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नगर परिषद की पहली बैठक रही हंगामेदार
अमर उाला ब्यूरो/सिरसा
Updated Thu, 02 Mar 2017 12:27 AM IST
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बैठक में बातचीत करते पार्षद
- फोटो : amarujala
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नगर परिषद के गठन के बाद बुधवार को हाउस की पहली बैठक काफी हंगामेदार रही। बैठक 12 बजे आरंभ हुई तो साढ़े चार बजे तक चली। बैठक निर्धारित की गई थी, लेकिन यह आधा घंटा देरी से शुरू हुई। बैठक की अध्यक्षता नप चेयरपर्सन शीला सहगल ने की। कांडा-कांग्रेस समर्थित पार्षदों की भाजपा पार्षदों के साथ नोक-झोक के चलते प्रस्ताव को लेकर कई बार वोटिंग करवानी पड़ी। बैठक में 39 लिखित और कुछ मौखिक एजेंडे रखे गए। अब शहर का छह करोड़ से विकास शुरू होगा।
कूड़ा उठान के टेंडर को लेकर भाजपा पार्षदों के साथ विपक्षी पार्षदों की सबसे पहले नोक-झोक हुई। भाजपा पार्षद रि-टेंडरिंग के पक्ष में थे, जबकि विपक्षी पार्षद ऐसा नहीं चाहते थे। भारी विरोध के चलते आखिर में यह फैसला हुआ कि कूड़ा उठान का टेंडर नए सिरे से दिया जाए। दमकल केंद्र के लिए अलमारी-कुर्सी 75 हजार की लागत से खरीदने का प्रस्ताव एजेंडे से बाहर निकला तो कांडा समर्थित पार्षद रोहताश वर्मा ने इस पर आपत्ति जताई। इसी दौरान भाजपा पार्षद बिंदु द्वारा बार-बार बीच में बोलना कांडा समर्थित पार्षद राजेश गुज्जर को नागवार गुजरा। मनोज मकानी भी राजेश के समर्थन में उठ खड़े हुए और बिंदु कंबोज के साथ उनकी बहसबाजी हुई।
पार्क के फ्रंट में दुकानें बनाने के प्रस्ताव पर पार्षद रेणु का विरोध
इसके बाद बखेड़ा खड़ा हुआ बंद गेट के पास स्थित भगत सिंह पार्क को लेकर। एजेंडे के 25 नंबर कॉलम के पहले प्वाइंट में पार्क के फ्रंट में साढ़े चार लाख की लागत से दुकानों के निर्माण का प्रस्ताव था। इस वार्ड की निर्दलीय पार्षद रेणु ने दुकानों के निर्माण पर असहमति जताते हुए कहा कि पार्क पहले ही काफी छोटा है। इससे अच्छा है कि पार्क के बाहर स्थित शौचालय की बेहतर ढंग से साफ-सफाई का प्रबंध होना चाहिए और पार्क को सुंदर स्वरूप प्रदान किया जाना चाहिए। पार्षद मनोज मकानी, राजेश गुज्जर, विकास जैन, रोहताश वर्मा आदि गैर भाजपाई पार्षदों ने इस पर सहमति जताई और परिषद उपप्रधान रणधीर सिंह भी पार्षद रेणु की बात से सहमत हुए। लेकिन भाजपाई पार्षदों को यह मंजूर नहीं था। भाजपा पार्षद विकास गुज्जर ने कहा कि पार्क के बाहर दुकानें बननी चाहिए, इससे नप की आमदनी होगी। भाजपा पार्षद वोटिंग पर अड़ गए। पहले तो दुकानें बनाने के समर्थन में छह पार्षदों ने ही हाथ खड़े किए तो ईओ ने कहा कि हाउस को दुकानें मंजूर नहीं हैं, इसलिए भगत सिंह पार्क के बाहर दुकानें बनाने का प्रस्ताव रद्द किया जाता है। इस पर भाजपा पार्षद विकास गुज्जर फिर खड़े हो गए और उन्होंने अपनी पार्टी के अन्य पार्षदों से हाथ खड़े करने को कहा। दोबारा वोटिंग हुई तो समर्थन में 17 पार्षदों ने हाथ खड़े कर दिए। तब पार्क के बाहर दुकानों के निर्माण को हरी झंडी मिल गई। यह देख पार्षद राजेश गुज्जर, रोहताश वर्मा, रेणु बरोड़, मनोज मकानी बैठक से वाक आउट करने के लिए खड़े हो गए। राजेश गुज्जर ने एजेंडे की कॉपी फेंक दी।
