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भाजपा राज में कर्जदार हुआ किसान:हुड्डा
अमर उजाला सिरसा/ब्यूरो
Updated Tue, 27 Oct 2015 01:50 AM IST
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पूर्व मुख्यमंत्री चौ.भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सोमवार को सिरसा अनाजमंडी का दौरा कर धान की सरकारी खरीद का जायजा लिया और किसानों व आढ़तियों की समस्याएं सुनीं।
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इस मौके पर उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश लागू न करके किसानों के साथ धोखा किया है। उसके एक साल के राज में किसान कर्जदार हो गया है।
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चौ.भूपेंद्र सिंह हुड्डा सोमवार को सबसेे पहले दुकान नंबर 135 पर पहुंचे जहां पर कांग्रे नेता राजकुमार शर्मा, आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान सुरेंद्र मिंचनाबादी आदि ने स्वागत किया।
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उन्होंने वहां मौजूद किसानों से हाल चाल पूछा तो एक किसान तपाक से बोल उठा- इबतो मरां पडा हैं हॉल तो थ्यारे राज में ही ठीक था।
आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान सुरेंद्र मिंचनाबादी ने बताया कि धान का समर्थन मूल्य भी नहीं मिल रहा है और न ही कपास की बोली हो रही हे। कपास मिलों की हड़ताल के चलते बोली बंद पड़ी है। उन्होंने कहा कि किसान के साथ साथ आढ़तियों का भी बुरा हाल है।
किसान कम दाम में धान बेचने को मजबूर है। उन्होंने कहा कि खरीद एजेंसी समर्थन मूल्य तक देने को तैयार नहीं है। इसके बाद मुख्यमंत्री शेड में रखे धान की ढेरी पर पहुंचे और किसान शशिकांत से उसकी फसलों के बारे में जानकारी ली तो उसने कहा कि बुरा हाल है।
पूर्व मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार रहे प्रो.वीरेंद्र सिंह ने किसानों से फसल के लागत खर्च के बारे में पूछा तो किसानों ने उन्हें बताया कि एक एकड़ फसल तैयार करने में 75 हजार रुपये का खर्च आता है और किसान की फसल मात्र 25 हजार में बिक रही है।
ऐसे में किसान को प्रति एकड़ 50 हजार रुपये का घाटा हो रहा है। हुड्डा ने इस मौके पर कुछ किसानों और आढ़तियों से बातचीत की।
उन्होंने कहा कि कालाधन वापस लाने वाली भाजपा ने वायदा किया था कि देश के हर व्यक्ति के खाते में 15-15 लाख रुपये आएंगे पर आज किसान के खाते में 15 लाख तो नहीं आए पर वह 15 लाख का कर्जदार जरूर हो गया हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार को आढ़तियों का ख्याल रखना चाहिए क्योकि आढ़ती किसान का एटीएम होता है। उन्होंने कहा कि किसानों को एकजुट होकर अपनी ताकत का सरकार को अहसास करवाना होगा।
किसानों को इसी ताकत के बल पर सरकार को मजबूर करना होगा कि वे स्वामीनाथन की सिफारिश लागू करें। उन्होंने कहा कि सरकार को बताना चाहिए कि किसान कैसे जिंदा रहे।
इसके बाद उन्होंने देवराज और भूपेश मेहता के प्रतिष्ठान पर जाकर किसानों की समस्याएं सुनीं। इस मौके पर होशियारी लाल शर्मा, प्रो. वीरेंद्र सिंह, पूर्व सीपीएस प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा, पूर्व विधायक भरत सिंह, भूपेश मेहता, राजकुमार शर्मा, हीरा लाल शर्मा, पूर्व सांसद आत्मा सिंह गिल, अमित सिहाग, हरीश सोनी, आनंद बियानी, वेद भाट, संगीत कुमार, भोला जैन आदि मौजूद थे।