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Sirsa News: घोड़ावाली की बेटी कोमल वर्मा को मिलेगा बेस्ट योगासन कोच का अवाॅर्ड
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कोमल वर्मा। स्वयं
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। घोड़ावाली निवासी योगा कोच कोमल वर्मा को योगा फेडरेशन योगासन भारत द्वारा साल 2023 के लिए नेशनल बेस्ट योगासन कोच अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा। देश से महिला वर्ग में तीन प्रशिक्षकों को यह अवॉर्ड मिलेगा। इनमें से हरियाणा से सिरसा के रानियां ब्लॉक के गांव घोड़ावाली निवासी कोमल वर्मा शामिल है। दो अन्य कोच उत्तर प्रदेश व राजस्थान प्रांत से हैं।
कोमल वर्मा ने बताया कि वह करीब डेढ़ साल से नेशनल योगा खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे रही है। उनके प्रशिक्षण में खिलाड़ियों ने खेलों इंडिया यूथ गेम्स में 5 स्वर्ण व 5 कांस्य पदक जीते। गोवा में हुए खेलों में 2 स्वर्ण, 5 सिल्वर व 3 कांस्य पदक देश की झोली में डाले। नेशनल खेलों में कोमल वर्मा के प्रशिक्षण में खिलाड़ियों ने सात सिल्वर व 6 कांस्य पदक जीते। प्रदेश में 28 स्वर्ण, 23 सिल्वर व 5 कांस्य पदक अपने नाम किए हैं।
सीनियर को खेलते देख, खेलों में बढ़ी रूचि :
कोमल वर्मा ने बताया कि वह बचपन से सीए बनना चाहती थी, लेकिन 12वीं की पढ़ाई के दौरान अपने सीनियर को अन्य खेलते देखा तो उसने भी शौकिया तौर पर योग व अन्य खेल खेलने शुरू किए। साथी खिलाड़ियों व प्रशिक्षकों ने उन्हें योग में कॅरिअर बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। 12 वीं के बाद उन्होंने बीकॉम के लिए दिल्ली के निजी कॉलेज में प्रवेश लिया। कॉलेज में योगा नहीं था। बाद में उन्होंने कॉलेज प्रबंधन से मिलकर कॉलेज की योगा टीम बनाई और योगा कोच रखा। उन्होंने कॉलेज में योगा के अंदर यूनिवर्सिटी व इंटर यूनिवर्सिटी तक अपनी प्रतिभा दिखाई। यहां उन्हें प्रशिक्षकों ने एकेडमिक के बजाय योग में अपना कॅरिअर बनाने की बात कही। इसके बाद उन्होंने अपना पूरा ध्यान योगा में लगाया और यूनिवर्सिटी व इंटर यूनिवर्सिटी तक योगा में खेल कौशल का लोहा मनवाया। फेडरेशन योगासन भारत ने उन्हें हरियाणा में नेशनल योगा खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के लिए कोच नियुक्त कर दिया। वर्तमान में वे योग प्रशिक्षण और अपना खेल जारी रखने के साथ-साथ पटियाला एनआईएस सेंटर से योग में डिप्लोमा कोर्स कर रही हैं।
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पिता हैं जेबीटी हेड शिक्षक तो माता गृहिणी
कोमल वर्मा के पिता जगदीश खुड़िया कुस्सर के राजकीय आदर्श संस्कृति प्राथमिक विद्यालय में जेबीटी हेड शिक्षक हैं, जबकि उनकी माता गृहणी हैं। वह दो बहन-भाई हैं। उनका भाई मंजीत कुमार सॉफ्टवेयर कंपनी में काम करता है। कोमल की 8वीं तक की पढ़ाई घोड़ावाली के ही स्कूल में हुई है। जबकि नौवीं व दसवीं उन्होंने रानियां के एक निजी स्कूल से की है। 12 वीं हिसार से की है। बीकॉम दिल्ली से की है।
सिरसा। घोड़ावाली निवासी योगा कोच कोमल वर्मा को योगा फेडरेशन योगासन भारत द्वारा साल 2023 के लिए नेशनल बेस्ट योगासन कोच अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा। देश से महिला वर्ग में तीन प्रशिक्षकों को यह अवॉर्ड मिलेगा। इनमें से हरियाणा से सिरसा के रानियां ब्लॉक के गांव घोड़ावाली निवासी कोमल वर्मा शामिल हैं। दो अन्य कोच उत्तर प्रदेश व राजस्थान प्रांत से हैं।
कोमल वर्मा ने बताया कि वह करीब डेढ़ साल से नेशनल योगा खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे रही है। उनके प्रशिक्षण में खिलाड़ियों ने खेलों इंडिया यूथ गेम्स में 5 स्वर्ण व 5 कांस्य पदक जीते। गोवा में हुए खेलों में 2 स्वर्ण, 5 सिल्वर व 3 कांस्य पदक देश की झोली में डाले। नेशनल खेलों में कोमल वर्मा के प्रशिक्षण में खिलाड़ियों ने सात सिल्वर व 6 कांस्य पदक जीते। प्रदेश में 28 स्वर्ण, 23 सिल्वर व 5 कांस्य पदक अपने नाम किए हैं।
