की मीटिंग में उठा था मुद्दा
7 अगस्त को ऐलनाबाद में दिशा की बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में सांसद सुनीता दुग्गल के समक्ष भी सफाई और कूड़ा उठान का मुद्दा उठा। बैठक में चर्चा हुई कि शहर में अभी भी खुले में कूड़ा नजर आता है और डोर-टू-डोर कूड़ा भी सही तरीके से उठान नहीं हो रहा। नगर परिषद की ओर से कूड़ा के लिए कई प्वाइंट बनाए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद शहर में कूड़ा बिखरा रहता है। प्रति माह करीब 50 लाख रुपये केवल कूड़ा उठान के लिए खर्च किए जाते हैं, फिर भी ये स्थिति है। इसके बाद अब डीसी अजय सिंह तोमर ने नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी को शो-काज नोटिस जारी किया गया है। इसमें कहा गया कि कार्यकारी अधिकारी निगरानी नहीं कर रहे। इसलिए अब उनसे चार बिंदुओं पर जवाब भी तलब किया गया है। ईओ को तीन दिन के भीतर जवाब देना होगा।
इन बिंदुओं पर डीसी ने मांगा जवाब
खुले में कूड़ा फेंकने वाले के कितने चालान किए गए, उसकी संख्या बताई जाए।
डोर-टू-डोर कूड़ा उठान में ठेकेदार द्वारा नियमों का पालन नहीं किया जा रहा। इसलिए उसके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई, उसकी रिपोर्ट भी दी जाए।
कुछ समय पहले ठेकेदार को नोटिस जारी किया गया था। उसके खिलाफ क्या कार्रवाई हुई, ये बताएं।
डोर-टू-डोर कूड़ा उठान में ठेेकेदार द्वारा लगाए गए वाहनों की जीपीएस की रिपोर्ट जमा कराएं।
धीरे-धीरे खत्म करवा रहे हैं कूड़ा डंपिंग प्वाइंट : मुख्य सफाई निरीक्षक
शहर से कूड़ा डंपिंग प्वाइंट खत्म करवा रहे हैं। धीरे-धीरे एक-एक करके डंपिंग प्वाइंट को खत्म किया जा रहा है ताकि लोगों की कूड़ा खुले में डालने की आदत खत्म हो जाए। खुले में कूड़ा बिखेरने वालों के चालान भी काटे जा रहे हैं। मंगलवार को भी 5 चालान काटे गए हैं। - जयबीर सिंह, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर परिषद, सिरसा।
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सुबह शहरवासी घर से निकलते हैं तो मूड फ्रेश होता है, लेकिन बाहर निकलते ही कूड़ा नजर आता है और नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। शहर में सफाई का जिम्मा नगर परिषद के पास है। कर्मचारी प्रतिदिन बाजारों के साथ-साथ कॉलोनियों की गलियों की भी सफाई करते हैं, लेकिन कर्मचारियों की कमी के कारण शहर के सफाई प्रभावित हो रही है। शहर में आबादी के हिसाब से 500 से ज्यादा कर्मचारियों की जरूरत है, लेकिन इस समय करीब 200 नियमित कर्मचारी ही नगर परिषद के पास हैं। इसलिए बाजारों में तो नियमित रूप से सफाई करवाई जाती है, लेकिन कॉलोनियों में एक-दो दिन छोड़कर कर्मचारी जाते हैं। नगर परिषद के करीब 200 नियमित कर्मचारियों में से करीब 60 कर्मचारी वीआईपी ड्यूटी में व्यस्त रहते हैं। यानी इनकी ड्यूटी मंत्रियों, अधिकारियों की कोठियों पर रहती है। इसके अलावा शहर में नगर परिषद की ओर से डंपिंग प्वांइट खत्म किए कई माह बीत चुके हैं। इसके बावजूद यहां पर लोगों और नप कर्मचारियों की ओर से कचरा डाला जा रहा है। इस पर पेश है एक रिपोर्ट...
