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ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों पर लगाया लापरवाही का आरोप
ब्यूरो/अमर उजाला, सिरसा
Updated Mon, 08 Sep 2014 12:17 AM IST
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वन्य प्राणी विभाग के अधिकारियों की कथित लापरवाही राष्ट्रीय पक्षी की जान पर भारी पड़ गई। चार दिन पहले घायल हुए राष्ट्रीय पक्षी की सुध नहीं लेने के कारण रविवार को उसकी मौत हो गई।
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उक्त आशय के आरोप गांव रूपावास के लोगो ंने लगाए हैं। मोर की मौत के बाद से ग्रामीणों में विभागीय अधिकारियों की कार्यशैली के चलते रोष व्याप्त है।
गांव रूपावास निवासी सतपाल, निहाल सिंह, रमेश पूनिया, राजेंद्र ओलख, रणवीर सहारण ने बताया कि गांव में कुछ समय पहले कहीं से तीन मोर आ गए।
पांच दिन पहले मोर गली में घूम रहे थे कि अचानक कुत्तों ने उन पर झपटा मारा। तीनों मोर उड़ तो गए पर एक मोर कुत्तों के हमले से घायल हो गया।
ग्रामीणों ने कुत्तों को वहां से भगाया और घायल मोर को सुरक्षित एक स्थान पर रख दिया। लोगों ने बताया कि वन्य प्राणी विभाग के अधिकारी को फोन कर मोर के घायल होने की सूचना देकर चिकित्सक भेजने की बात कही।
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तीन घंटे के इंतजार के बावजूद न अधिकारी मौके पर पहुंचा और न डॉक्टर। काफी इंतजार के बाद भी कोई नहीं आया तो गांव वालों ने अपने स्तर पर पशु चिकित्सालय से डॉक्टर बुलवाया और घायल मोर का प्राथमिक उपचार करवाया।
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घटना के चार दिन बाद भी वन्य प्राणी विभाग का कोई अधिकारी और चिकित्सक नहीं आया न ही मोर को बेहतर उपचार मिल सका। रविवार को मोर की मौत हो गई।
राष्ट्रीय पक्षी की मौत पर ग्रामीणों ने सम्मान पूर्वक उसे दफना कर अंतिम संस्कार कर दिया। इस संबंध में वन्य प्राणी विभाग के निरीक्षक से उनके मोबाइल फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उनका फोन स्विच ऑफ हो गया।