सीनियर को खेलते देख, खेलों में बढ़ी रूचि
कोमल वर्मा ने बताया कि वह बचपन से सीए बनना चाहती थी, लेकिन 12वीं की पढ़ाई के दौरान अपने सीनियर को अन्य खेलते देखा तो उसने भी शौकिया तौर पर योग व अन्य खेल खेलने शुरू किए। साथी खिलाड़ियों व प्रशिक्षकों ने उन्हें योग में कॅरिअर बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। 12 वीं के बाद उन्होंने बीकॉम के लिए दिल्ली के निजी कॉलेज में प्रवेश लिया। कॉलेज में योगा नहीं था। बाद में उन्होंने कॉलेज प्रबंधन से मिलकर कॉलेज की योगा टीम बनाई और योगा कोच रखा। उन्होंने कॉलेज में योगा के अंदर यूनिवर्सिटी व इंटर यूनिवर्सिटी तक अपनी प्रतिभा दिखाई। यहां उन्हें प्रशिक्षकों ने एकेडमिक के बजाय योग में अपना कॅरिअर बनाने की बात कही। इसके बाद उन्होंने अपना पूरा ध्यान योगा में लगाया और यूनिवर्सिटी व इंटर यूनिवर्सिटी तक योगा में खेल कौशल का लोहा मनवाया। फेडरेशन योगासन भारत ने उन्हें हरियाणा में नेशनल योगा खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के लिए कोच नियुक्त कर दिया। वर्तमान में वे योग प्रशिक्षण और अपना खेल जारी रखने के साथ-साथ पटियाला एनआईएस सेंटर से योग में डिप्लोमा कोर्स कर रही हैं।
पिता हैं जेबीटी हेड शिक्षक तो माता गृहिणी
कोमल वर्मा के पिता जगदीश खुड़िया कुस्सर के राजकीय आदर्श संस्कृति प्राथमिक विद्यालय में जेबीटी हेड शिक्षक हैं, जबकि उनकी माता गृहणी हैं। वह दो बहन-भाई हैं। उनका भाई मंजीत कुमार सॉफ्टवेयर कंपनी में काम करता है। कोमल की 8वीं तक की पढ़ाई घोड़ावाली के ही स्कूल में हुई है। जबकि नौवीं व दसवीं उन्होंने रानियां के एक निजी स्कूल से की है। 12 वीं हिसार से की है। बीकॉम दिल्ली से की है।
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सिरसा। घोड़ावाली निवासी योगा कोच कोमल वर्मा को योगा फेडरेशन योगासन भारत द्वारा साल 2023 के लिए नेशनल बेस्ट योगासन कोच अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा। देश से महिला वर्ग में तीन प्रशिक्षकों को यह अवॉर्ड मिलेगा। इनमें से हरियाणा से सिरसा के रानियां ब्लॉक के गांव घोड़ावाली निवासी कोमल वर्मा शामिल है। दो अन्य कोच उत्तर प्रदेश व राजस्थान प्रांत से हैं।
कोमल वर्मा ने बताया कि वह करीब डेढ़ साल से नेशनल योगा खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे रही है। उनके प्रशिक्षण में खिलाड़ियों ने खेलों इंडिया यूथ गेम्स में 5 स्वर्ण व 5 कांस्य पदक जीते। गोवा में हुए खेलों में 2 स्वर्ण, 5 सिल्वर व 3 कांस्य पदक देश की झोली में डाले। नेशनल खेलों में कोमल वर्मा के प्रशिक्षण में खिलाड़ियों ने सात सिल्वर व 6 कांस्य पदक जीते। प्रदेश में 28 स्वर्ण, 23 सिल्वर व 5 कांस्य पदक अपने नाम किए हैं।
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सीनियर को खेलते देख, खेलों में बढ़ी रूचि :
कोमल वर्मा ने बताया कि वह बचपन से सीए बनना चाहती थी, लेकिन 12वीं की पढ़ाई के दौरान अपने सीनियर को अन्य खेलते देखा तो उसने भी शौकिया तौर पर योग व अन्य खेल खेलने शुरू किए। साथी खिलाड़ियों व प्रशिक्षकों ने उन्हें योग में कॅरिअर बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। 12 वीं के बाद उन्होंने बीकॉम के लिए दिल्ली के निजी कॉलेज में प्रवेश लिया। कॉलेज में योगा नहीं था। बाद में उन्होंने कॉलेज प्रबंधन से मिलकर कॉलेज की योगा टीम बनाई और योगा कोच रखा। उन्होंने कॉलेज में योगा के अंदर यूनिवर्सिटी व इंटर यूनिवर्सिटी तक अपनी प्रतिभा दिखाई। यहां उन्हें प्रशिक्षकों ने एकेडमिक के बजाय योग में अपना कॅरिअर बनाने की बात कही। इसके बाद उन्होंने अपना पूरा ध्यान योगा में लगाया और यूनिवर्सिटी व इंटर यूनिवर्सिटी तक योगा में खेल कौशल का लोहा मनवाया। फेडरेशन योगासन भारत ने उन्हें हरियाणा में नेशनल योगा खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के लिए कोच नियुक्त कर दिया। वर्तमान में वे योग प्रशिक्षण और अपना खेल जारी रखने के साथ-साथ पटियाला एनआईएस सेंटर से योग में डिप्लोमा कोर्स कर रही हैं।
