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Sirsa News: लोन दिलवाने के बहाने करवा ली जमीन की रजिस्ट्री
Fri, 08 Mar 2024 10:33 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Fri, 08 Mar 2024 10:33 PM IST
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रानियां। एक बुजुर्ग ने पांच लोगों पर उनकी 32 कनाल, 17 मरले जमीन की रजिस्ट्री धोखाधड़ी से अपने नाम करवाने का केस दर्ज करवाया है। अदालत में दायर इस्तगासे के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
गांव केहरवाला निवासी बुजुर्ग आद राम की 32 कनाल 17 मरले जमीन है। करीब तीन वर्ष पहले आदराम की पत्नी महेंद्र बाई की मृत्यु हो गई थी। पुत्रों से उनकी अनबन चल रही थी। इसलिए पत्नी की मृत्यु के बाद वह घर में अकेले रह रहे थे। विवाद सुलझाने के लिए गांव में एक पंचायत भी हुई थी। आदराम ने बताया कि उनके खेत के पड़ोसी गांव नथौर निवासी भीम सेन सेवा के बहाने उन्हें अपने घर ले गया और रोटी-पानी देने लगा।
आरोप है कि एक दिन भीम सेन ने जमीन के कागजात के आधार पर कर्ज दिलवाने की बात कही। इसलिए वह उन्हें रानियां तहसील में ले आया और कुछ कागजातों पर उनसे हस्ताक्षर करवा लिए। कुछ दिन बाद भीम सेन ने उन्हें बताया कि उनके बैंक खाते में कर्ज के 9.5 लाख रुपये आ चुके हैं। अगले दिन वह दोनों बैंक में साथ गए। स्वयं लिखा चेक लगवाकर आरोपियाें ने उनके खाते से राशि निकलवा ली। कुछ दिन बाद कर्ज की राशि बढ़ाने के बहाने भीम सेन ने कुछ कागजात पर उनके हस्ताक्षर और करवाए।
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इस आधार पर भीम सेन और मीनू रानी ने धोखाधड़ी से उनकी जमीन की रजिस्ट्री अपने नाम करवा ली। तीन अन्य आरोपियों गांव नथौर निवासी रविंद्र, दलबीर सिंह और गांव सैनपाल निवासी मोहन सिंह नंबरदार ने भी उनका साथ दिया। कई माह बाद उन्हें इस धोखाधड़ी का पता चला। अपने साथ हुई धोखाधड़ी पर कार्रवाई के लिए आदराम ने अदालत में इस्तगासा दायर किया। रानियां के थाना प्रभारी बनवारी लाल ने बताया कि इस्तगासा के आधार पर पुलिस ने सभी पांचों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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गांव केहरवाला निवासी बुजुर्ग आद राम की 32 कनाल 17 मरले जमीन है। करीब तीन वर्ष पहले आदराम की पत्नी महेंद्र बाई की मृत्यु हो गई थी। पुत्रों से उनकी अनबन चल रही थी। इसलिए पत्नी की मृत्यु के बाद वह घर में अकेले रह रहे थे। विवाद सुलझाने के लिए गांव में एक पंचायत भी हुई थी। आदराम ने बताया कि उनके खेत के पड़ोसी गांव नथौर निवासी भीम सेन सेवा के बहाने उन्हें अपने घर ले गया और रोटी-पानी देने लगा।
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आरोप है कि एक दिन भीम सेन ने जमीन के कागजात के आधार पर कर्ज दिलवाने की बात कही। इसलिए वह उन्हें रानियां तहसील में ले आया और कुछ कागजातों पर उनसे हस्ताक्षर करवा लिए। कुछ दिन बाद भीम सेन ने उन्हें बताया कि उनके बैंक खाते में कर्ज के 9.5 लाख रुपये आ चुके हैं। अगले दिन वह दोनों बैंक में साथ गए। स्वयं लिखा चेक लगवाकर आरोपियाें ने उनके खाते से राशि निकलवा ली। कुछ दिन बाद कर्ज की राशि बढ़ाने के बहाने भीम सेन ने कुछ कागजात पर उनके हस्ताक्षर और करवाए।
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इस आधार पर भीम सेन और मीनू रानी ने धोखाधड़ी से उनकी जमीन की रजिस्ट्री अपने नाम करवा ली। तीन अन्य आरोपियों गांव नथौर निवासी रविंद्र, दलबीर सिंह और गांव सैनपाल निवासी मोहन सिंह नंबरदार ने भी उनका साथ दिया। कई माह बाद उन्हें इस धोखाधड़ी का पता चला। अपने साथ हुई धोखाधड़ी पर कार्रवाई के लिए आदराम ने अदालत में इस्तगासा दायर किया। रानियां के थाना प्रभारी बनवारी लाल ने बताया कि इस्तगासा के आधार पर पुलिस ने सभी पांचों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।