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Sirsa News: निशुल्क मोबाइल वाटर टेस्टिंग वैन से होगी पानी जांच
Tue, 05 May 2026 11:42 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Tue, 05 May 2026 11:42 PM IST
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मोबाइल टेस्टिंग वैन को झंडी दिखाकर रवाना करते हुए एडीसी अर्पित संगल। प्रवक्ता।
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मछली उत्पादकों को पानी की जांच के लिए नहीं जाना होगा हिसार व रोहतक
30 मिनट में मिलेगी पानी की सही जानकारी, किसानों तक पहुंची मोबाइल वाटर टेस्टिंग वैन
एडीसी ने किया मोबाइल वाटर टेस्टिंग वैन का शुभारंभ
फोटो - 2, 3
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। मत्स्य विभाग ने मछली उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में नया कदम उठाया है। सिरसा ही नहीं, रोहतक व हिसार जिले को भी मोबाइल वैन की सुविधा मिली है। इस मोबाइल वैन से गांव-गांव जाकर तालाबों व अन्य विकल्पों के पानी की जांच की जा सकेगी। अब सिरसा के किसानों को हिसार व रोहतक की टेस्टिंग लैबों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। उन्हें उनके खंड या गांव तक मोबाइल वैन की सुविधा मिलेगी।
सिरसा में मोबाइल वैन को लघु सचिवालय परिसर से अतिरिक्त उपायुक्त अर्पित संगल ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इससे पहले उन्होंने मोबाइल वैन का निरीक्षण किया और प्रत्येक उपकरण व रिपोर्ट के बारे में जाना। इस दौरान जिला मत्स्य अधिकारी जगदीश चंद्र भी मौजूद रहे।
अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि यह पहल मछली पालकों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगी। अब किसानों को पानी की जांच के लिए प्रयोगशालाओं के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। मौके पर ही रिपोर्ट मिल सकेगी।
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इससे समय और खर्च दोनों की बचत होगी तथा मछली पालन को वैज्ञानिक तरीके से करने में सहायता मिलेगी। पहले उन्हें हिसार और रोहतक पानी की जांच करवाने के लिए जाना पड़ता था।
अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि मोबाइल वाटर टेस्टिंग वैन से तालाबों के पानी की वैज्ञानिक तरीके से जांच होगी। पानी के लगभग 10 महत्वपूर्ण मानकों जैसे पीएच, घुलित ऑक्सीजन, लवणता, क्षारीयता, कुल कठोरता, कैल्शियम, मैग्नीशियम, अमोनिया, नाइट्रेट और नाइट्राइट की मौके पर सही जांच हो पाएगी। 30 मिनट के अंदर किसानों को रिपोर्ट मिल जाएगी।
एडीसी ने बताया कि इन सभी मानकों का सीधा संबंध मछलियों के स्वास्थ्य और उत्पादन से होता है। इस रिपोर्ट से किसान तुरंत यह समझ सकेंगे कि पानी की गुणवत्ता में कौन-सी कमी या अधिकता है। उसी अनुसार वे समय रहते सुधारात्मक कदम उठा सकेंगे जिससे उत्पादन में वृद्धि और नुकसान में कमी आएगी।
150 से 200 रुपये प्रति सैंपल आता था खर्च
जिला मत्स्य अधिकारी जगदीश चंद्र ने बताया कि सिरसा में मत्स्य पालन का बहुत अधिक स्कोप है। यह वैन क्षेत्र के लिए बहुत फायदेमंद सिद्ध होगी। यह वैन अपने रूट चार्ट के अनुसार जिले के सभी खंडों में जाएगी। उन्होंने बताया कि किसानों को पानी की जांच के लिए रोहतक या हिसार स्थित प्रयोगशालाओं में जाना नहीं पड़ेगा।