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भादरा पार्क के पीछे : खुले में बिखरा रहता है कूड़ा
शहर के आर्य सीनियर सेकेंडरी स्कूल के पास भादरा पार्क के पीछे वाली गली में खुले में कूड़ा बिखरा रहता है। यहां से हालांकि डंपिंग प्वाइंट खत्म किए छह माह से ज्यादा का समय हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद लोग यहां खुले में कूड़ा डालते हैं। पहले कूड़ा प्वाइंट के अंदर होता था, लेकिन अब गली के बीच में नजर आता है।
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बेगू रोड : सुबह-सुबह नजर आती है गंदगी
शहर के बेगू रोड पर भी कूड़ा नजर आता है। सुबह ही सड़क पर कूड़े के ढेर लग जाते हैं। ऐसे में यहां से गुजरने वाले लोगों को बदबू से परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यहां से डंपिंग प्वाइंट खत्म किए पांच माह बीत चुके हैं। हालांकि बाद में कूड़ा उठा दिया जाता है, लेकिन प्रशासन का दावा था कि सीधे कूड़े का उठान करवाया जाएगा।
डाकघर के पास खत्म किया प्वाइंट, फिर भी फैलता है कूड़ा
आर्य समाज रोड पर डाकघर के पास डंपिंग प्वाइंट को खत्म करवा दिया गया है। फिर भी यहां कूड़े के ढेर लगते हैं। कूड़े में बेसहारा पशु भी मुंह मारते हुए दिखाई देते हैं। डाकघर के पास पूरा दिन कूड़ा बिखरने रहने के कारण आसपास के दुकानदारों और राहगीरों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी प्रकार की स्थिति गोशाला रोड, डबवाली रोड और स्टेडियम के पास रहती है। इतना ही नहीं वाल्मीकि चौक और रानियां रोड पर भी कूड़े के ढेर लगे हुए दिखाई देते हैं।
जनता भवन रोड : सड़क किनारे लगते हैं ढेर
जनता भवन रोड पर सड़क किनारे कूड़े के ढेर लगते हैं। यहां स्टेडियम के पास ग्रीन बेल्ट के पास गंदगी के ढेर लगा दिए जाते हैं। इससे परेशानियों का सामना करना पड़ता है। हालांकि कई बार इसकी शिकायत हो चुकी है लेकिन नगर परिषद इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
अनाज मंडी : गेट पर ही बिखरा मिलता है कूड़ा, नहीं होती सफाई
अनाज मंडी के गेट के पास भी प्रतिदिन कूड़ा बिखरा हुआ मिलता है। यहां आसपास सफाई करके दुकान और शहरवासियों के साथ-साथ नगर परिषद के कर्मचारी भी कूड़ा एकत्र करते हैं। इसके बाद दोपहर बाद ही कूड़े का उठान होता है। लेकिन फिर शाम तक कूड़ा डालना शुरू कर दिया जाता है।
दिशा की मीटिंग में उठा था मुद्दा
7 अगस्त को ऐलनाबाद में दिशा की बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में सांसद सुनीता दुग्गल के समक्ष भी सफाई और कूड़ा उठान का मुद्दा उठा। बैठक में चर्चा हुई कि शहर में अभी भी खुले में कूड़ा नजर आता है और डोर-टू-डोर कूड़ा भी सही तरीके से उठान नहीं हो रहा। नगर परिषद की ओर से कूड़ा के लिए कई प्वाइंट बनाए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद शहर में कूड़ा बिखरा रहता है। प्रति माह करीब 50 लाख रुपये केवल कूड़ा उठान के लिए खर्च किए जाते हैं, फिर भी ये स्थिति है। इसके बाद अब डीसी अजय सिंह तोमर ने नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी को शो-काज नोटिस जारी किया गया है। इसमें कहा गया कि कार्यकारी अधिकारी निगरानी नहीं कर रहे। इसलिए अब उनसे चार बिंदुओं पर जवाब भी तलब किया गया है। ईओ को तीन दिन के भीतर जवाब देना होगा।
इन बिंदुओं पर डीसी ने मांगा जवाब
खुले में कूड़ा फेंकने वाले के कितने चालान किए गए, उसकी संख्या बताई जाए।
डोर-टू-डोर कूड़ा उठान में ठेकेदार द्वारा नियमों का पालन नहीं किया जा रहा। इसलिए उसके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई, उसकी रिपोर्ट भी दी जाए।
कुछ समय पहले ठेकेदार को नोटिस जारी किया गया था। उसके खिलाफ क्या कार्रवाई हुई, ये बताएं।
डोर-टू-डोर कूड़ा उठान में ठेेकेदार द्वारा लगाए गए वाहनों की जीपीएस की रिपोर्ट जमा कराएं।
धीरे-धीरे खत्म करवा रहे हैं कूड़ा डंपिंग प्वाइंट : मुख्य सफाई निरीक्षक
शहर से कूड़ा डंपिंग प्वाइंट खत्म करवा रहे हैं। धीरे-धीरे एक-एक करके डंपिंग प्वाइंट को खत्म किया जा रहा है ताकि लोगों की कूड़ा खुले में डालने की आदत खत्म हो जाए। खुले में कूड़ा बिखेरने वालों के चालान भी काटे जा रहे हैं। मंगलवार को भी 5 चालान काटे गए हैं। - जयबीर सिंह, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर परिषद, सिरसा।

अनाज मंडी स्थित रोड पर डाला गया कूड़ा। संवाद- फोटो : Sirsa

डाकघर के समीप डाला गया कूड़ा। संवाद- फोटो : Sirsa