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10 हाईमास्ट लाइटें लगवाने का प्रस्ताव लंबित
भाजपा पार्षद संगीता सचदेवा ने सुझाव भी दिया कि दोनों पक्षों के विचार रखे जाएं, पर बात नहीं बन पाई। फिर शहर के मुख्य चौकों पर 10 हाईमास्ट लाइटें लगवाने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई तो पार्षद विकास जैन ने कहा कि एक लाइट की कीमत करीब पांच लाख रुपये है और इनका महीने का बिजली बिल करीब 30 हजार रुपये आता है, ऐसे में लाखों रुपये हाईमास्ट लाइट पर खर्च करना फिजूलखर्ची है। इसकी जगह सोडियम लाइटें लगनी चाहिए। भाजपा पार्षदों ने इस पर भी अपना विरोध जताया। गैर भाजपा पार्षदों के कड़े विरोध के चलते इस प्रस्ताव को लंबित रख दिया गया।
100 बैंच खरीदे जाने के प्रस्ताव पर सशर्त सहमति
टेलीफोन एक्सचेंज के पीछे नगर परिषद की खाली पड़ी जमीन पर 20 लाख की लागत से पार्क के निर्माण पर भाजपा पार्षदों ने पहले तो ना नुकर की, लेकिन बाद में मान गए। विभिन्न पार्काें के लिए आठ लाख की लागत से 100 बैंच खरीदे जाने के प्रस्ताव पर इस शर्त पर सहमति की मुहर लगा दी गई कि बैंचों पर नंबर व वर्ष अंकित किया जाएगा। गोल डिग्गी से शाह सतनाम सिंह चौक तक अनुमानित 60 लाख की लागत से स्ट्रीट लाइटें लगवाने को हाऊस ने मंजूरी प्रदान कर दी, लेकिन अरोड़ वंश चौक से सुभाष चौक तथा वाल्मीकि चौक और आईटीआई चौक से होते हुए रानियां चुंगी से रामनगरिया तक डिवाइडर पर एलईडी स्ट्रीट लाइटें करीब 70 लाख की लागत से लगवाए जाने के प्रस्ताव को भाजपाई पार्षदों ने पास नहीं होने दिया। इनके रोड़ा अटकाने के चलते दोनों कार्याें को पेंडिंग सूची में डाल दिया गया। नेहरू पार्क के विकास के लिए 25 लाख रुपये खर्च किए जाने का जब प्रस्ताव सामने आया तो कांग्रेस-कांडा समर्थित पार्षदों के चेहरे तमतमा गए। भाजपा पार्षद वैशाली रातुसरिया, ने कहा कि नेहरु पार्क शहर के बीचो-बीच है, इसका विकास होना ही चाहिए। पार्टी के अन्य पार्षदों ने भी उनके सुर में सुर मिलाया। लेकिन कांग्रेस पार्षद एवं नगर परिषद उपाध्यक्ष रणधीर सिंह ने कहा कि बड़े लीडरों को खुश करने के लिए इस पार्क पर बेवजह पैसा खर्च किया जाता है। इस प्रस्ताव पर भी भाजपा पार्षदों ने वोटिंग की मांग कर डाली। वोटिंग हुई तो प्रस्ताव के समर्थन में 17 पार्षदों के हाथ उठ खड़े हुए। ऐसे में बहुमत के चलते नेहरू पार्क के विकास को स्वीकृति मिल गई। सुनील सहारण ने विकास के मामलों को लेकर अपने सुझाव दिए।
ऑटो मार्केट को मली हरी झंडी
बैठक में ईओ अतर सिंह ने बताया कि 30 वर्षों से ऑटो मार्केट विकास को तरस रही थी, क्योंकि मामला कोर्ट में था और सरकार की ओर से प्लॉट ट्रांसफर करने की मंजूरी नहीं थी पर अब सरकार की ओर से मंजूरी आ गई है। अब प्लॉट ट्रांसफर भी हो सकेंगे और यहां पर विकास भी करवाया जा सकेगा। यह सुनकर सभी पार्षदों ने तालियों के साथ स्वागत किया। इसी प्रकार नगर सुधार मंडल की और से नगर परिषद के पास आए चौधरी देवी लाल नगर की सुध लेने का प्रस्ताव ईओ ने रखा, जिस पर सभी पार्षदों ने सहमति जताई। इसके अलावा मंडल की ओर जारी किए गए कन्या स्कूल के निर्माण को अब नप द्वारा पूरा करवाया जाएगा, जिसके बाद मोहता मार्केट में स्थित स्कूल की जगह नप के पास आएगी, जहां पर मार्केट का निर्माण होगा।
