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जिला परिषद की पहली बैठक : गांवों के उठाए मुद्दे, प्रत्येक जोन को दो करोड़ की राशि देने का प्रस्ताव पास
Thu, 16 Feb 2023 11:26 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Thu, 16 Feb 2023 11:26 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। शहर के पंचायत भवन में वीरवार को जिला परिषद की पहली बैठक का आयोजन किया गया। चेयरमैन कर्ण चौटाला की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सभी विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे। बैठक में जहां एक ओर प्रत्येक जोन को कम से कम 2 करोड़ रुपये का फंड जारी करने का प्रस्ताव तैयार करने का फैसला लिया गया, वहीं दूसरी ओर गांवों में पेयजल समस्या, लाइब्रेरी खोलने और महिला सशक्तीकरण केंद्र शुरू करने के भी प्रस्ताव पास किए गए। बैठक में कुल 9 करोड़ 10 लाख रुपये के प्रस्ताव तैयार किए गए। अब इन प्रस्तावों को सरकार के पास भेजा जाएगा।
जिला परिषद की हाउस की पहली बैठक में विकास कार्यों को लेकर मंथन किया गया। इस दौरान 15 पार्षदों ने भाग लिया। पार्षदों ने एक-एक गांवों की समस्याओं को लेकर ब्योरा पेश किया। बैठक में चर्चा के बाद फैसले लिए गए कि सभी गांवों में महिला सशक्तीकरण केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा सभी गांंवों में लाइब्रेरी भी शुरू की जाएंगी, ताकि बच्चों को पढ़ाई करने के लिए शहर न आना पड़े। गांवों में जिम भी स्थापित किए जाएंगे। इतना ही नहीं प्रत्येक जोन को 2 करोड़ रुपये का फंड भी उपलब्ध करवाए जाने का प्रस्ताव तैयार कर सरकार के पास भेजने का फैसला लिया गया है। ताकि गांवों में विकास कार्य करवाए जा सकें। अब पार्षद अपने-अपने क्षेत्रों के गांवों की मुख्य समस्याओं की सूची तैयार करके लाएंगे और अगली बैठक में रखा जाएगा।
ख्योवाली में पानी समस्या का मुद्दा उठा, समाधान की मांग
जिला परिषद की चेयरमैन मीना रानी ने गांवों में पेयजल समस्या की मांग उठाई। उन्होंने गांव ख्योवाली का उदाहरण देते हुए कहा कि गांव गरीब है और यहां पेयजल समस्या गंभीर है। उन्होंने मांग की कि गांव में पेयजल की व्यवस्था की जाए। इस संबंध में उन्होंने बाकायदा लिखित में मांगपत्र भी दिया। इसके अलावा अन्य पार्षदों ने भी गांवों में सफाई, स्कूल सहित अन्य मुद्दों को भी उठाया। ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई के पानी को लेकर भी पार्षदों ने मांग उठाई। उन्होंने कहा कि कई गांव ऐसे हैं जहां टेल तक पानी नहीं पहुंच रहा है। वन विभाग के अधिकारी ने अपना ब्योरा रखा तो पार्षदों ने कहा कि विभाग की ओर से हर वर्ष लाखों पौधे रोपित किए जाते हैं, लेकिन उनमें से अधिकतर खत्म हो जाते हैं। इसलिए मांग की कि बेशक कम पौधे लगाए जाएं, लेकिन जो पौधे लगें, उनका पालन-पोषण अच्छे से होना चाहिए।
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चेयरमैन बोलेे- बिना भेदभाव के होंगे विकास कार्य
बैठक में पंचायत समितियों के वार्षिक बजट, ग्राम पंचायत विकास योजना, जिला परिषद विकास योजना की समीक्षा व कार्य योजना तैयार की गई। इसके अलावा स्वास्थ्य केंद्रों के बजट व रख रखाव, मुख्य जल वितरण योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र में स्वच्छ पेयजल आपूर्ति पर चर्चा की गई। चेयरमैन कर्ण सिंह चौटाला ने कहा कि जिला परिषद द्वारा सभी सदस्यों के सहयोग व विभागों के तालमेल से ग्रामीण क्षेत्रों का विकास किया जाएगा। बैठक में जिला परिषद की उप प्रधान मीना रानी व जिला परिषद के सभी वार्डों के सदस्य व जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुशील कुमार भी मौजूद रहे।
पहली बैठक अच्छी प्रकार सेेे हो गई है। पार्षदों ने अपनी बात रखी है और 9 करोड़ 10 रुपये के प्रस्ताव सर्वसम्मति से तैयार किए हैं। इन्हें सरकार के पास भेजा जाएगा। इसके अलावा प्रत्येक जोन के लिए कम से कम 2 करोड़ रुपये देने को लेकर भी प्रस्ताव भेजा जाएगा। इसके अलावा अन्य योजनाओं के तहत मांगों की सूची तैयार की जाएगी। गोशाला, स्कूल, गोबर गैस प्लांट के तहत योजनाओं को लेकर मांग रखेंगे। जो भी मांगे सामने आई हैं, सभी मुद्दे नोट कर लिए गए हैं और अधिकारियों के समक्ष रखे जाएंगे। -कर्ण चौटाला, चेयरमैन, जिला परिषद, सिरसा।
