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Sirsa News: 24 को पांच बेटियां ईश्वरीय सेवा को होंगी समर्पित, राजयोगिनी बीके बिंदु बोलीं- अपना जीवन परमात्मा पर अर्पण करने से बड़ा भाग्य कुछ नहीं
Wed, 06 Nov 2024 12:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Wed, 06 Nov 2024 12:53 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
चोपटा। हरियाणा के सिरसा के ब्रह्माकुमारीज आनंद भवन में 24 नवंबर को होने वाले दिव्य अलौकिक विवाह के लिए नाथूसरी चोपटा स्थित ओम शांति भवन में दिव्य संगीत समारोह का आयोजन किया गया। सिरसा में होने वाले दिव्य अलौकिक विवाह में पांच बाल ब्रह्मचारिणी बहनें आजीवन प्रभु सेवा को समर्पित होंगी। इस दौरान गाए गए सबसे पहले भजन छप गए कार्ड आज लाडो तेरी शादी के...पर सभी भाव विभोर हो गए।
समारोह में पांच बेटियां रोहानी, सिद्धि, सुनीता, अंजू और धनवर्षा सज धज कर पहुंची। ये पांचों बेटियां समाज कल्याण के लिए संयम का मार्ग अपना रही हैं। कार्यक्रम का शुभारंभ सिरसा से राजयोगिनी बीके बिंदु दीदी और नाथूसरी कलां की सरपंच रीटा जगतपाल कासनियां ने किया।
राजयोगिनी बहन बिंदु दीदी ने कहा कि आज एक साथ पांच बहनों का समर्पण देखकर मन खुशी से झूम रहा है। यह बेटियां बहुत भाग्यशाली हैं और इन्होंने जीवन में अपने कर्मों से समाज में नए उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि अपना जीवन परमात्मा पर अर्पण करने से बड़ा भाग्य कुछ नहीं हो सकता। धरती से अंधकार मिटाने और ज्ञान का प्रकाश फैलाने में शिव की शक्ति भुजा बनकर, साथी बनकर, सदा जीवन में आगे बढ़ते रहेंगी। उन्होंने बताया कि सिरसा में होने वाले भव्य कार्यक्रम में हरियाणा के कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत करेंगे। 24 नवंबर को ब्रह्मकुमारी बनकर सात फेरों का साथ संकल्प लिया जाएगा। इसी दिन इन बेटियों के माता-पिता की ओर से भी संकल्प लिया जाएगा। इस दौरान बीके शारदा, वनिता, रितु, नीतू, लक्ष्मी, ममता, वर्षा, रामनिवास, जगदीश, हरीश, सिंगर ऋषि, दुलीचंद, ओमप्रकाश, शांति बहन, मनीराम, सुमन ने दिव्य संगीत समारोह में गीत व अनुभव साझा किए।
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छह माह अभ्यास के बाद मिलती है सेवा केंद्र पर रहने की अनुमति
राजयोगिनी बहन बिंदु दीदी ने बताया कि राजयोग मेडिटेशन कोर्स के बाद 6 माह तक नियमित सत्संग राज योग ध्यान के अभ्यास के बाद सेंटर इंचार्ज दीदी की ओर से सेवा केंद्र पर रहने की अनुमति दी जाती है। 5 साल तक सेवा केंद्र पर रहने के दौरान संस्थान के दिनचर्या और गाइडलाइन का पालन करना जरूरी होता है। बहनों का आचरण, चाल-चलन, स्वभाव, व्यवहार देखा परखा जाता है। इसके बाद ट्रायल के लिए मुख्यालय शांतिवन के लिए माता-पिता का अनुमति पत्र भेजा जाता है। ट्रायल पीरियड के दो साल ब्रह्मकुमारी के रूप में समर्पण की प्रक्रिया पूरी की जाती है। समर्पण के बाद फिर बहने पूर्ण रूप से सेवा केंद्र के माध्यम से ब्रह्मकुमारी के रूप में अपनी सेवाएं देती हैं।
चोपटा में निकाली गई रथ यात्रा
दिव्य संगीत समारोह में ईश्वरीय सेवा को समर्पित होने जा रही बाल ब्रह्मचारिणी बहनों के सम्मान में सबसे पहले पांचो बहनों को रथ में बैठकर नाथूसरी चोपटा के सिरसा रोड, भट्टू रोड, भादरा रोड और नोहर रोड पर शोभा यात्रा निकाली गई। इसके बाद ओम शांति भवन में आयोजित समारोह स्थल पर ले जाया गया। जहां पर रिबन काटकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
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पांच बेटियों में से चार हरियाणा कीं और एक यूपी से
इश्वरीय सेवा को समर्पित होने जा रही पांच बेटियों में से चार रोहानी, सुनीता, अंजू और धनवर्षा हरियाणा से हैं और सिद्धि उत्तर प्रदेश से है। धनवर्षा ने एमटेक तक पढ़ाई की है। सुनीता बीकॉम तक पढ़ी लिखी है। रोहानी ने बीए और अंजू 12वीं पास और आईटीआई में डिप्लोमा किया हुआ है। इसके अलावा सिद्धि ने एमए पास कर रखी है। दिव्य अलौकिक विवाह की खुशी में बेटियों को नाश्ते गाते देखकर हर कोई झूम उठा उनके चेहरों पर कुछ पाने की खुशी को साफ देखा जा सकता था।
