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20 साल से नप की दुकानों के किरायेदार अब बनेंगे मालिक
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for 20 years tenants of city council shops will now become owners
- फोटो : Sirsa
हरियाणा सरकार ने शहरी क्षेत्र में 20 साल से ज्यादा समय तक नप की दुकानों में किराए पर रहने पर रहने वाले लोगों को मालिकाना हक देने का निर्णय किया था। सिरसा में करीब 150 ऐसे दुकानदार हैं, जिन्हें नगर परिषद की दुकानों का मालिकाना हक मिलेगा। इसके लिए प्रशासन ने सूची भी तैयार कर ली है। दुकानदारों को अपनी दुकानों के बाहर अतिक्रमण हटाने की हिदायतें दी गई है।
नगर परिषद की सिरसा में करीब 400 दुकाने हैं। शहर में ट्रेड टावर मार्केट, गांधी मार्केट, गीता भवन वाली गली में सहित कई अन्य जगहों पर दुकानें हैं। हरियाणा सरकार ने कुछ समय पहले उन दुकानदारों को नगर परिषद की दुकानों का मालिकाना हक देने का फैसला किया था जो कि पिछले 20 सालों से ज्यादा समय से किराया अदा कर रहे हैं। किराएदार डिफाल्टर नहीं होना चाहिए। किराएदार कलेक्टर रेट पर इन दुकानों की रजिस्ट्री करवा सकेगा। सरकार के आदेश के बाद जिला प्रशासन ने एसडीएम की अध्यक्षता में कमेटी का गठन कर दिया था। इसमें एसडीएम के साथ एडीए व नप के ईओ को शामिल किया गया। इन तीनों की रिपोर्ट पर ही प्रशासन इन दुकानों का मालिकाना हक दुकानदारों को अदा करेगा। जानकारी अनुसार शहर में करीब 150 दुकानदार ऐसे हैं जो कि 20 साल की योग्यता को पूरा करने की शर्तें रखते हैं। नप के पास पिछले कुछ दिनों में करीब सात, आठ दुकानदारों ने दुकान की रजिस्ट्री के लिए आवेदन कर दिया है। लेकिन नप की बिल्डिंग ब्रांच ने जब इन दुकानदारों की दुकानों का निरीक्षण किया तो दुकानों के आगे अतिक्रमण पाया गया। दुकानदारों ने दुकानों के आगे छज्जे बनाए हुए थे। ऐसे में नप ने आवेदन करने वाले दुकानदारों को अपनी दुकानों से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए हैं।
क्षेत्र के कलेक्टर रेट के आधार पर होगी रजिस्ट्री
इन दुकानदारों को मालिकाना हक के तहत उस क्षेत्र के कलेक्टर रेट के आधार पर कीमत तय की जाएगी। कलेक्टर रेट के आधार पर रजिस्ट्री की जाएगी। किराएदार ने किसी दूसरे को दुकान किराए पर न दी हुई। किराएदार डिफाल्टर भी नहीं होना चाहिए।
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कोट्स
काफी दुकानदार दुकानों के मालिकाना हक के योग्य हैं। इसके लिए कमेटी का गठन किया गया है जो जल्द ही अपनी रिपोर्ट पेश करेगी।
-अमन ढांडा, ईओ, नगर परिषद सिरसा।
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नगर परिषद की सिरसा में करीब 400 दुकाने हैं। शहर में ट्रेड टावर मार्केट, गांधी मार्केट, गीता भवन वाली गली में सहित कई अन्य जगहों पर दुकानें हैं। हरियाणा सरकार ने कुछ समय पहले उन दुकानदारों को नगर परिषद की दुकानों का मालिकाना हक देने का फैसला किया था जो कि पिछले 20 सालों से ज्यादा समय से किराया अदा कर रहे हैं। किराएदार डिफाल्टर नहीं होना चाहिए। किराएदार कलेक्टर रेट पर इन दुकानों की रजिस्ट्री करवा सकेगा। सरकार के आदेश के बाद जिला प्रशासन ने एसडीएम की अध्यक्षता में कमेटी का गठन कर दिया था। इसमें एसडीएम के साथ एडीए व नप के ईओ को शामिल किया गया। इन तीनों की रिपोर्ट पर ही प्रशासन इन दुकानों का मालिकाना हक दुकानदारों को अदा करेगा। जानकारी अनुसार शहर में करीब 150 दुकानदार ऐसे हैं जो कि 20 साल की योग्यता को पूरा करने की शर्तें रखते हैं। नप के पास पिछले कुछ दिनों में करीब सात, आठ दुकानदारों ने दुकान की रजिस्ट्री के लिए आवेदन कर दिया है। लेकिन नप की बिल्डिंग ब्रांच ने जब इन दुकानदारों की दुकानों का निरीक्षण किया तो दुकानों के आगे अतिक्रमण पाया गया। दुकानदारों ने दुकानों के आगे छज्जे बनाए हुए थे। ऐसे में नप ने आवेदन करने वाले दुकानदारों को अपनी दुकानों से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए हैं।
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क्षेत्र के कलेक्टर रेट के आधार पर होगी रजिस्ट्री
इन दुकानदारों को मालिकाना हक के तहत उस क्षेत्र के कलेक्टर रेट के आधार पर कीमत तय की जाएगी। कलेक्टर रेट के आधार पर रजिस्ट्री की जाएगी। किराएदार ने किसी दूसरे को दुकान किराए पर न दी हुई। किराएदार डिफाल्टर भी नहीं होना चाहिए।
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कोट्स
काफी दुकानदार दुकानों के मालिकाना हक के योग्य हैं। इसके लिए कमेटी का गठन किया गया है जो जल्द ही अपनी रिपोर्ट पेश करेगी।
-अमन ढांडा, ईओ, नगर परिषद सिरसा।