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सिरसा। शहर के पंचायत भवन में वीरवार को जिला परिषद की पहली बैठक का आयोजन किया गया। चेयरमैन कर्ण चौटाला की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सभी विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे। बैठक में जहां एक ओर प्रत्येक जोन को कम से कम 2 करोड़ रुपये का फंड जारी करने का प्रस्ताव तैयार करने का फैसला लिया गया, वहीं दूसरी ओर गांवों में पेयजल समस्या, लाइब्रेरी खोलने और महिला सशक्तीकरण केंद्र शुरू करने के भी प्रस्ताव पास किए गए। बैठक में कुल 9 करोड़ 10 लाख रुपये के प्रस्ताव तैयार किए गए। अब इन प्रस्तावों को सरकार के पास भेजा जाएगा।
जिला परिषद की हाउस की पहली बैठक में विकास कार्यों को लेकर मंथन किया गया। इस दौरान 15 पार्षदों ने भाग लिया। पार्षदों ने एक-एक गांवों की समस्याओं को लेकर ब्योरा पेश किया। बैठक में चर्चा के बाद फैसले लिए गए कि सभी गांवों में महिला सशक्तीकरण केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा सभी गांंवों में लाइब्रेरी भी शुरू की जाएंगी, ताकि बच्चों को पढ़ाई करने के लिए शहर न आना पड़े। गांवों में जिम भी स्थापित किए जाएंगे। इतना ही नहीं प्रत्येक जोन को 2 करोड़ रुपये का फंड भी उपलब्ध करवाए जाने का प्रस्ताव तैयार कर सरकार के पास भेजने का फैसला लिया गया है। ताकि गांवों में विकास कार्य करवाए जा सकें। अब पार्षद अपने-अपने क्षेत्रों के गांवों की मुख्य समस्याओं की सूची तैयार करके लाएंगे और अगली बैठक में रखा जाएगा।
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ख्योवाली में पानी समस्या का मुद्दा उठा, समाधान की मांग
जिला परिषद की चेयरमैन मीना रानी ने गांवों में पेयजल समस्या की मांग उठाई। उन्होंने गांव ख्योवाली का उदाहरण देते हुए कहा कि गांव गरीब है और यहां पेयजल समस्या गंभीर है। उन्होंने मांग की कि गांव में पेयजल की व्यवस्था की जाए। इस संबंध में उन्होंने बाकायदा लिखित में मांगपत्र भी दिया। इसके अलावा अन्य पार्षदों ने भी गांवों में सफाई, स्कूल सहित अन्य मुद्दों को भी उठाया। ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई के पानी को लेकर भी पार्षदों ने मांग उठाई। उन्होंने कहा कि कई गांव ऐसे हैं जहां टेल तक पानी नहीं पहुंच रहा है। वन विभाग के अधिकारी ने अपना ब्योरा रखा तो पार्षदों ने कहा कि विभाग की ओर से हर वर्ष लाखों पौधे रोपित किए जाते हैं, लेकिन उनमें से अधिकतर खत्म हो जाते हैं। इसलिए मांग की कि बेशक कम पौधे लगाए जाएं, लेकिन जो पौधे लगें, उनका पालन-पोषण अच्छे से होना चाहिए।
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चेयरमैन बोलेे- बिना भेदभाव के होंगे विकास कार्य
बैठक में पंचायत समितियों के वार्षिक बजट, ग्राम पंचायत विकास योजना, जिला परिषद विकास योजना की समीक्षा व कार्य योजना तैयार की गई। इसके अलावा स्वास्थ्य केंद्रों के बजट व रख रखाव, मुख्य जल वितरण योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र में स्वच्छ पेयजल आपूर्ति पर चर्चा की गई। चेयरमैन कर्ण सिंह चौटाला ने कहा कि जिला परिषद द्वारा सभी सदस्यों के सहयोग व विभागों के तालमेल से ग्रामीण क्षेत्रों का विकास किया जाएगा। बैठक में जिला परिषद की उप प्रधान मीना रानी व जिला परिषद के सभी वार्डों के सदस्य व जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुशील कुमार भी मौजूद रहे।
पहली बैठक अच्छी प्रकार सेेे हो गई है। पार्षदों ने अपनी बात रखी है और 9 करोड़ 10 रुपये के प्रस्ताव सर्वसम्मति से तैयार किए हैं। इन्हें सरकार के पास भेजा जाएगा। इसके अलावा प्रत्येक जोन के लिए कम से कम 2 करोड़ रुपये देने को लेकर भी प्रस्ताव भेजा जाएगा। इसके अलावा अन्य योजनाओं के तहत मांगों की सूची तैयार की जाएगी। गोशाला, स्कूल, गोबर गैस प्लांट के तहत योजनाओं को लेकर मांग रखेंगे। जो भी मांगे सामने आई हैं, सभी मुद्दे नोट कर लिए गए हैं और अधिकारियों के समक्ष रखे जाएंगे। -कर्ण चौटाला, चेयरमैन, जिला परिषद, सिरसा।