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कूड़ा उठान के टेंडर को लेकर भाजपा पार्षदों के साथ विपक्षी पार्षदों की सबसे पहले नोक-झोक हुई। भाजपा पार्षद रि-टेंडरिंग के पक्ष में थे, जबकि विपक्षी पार्षद ऐसा नहीं चाहते थे। भारी विरोध के चलते आखिर में यह फैसला हुआ कि कूड़ा उठान का टेंडर नए सिरे से दिया जाए। दमकल केंद्र के लिए अलमारी-कुर्सी 75 हजार की लागत से खरीदने का प्रस्ताव एजेंडे से बाहर निकला तो कांडा समर्थित पार्षद रोहताश वर्मा ने इस पर आपत्ति जताई। इसी दौरान भाजपा पार्षद बिंदु द्वारा बार-बार बीच में बोलना कांडा समर्थित पार्षद राजेश गुज्जर को नागवार गुजरा। मनोज मकानी भी राजेश के समर्थन में उठ खड़े हुए और बिंदु कंबोज के साथ उनकी बहसबाजी हुई।
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पार्क के फ्रंट में दुकानें बनाने के प्रस्ताव पर पार्षद रेणु का विरोध
इसके बाद बखेड़ा खड़ा हुआ बंद गेट के पास स्थित भगत सिंह पार्क को लेकर। एजेंडे के 25 नंबर कॉलम के पहले प्वाइंट में पार्क के फ्रंट में साढ़े चार लाख की लागत से दुकानों के निर्माण का प्रस्ताव था। इस वार्ड की निर्दलीय पार्षद रेणु ने दुकानों के निर्माण पर असहमति जताते हुए कहा कि पार्क पहले ही काफी छोटा है। इससे अच्छा है कि पार्क के बाहर स्थित शौचालय की बेहतर ढंग से साफ-सफाई का प्रबंध होना चाहिए और पार्क को सुंदर स्वरूप प्रदान किया जाना चाहिए। पार्षद मनोज मकानी, राजेश गुज्जर, विकास जैन, रोहताश वर्मा आदि गैर भाजपाई पार्षदों ने इस पर सहमति जताई और परिषद उपप्रधान रणधीर सिंह भी पार्षद रेणु की बात से सहमत हुए। लेकिन भाजपाई पार्षदों को यह मंजूर नहीं था। भाजपा पार्षद विकास गुज्जर ने कहा कि पार्क के बाहर दुकानें बननी चाहिए, इससे नप की आमदनी होगी। भाजपा पार्षद वोटिंग पर अड़ गए। पहले तो दुकानें बनाने के समर्थन में छह पार्षदों ने ही हाथ खड़े किए तो ईओ ने कहा कि हाउस को दुकानें मंजूर नहीं हैं, इसलिए भगत सिंह पार्क के बाहर दुकानें बनाने का प्रस्ताव रद्द किया जाता है। इस पर भाजपा पार्षद विकास गुज्जर फिर खड़े हो गए और उन्होंने अपनी पार्टी के अन्य पार्षदों से हाथ खड़े करने को कहा। दोबारा वोटिंग हुई तो समर्थन में 17 पार्षदों ने हाथ खड़े कर दिए। तब पार्क के बाहर दुकानों के निर्माण को हरी झंडी मिल गई। यह देख पार्षद राजेश गुज्जर, रोहताश वर्मा, रेणु बरोड़, मनोज मकानी बैठक से वाक आउट करने के लिए खड़े हो गए। राजेश गुज्जर ने एजेंडे की कॉपी फेंक दी।
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10 हाईमास्ट लाइटें लगवाने का प्रस्ताव लंबित