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चोपटा। हरियाणा के सिरसा के ब्रह्माकुमारीज आनंद भवन में 24 नवंबर को होने वाले दिव्य अलौकिक विवाह के लिए नाथूसरी चोपटा स्थित ओम शांति भवन में दिव्य संगीत समारोह का आयोजन किया गया। सिरसा में होने वाले दिव्य अलौकिक विवाह में पांच बाल ब्रह्मचारिणी बहनें आजीवन प्रभु सेवा को समर्पित होंगी। इस दौरान गाए गए सबसे पहले भजन छप गए कार्ड आज लाडो तेरी शादी के...पर सभी भाव विभोर हो गए।
समारोह में पांच बेटियां रोहानी, सिद्धि, सुनीता, अंजू और धनवर्षा सज धज कर पहुंची। ये पांचों बेटियां समाज कल्याण के लिए संयम का मार्ग अपना रही हैं। कार्यक्रम का शुभारंभ सिरसा से राजयोगिनी बीके बिंदु दीदी और नाथूसरी कलां की सरपंच रीटा जगतपाल कासनियां ने किया।
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राजयोगिनी बहन बिंदु दीदी ने कहा कि आज एक साथ पांच बहनों का समर्पण देखकर मन खुशी से झूम रहा है। यह बेटियां बहुत भाग्यशाली हैं और इन्होंने जीवन में अपने कर्मों से समाज में नए उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि अपना जीवन परमात्मा पर अर्पण करने से बड़ा भाग्य कुछ नहीं हो सकता। धरती से अंधकार मिटाने और ज्ञान का प्रकाश फैलाने में शिव की शक्ति भुजा बनकर, साथी बनकर, सदा जीवन में आगे बढ़ते रहेंगी। उन्होंने बताया कि सिरसा में होने वाले भव्य कार्यक्रम में हरियाणा के कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत करेंगे। 24 नवंबर को ब्रह्मकुमारी बनकर सात फेरों का साथ संकल्प लिया जाएगा। इसी दिन इन बेटियों के माता-पिता की ओर से भी संकल्प लिया जाएगा। इस दौरान बीके शारदा, वनिता, रितु, नीतू, लक्ष्मी, ममता, वर्षा, रामनिवास, जगदीश, हरीश, सिंगर ऋषि, दुलीचंद, ओमप्रकाश, शांति बहन, मनीराम, सुमन ने दिव्य संगीत समारोह में गीत व अनुभव साझा किए।
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छह माह अभ्यास के बाद मिलती है सेवा केंद्र पर रहने की अनुमति
राजयोगिनी बहन बिंदु दीदी ने बताया कि राजयोग मेडिटेशन कोर्स के बाद 6 माह तक नियमित सत्संग राज योग ध्यान के अभ्यास के बाद सेंटर इंचार्ज दीदी की ओर से सेवा केंद्र पर रहने की अनुमति दी जाती है। 5 साल तक सेवा केंद्र पर रहने के दौरान संस्थान के दिनचर्या और गाइडलाइन का पालन करना जरूरी होता है। बहनों का आचरण, चाल-चलन, स्वभाव, व्यवहार देखा परखा जाता है। इसके बाद ट्रायल के लिए मुख्यालय शांतिवन के लिए माता-पिता का अनुमति पत्र भेजा जाता है। ट्रायल पीरियड के दो साल ब्रह्मकुमारी के रूप में समर्पण की प्रक्रिया पूरी की जाती है। समर्पण के बाद फिर बहने पूर्ण रूप से सेवा केंद्र के माध्यम से ब्रह्मकुमारी के रूप में अपनी सेवाएं देती हैं।
चोपटा में निकाली गई रथ यात्रा
दिव्य संगीत समारोह में ईश्वरीय सेवा को समर्पित होने जा रही बाल ब्रह्मचारिणी बहनों के सम्मान में सबसे पहले पांचो बहनों को रथ में बैठकर नाथूसरी चोपटा के सिरसा रोड, भट्टू रोड, भादरा रोड और नोहर रोड पर शोभा यात्रा निकाली गई। इसके बाद ओम शांति भवन में आयोजित समारोह स्थल पर ले जाया गया। जहां पर रिबन काटकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
पांच बेटियों में से चार हरियाणा कीं और एक यूपी से
इश्वरीय सेवा को समर्पित होने जा रही पांच बेटियों में से चार रोहानी, सुनीता, अंजू और धनवर्षा हरियाणा से हैं और सिद्धि उत्तर प्रदेश से है। धनवर्षा ने एमटेक तक पढ़ाई की है। सुनीता बीकॉम तक पढ़ी लिखी है। रोहानी ने बीए और अंजू 12वीं पास और आईटीआई में डिप्लोमा किया हुआ है। इसके अलावा सिद्धि ने एमए पास कर रखी है। दिव्य अलौकिक विवाह की खुशी में बेटियों को नाश्ते गाते देखकर हर कोई झूम उठा उनके चेहरों पर कुछ पाने की खुशी को साफ देखा जा सकता था।