इन जिले में रिपोर्ट को आने में कई बार दो से तीन दिन का समय लग जाता था। इतना ही नहीं, प्रति सैंपल 100 से 150 रुपये तक किसान को देने पड़ते थे। उन्होंने कहा कि इच्छुक किसान इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए लघु सचिवालय सिरसा में वाणिज्य भवन स्थित जिला मत्स्य अधिकारी कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।
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30 मिनट में मिलेगी पानी की सही जानकारी, किसानों तक पहुंची मोबाइल वाटर टेस्टिंग वैन
एडीसी ने किया मोबाइल वाटर टेस्टिंग वैन का शुभारंभ
फोटो - 2, 3
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। मत्स्य विभाग ने मछली उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में नया कदम उठाया है। सिरसा ही नहीं, रोहतक व हिसार जिले को भी मोबाइल वैन की सुविधा मिली है। इस मोबाइल वैन से गांव-गांव जाकर तालाबों व अन्य विकल्पों के पानी की जांच की जा सकेगी। अब सिरसा के किसानों को हिसार व रोहतक की टेस्टिंग लैबों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। उन्हें उनके खंड या गांव तक मोबाइल वैन की सुविधा मिलेगी।
सिरसा में मोबाइल वैन को लघु सचिवालय परिसर से अतिरिक्त उपायुक्त अर्पित संगल ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इससे पहले उन्होंने मोबाइल वैन का निरीक्षण किया और प्रत्येक उपकरण व रिपोर्ट के बारे में जाना। इस दौरान जिला मत्स्य अधिकारी जगदीश चंद्र भी मौजूद रहे।
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अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि यह पहल मछली पालकों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगी। अब किसानों को पानी की जांच के लिए प्रयोगशालाओं के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। मौके पर ही रिपोर्ट मिल सकेगी।
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इससे समय और खर्च दोनों की बचत होगी तथा मछली पालन को वैज्ञानिक तरीके से करने में सहायता मिलेगी। पहले उन्हें हिसार और रोहतक पानी की जांच करवाने के लिए जाना पड़ता था।
अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि मोबाइल वाटर टेस्टिंग वैन से तालाबों के पानी की वैज्ञानिक तरीके से जांच होगी। पानी के लगभग 10 महत्वपूर्ण मानकों जैसे पीएच, घुलित ऑक्सीजन, लवणता, क्षारीयता, कुल कठोरता, कैल्शियम, मैग्नीशियम, अमोनिया, नाइट्रेट और नाइट्राइट की मौके पर सही जांच हो पाएगी। 30 मिनट के अंदर किसानों को रिपोर्ट मिल जाएगी।
एडीसी ने बताया कि इन सभी मानकों का सीधा संबंध मछलियों के स्वास्थ्य और उत्पादन से होता है। इस रिपोर्ट से किसान तुरंत यह समझ सकेंगे कि पानी की गुणवत्ता में कौन-सी कमी या अधिकता है। उसी अनुसार वे समय रहते सुधारात्मक कदम उठा सकेंगे जिससे उत्पादन में वृद्धि और नुकसान में कमी आएगी।
150 से 200 रुपये प्रति सैंपल आता था खर्च
जिला मत्स्य अधिकारी जगदीश चंद्र ने बताया कि सिरसा में मत्स्य पालन का बहुत अधिक स्कोप है। यह वैन क्षेत्र के लिए बहुत फायदेमंद सिद्ध होगी। यह वैन अपने रूट चार्ट के अनुसार जिले के सभी खंडों में जाएगी। उन्होंने बताया कि किसानों को पानी की जांच के लिए रोहतक या हिसार स्थित प्रयोगशालाओं में जाना नहीं पड़ेगा।
इन जिले में रिपोर्ट को आने में कई बार दो से तीन दिन का समय लग जाता था। इतना ही नहीं, प्रति सैंपल 100 से 150 रुपये तक किसान को देने पड़ते थे। उन्होंने कहा कि इच्छुक किसान इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए लघु सचिवालय सिरसा में वाणिज्य भवन स्थित जिला मत्स्य अधिकारी कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।