भाजपा पार्षद संगीता सचदेवा ने सुझाव भी दिया कि दोनों पक्षों के विचार रखे जाएं, पर बात नहीं बन पाई। फिर शहर के मुख्य चौकों पर 10 हाईमास्ट लाइटें लगवाने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई तो पार्षद विकास जैन ने कहा कि एक लाइट की कीमत करीब पांच लाख रुपये है और इनका महीने का बिजली बिल करीब 30 हजार रुपये आता है, ऐसे में लाखों रुपये हाईमास्ट लाइट पर खर्च करना फिजूलखर्ची है। इसकी जगह सोडियम लाइटें लगनी चाहिए। भाजपा पार्षदों ने इस पर भी अपना विरोध जताया। गैर भाजपा पार्षदों के कड़े विरोध के चलते इस प्रस्ताव को लंबित रख दिया गया।
100 बैंच खरीदे जाने के प्रस्ताव पर सशर्त सहमति
टेलीफोन एक्सचेंज के पीछे नगर परिषद की खाली पड़ी जमीन पर 20 लाख की लागत से पार्क के निर्माण पर भाजपा पार्षदों ने पहले तो ना नुकर की, लेकिन बाद में मान गए। विभिन्न पार्काें के लिए आठ लाख की लागत से 100 बैंच खरीदे जाने के प्रस्ताव पर इस शर्त पर सहमति की मुहर लगा दी गई कि बैंचों पर नंबर व वर्ष अंकित किया जाएगा। गोल डिग्गी से शाह सतनाम सिंह चौक तक अनुमानित 60 लाख की लागत से स्ट्रीट लाइटें लगवाने को हाऊस ने मंजूरी प्रदान कर दी, लेकिन अरोड़ वंश चौक से सुभाष चौक तथा वाल्मीकि चौक और आईटीआई चौक से होते हुए रानियां चुंगी से रामनगरिया तक डिवाइडर पर एलईडी स्ट्रीट लाइटें करीब 70 लाख की लागत से लगवाए जाने के प्रस्ताव को भाजपाई पार्षदों ने पास नहीं होने दिया। इनके रोड़ा अटकाने के चलते दोनों कार्याें को पेंडिंग सूची में डाल दिया गया। नेहरू पार्क के विकास के लिए 25 लाख रुपये खर्च किए जाने का जब प्रस्ताव सामने आया तो कांग्रेस-कांडा समर्थित पार्षदों के चेहरे तमतमा गए। भाजपा पार्षद वैशाली रातुसरिया, ने कहा कि नेहरु पार्क शहर के बीचो-बीच है, इसका विकास होना ही चाहिए। पार्टी के अन्य पार्षदों ने भी उनके सुर में सुर मिलाया। लेकिन कांग्रेस पार्षद एवं नगर परिषद उपाध्यक्ष रणधीर सिंह ने कहा कि बड़े लीडरों को खुश करने के लिए इस पार्क पर बेवजह पैसा खर्च किया जाता है। इस प्रस्ताव पर भी भाजपा पार्षदों ने वोटिंग की मांग कर डाली। वोटिंग हुई तो प्रस्ताव के समर्थन में 17 पार्षदों के हाथ उठ खड़े हुए। ऐसे में बहुमत के चलते नेहरू पार्क के विकास को स्वीकृति मिल गई। सुनील सहारण ने विकास के मामलों को लेकर अपने सुझाव दिए।
ऑटो मार्केट को मली हरी झंडी
बैठक में ईओ अतर सिंह ने बताया कि 30 वर्षों से ऑटो मार्केट विकास को तरस रही थी, क्योंकि मामला कोर्ट में था और सरकार की ओर से प्लॉट ट्रांसफर करने की मंजूरी नहीं थी पर अब सरकार की ओर से मंजूरी आ गई है। अब प्लॉट ट्रांसफर भी हो सकेंगे और यहां पर विकास भी करवाया जा सकेगा। यह सुनकर सभी पार्षदों ने तालियों के साथ स्वागत किया। इसी प्रकार नगर सुधार मंडल की और से नगर परिषद के पास आए चौधरी देवी लाल नगर की सुध लेने का प्रस्ताव ईओ ने रखा, जिस पर सभी पार्षदों ने सहमति जताई। इसके अलावा मंडल की ओर जारी किए गए कन्या स्कूल के निर्माण को अब नप द्वारा पूरा करवाया जाएगा, जिसके बाद मोहता मार्केट में स्थित स्कूल की जगह नप के पास आएगी, जहां पर मार्केट का निर्माण होगा।