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पिता हैं जेबीटी हेड शिक्षक तो माता गृहिणी
कोमल वर्मा के पिता जगदीश खुड़िया कुस्सर के राजकीय आदर्श संस्कृति प्राथमिक विद्यालय में जेबीटी हेड शिक्षक हैं, जबकि उनकी माता गृहणी हैं। वह दो बहन-भाई हैं। उनका भाई मंजीत कुमार सॉफ्टवेयर कंपनी में काम करता है। कोमल की 8वीं तक की पढ़ाई घोड़ावाली के ही स्कूल में हुई है। जबकि नौवीं व दसवीं उन्होंने रानियां के एक निजी स्कूल से की है। 12 वीं हिसार से की है। बीकॉम दिल्ली से की है।
सिरसा। घोड़ावाली निवासी योगा कोच कोमल वर्मा को योगा फेडरेशन योगासन भारत द्वारा साल 2023 के लिए नेशनल बेस्ट योगासन कोच अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा। देश से महिला वर्ग में तीन प्रशिक्षकों को यह अवॉर्ड मिलेगा। इनमें से हरियाणा से सिरसा के रानियां ब्लॉक के गांव घोड़ावाली निवासी कोमल वर्मा शामिल हैं। दो अन्य कोच उत्तर प्रदेश व राजस्थान प्रांत से हैं।
कोमल वर्मा ने बताया कि वह करीब डेढ़ साल से नेशनल योगा खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे रही है। उनके प्रशिक्षण में खिलाड़ियों ने खेलों इंडिया यूथ गेम्स में 5 स्वर्ण व 5 कांस्य पदक जीते। गोवा में हुए खेलों में 2 स्वर्ण, 5 सिल्वर व 3 कांस्य पदक देश की झोली में डाले। नेशनल खेलों में कोमल वर्मा के प्रशिक्षण में खिलाड़ियों ने सात सिल्वर व 6 कांस्य पदक जीते। प्रदेश में 28 स्वर्ण, 23 सिल्वर व 5 कांस्य पदक अपने नाम किए हैं।
सीनियर को खेलते देख, खेलों में बढ़ी रूचि
कोमल वर्मा ने बताया कि वह बचपन से सीए बनना चाहती थी, लेकिन 12वीं की पढ़ाई के दौरान अपने सीनियर को अन्य खेलते देखा तो उसने भी शौकिया तौर पर योग व अन्य खेल खेलने शुरू किए। साथी खिलाड़ियों व प्रशिक्षकों ने उन्हें योग में कॅरिअर बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। 12 वीं के बाद उन्होंने बीकॉम के लिए दिल्ली के निजी कॉलेज में प्रवेश लिया। कॉलेज में योगा नहीं था। बाद में उन्होंने कॉलेज प्रबंधन से मिलकर कॉलेज की योगा टीम बनाई और योगा कोच रखा। उन्होंने कॉलेज में योगा के अंदर यूनिवर्सिटी व इंटर यूनिवर्सिटी तक अपनी प्रतिभा दिखाई। यहां उन्हें प्रशिक्षकों ने एकेडमिक के बजाय योग में अपना कॅरिअर बनाने की बात कही। इसके बाद उन्होंने अपना पूरा ध्यान योगा में लगाया और यूनिवर्सिटी व इंटर यूनिवर्सिटी तक योगा में खेल कौशल का लोहा मनवाया। फेडरेशन योगासन भारत ने उन्हें हरियाणा में नेशनल योगा खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के लिए कोच नियुक्त कर दिया। वर्तमान में वे योग प्रशिक्षण और अपना खेल जारी रखने के साथ-साथ पटियाला एनआईएस सेंटर से योग में डिप्लोमा कोर्स कर रही हैं।
पिता हैं जेबीटी हेड शिक्षक तो माता गृहिणी
कोमल वर्मा के पिता जगदीश खुड़िया कुस्सर के राजकीय आदर्श संस्कृति प्राथमिक विद्यालय में जेबीटी हेड शिक्षक हैं, जबकि उनकी माता गृहणी हैं। वह दो बहन-भाई हैं। उनका भाई मंजीत कुमार सॉफ्टवेयर कंपनी में काम करता है। कोमल की 8वीं तक की पढ़ाई घोड़ावाली के ही स्कूल में हुई है। जबकि नौवीं व दसवीं उन्होंने रानियां के एक निजी स्कूल से की है। 12 वीं हिसार से की है। बीकॉम दिल्ली से की है।