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Sirsa News: स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए मत्स्य विभाग देगा तीन करोड़ तक की सब्सिडी

Sun, 28 Jun 2026 10:55 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Sun, 28 Jun 2026 10:55 PM IST
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fishery department will give subsidy upto 3 crore
-नवाचारों और नवीन परियोजनाओं व गतिविधियों, इनक्यूबेटर और पायलट परियोजनाओं सहित प्रौद्योगिकी प्रदर्शन योजना के तहत मिलेगा लाभ
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। मत्स्य क्षेत्र में नवाचार, नई तकनीकों और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए मत्स्य विभाग की विभिन्न योजनाएं चल रही हैं। इसी कड़ी में नई तकनीकों के परीक्षण, स्मार्ट एक्वाकल्चर, डिजिटल समाधान, वैल्यू एडिशन, कोल्ड चेन, जैव सुरक्षा, जल गुणवत्ता प्रबंधन और अन्य नवाचार आधारित परियोजनाओं को प्रोत्साहन दिया जाएगा।
नवाचारों और नवीन परियोजनाओं/गतिविधियों, स्टार्टअप, इनक्यूबेटर और पायलट परियोजनाओं सहित प्रौद्योगिकी प्रदर्शन योजना के तहत चयनित परियोजनाओं को निर्धारित मानकों के अनुसार तीन करोड़ रुपये तक की सब्सिडी प्रदान की जाएगी।
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ये हैं अनिवार्य शर्त
1. लाभार्थी के पास परिवार पहचान पत्र होना अनिवार्य है।
2. लाभार्थी प्रस्तुत डीपीआर में शपथ पत्र देंगे कि बुनियादी सुविधाओं की सभी परिचालन, रखरखाव और निर्माण के बाद की प्रबंधन लागत उनके द्वारा वहन की जाएगी।
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3. प्रत्येक परियोजना की इकाई लागत का मूल्यांकन, मामला- दर-मामला के आधार पर किया जाएगा तथा सीएसी द्वारा अनुमोदित किया जाएगा।
4. अंतिम कार्यान्वयन एजेंसियां (ईआईए)/लाभार्थी तकनीकी-आर्थिक विवरण, पूंजीगत लागत, आवर्ती लागत, निर्माण के बाद प्रबंधन और नवाचारों और अभिनव परियोजनाओं गतिविधियों का संचालन, स्टार्टअप, इनक्यूबेटर और पायलट परियोजनाओं सहित प्रौद्योगिकी प्रदर्शन और प्रस्तावित अन्य बुनियादी ढांचे संस्थान, अनुमानित प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजन और परियोजना के कार्यान्वयन के लिए विशिष्ट समय-सीमा आदि के साथ विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) प्रस्तुत करेंगे।
5. ईआईए/लाभार्थी को अपेक्षित भूमि की उपलब्धता का दस्तावेजी प्रमाण स्वयं का/पंजीकृत पट्टा दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा। पट्टे पर दी गई भूमि के मामले में, अवसंरचना परियोजनाओं के लिए पट्टा अवधि समझौता डीपीआर/एससीपी प्रस्तुत करने की तिथि से न्यूनतम 10 वर्ष से कम नहीं होगा। जबकि गैर-अवसंरचना परियोजनाओं के लिए पट्टा अवधि/समझौता डीपीआर/एससीपी प्रस्तुत करने की तिथि से 7 (सात) वर्ष से कम नहीं होगा। पंजीकृत पट्टा दस्तावेज डीपीआर/एससीपी में शामिल होना चाहिए।
इकाई लागत के अनुसार यह मिलेगा लाभ
1. नवोन्मेषी परियोजनाएं- एक करोड़ रुपये तक।
2. इनक्यूबेशन केंद्र- तीन करोड़ रुपये तक।
3. प्रौद्योगिकी प्रदर्शन परियोजना- दो करोड़ रुपये तक।
4. स्टार्ट-अप- 50 लाख रुपये तक।
5. पायलट परियोजनाएं- दो करोड़ रुपये तक।
ये हैं आवश्यक दस्तावेज़
जन्मतिथि प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, दसवीं कक्षा का प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, लाभार्थी एवं विभाग के बीच अनुबन्ध पत्र, मत्स्य प्रशिक्षण प्रमाण पत्र,भूमि का रिकार्ड, जीएसटी आधारित बिल, लाभार्थी का साइट के साथ फोटो, बैंक खाते और पैन कार्ड का विवरण। परियोजना संबंधित नियमों व अन्य शर्तों के लिए इच्छुक व्यक्ति को जिला मत्स्य विभाग कार्यालय से संपर्क करना होगा। नियमों के अनुरूप किए गए आवेदन को सबसे पहले जिला स्तरीय कमेटी द्वारा राज्य स्तर पर अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा, उसके बाद उच्च स्तर पर अनुमोदन पर स्वीकृति के बाद ही योजना का लाभ मिलेगा।

कोटस
इस पहल से जिले में मत्स्य क्षेत्र में तकनीकी नवाचार को गति मिलेगी, उत्पादन बढ़ेगा और किसानों तथा उद्यमियों की आय में वृद्धि होगी। साथ ही यह योजना आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्यों को भी मजबूती प्रदान करेगी।
-जगदीश चंद्र, जिला मत्स्य अधिकारी
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