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जिले में डीएपी एनपीके की भारी किल्लत, किसानों को झेलनी पड़ रही परेशानी
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सिरसा। जिले में डीएपी की किल्लत होने के साथ ही अब एनपीके खाद लेने के लिए किसानों को एक दुकान से दूसरी दुकान पर चक्कर काटने पड़ रहे हैं। कृषि विभाग की ओर से लगातार डीएपी खाद मंगवाई जा रही है, लेकिन इसके बाद भी मांग अनुसार जिले में खाद की सप्लाई नहीं आ पा रही है। सरकारी दुकानों पर खाद खत्म होने के बाद अब दिवाली के बाद खाद पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
शनिवार को आईपीएल रैक लगने के बाद करीब 1200 बैग अनाज मंडी स्थित दुकान पर पहुंचे थे, लेकिन दोपहर बाद ही सभी बैग बिक गए। जिसके बाद पहुंचने वाले किसानों को वापस खाली हाथ लौटना पड़ा। किसानों को घंटों लाइन में लगकर खाद के लिए पर्ची कटवानी पड़ी, लेकिन किसानों को केवल पांच ही बैग मिल पाए। वहीं सरकारी और सोसायटी की दुकानों पर खाद खत्म होने की जानकारी मिलने के बाद किसान वहां से वापस भी लौटते हुए नजर आए। कृषि अधिकारियों के अनुसार जिले में अभी 600 एमटी का ही स्टॉक शेष रहा है और दो दिन बाद रैक लगने से सिरसा में डीएपी खाद पहुंच सकेगी।
एक माह से किसान दुकानों के काट रहे चक्कर
सरसों की बिजाई का कार्य चल रहा है और कई क्षेत्रों में धान की कटाई करने के बाद गेहूं की बिजाई करने की भी तैयारी कर ली है, लेकिन डीएपी न मिलने के कारण किसानों को बीते एक माह से एक दुकान से दूसरी दुकान के चक्कर काटने पर मजबूर होना पड़ रहा है। किसान बार-बार दुकानों पर पहुंचकर खाद की जानकारी मांगते है, लेकिन दुकानदार उन्हें दो दिन या तीन दिन बाद आने की जानकारी देकर वापस लौटा रहे हैं।
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रैक लगने पर 12 हजार बैग ही पहुंचते है सिरसा
कृषि अधिकारियों की ओर से डीएपी खाद की मांग भेजी जाती है। जिसके बाद रेल के माध्यम से खाद अलग-अलग जिलों तक पहुंचती है। रैक लगने के बाद जिले को 12 हजार बैग ही मिल पाता है। लेकिन मांग अधिक होने के कारण किसानों को खाद नहीं मिल पाती। इसके लिए अधिकारी भी लगातार खाद की मांग उच्च अधिकारियों से कर रहे है। ताकि जल्द से जल्द किसानों की समस्या का समाधान हो सके।
वर्जन
किसानों को लगातार खाद का वितरण किया जा रहा है। दो दिन बाद रैक लगने की उम्मीद है। जिसके बाद किसानों को खाद देने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। 600 एमटी खाद का स्टॉक प्राइवेट और सरकारी दुकानों में पड़ा है। जल्द ही किसानों की समस्या का समाधान होगा।
-सुखदेव सिंह, गुणवत्ता नियंत्रक अधिकारी, कृषि विभाग सिरसा।
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शनिवार को आईपीएल रैक लगने के बाद करीब 1200 बैग अनाज मंडी स्थित दुकान पर पहुंचे थे, लेकिन दोपहर बाद ही सभी बैग बिक गए। जिसके बाद पहुंचने वाले किसानों को वापस खाली हाथ लौटना पड़ा। किसानों को घंटों लाइन में लगकर खाद के लिए पर्ची कटवानी पड़ी, लेकिन किसानों को केवल पांच ही बैग मिल पाए। वहीं सरकारी और सोसायटी की दुकानों पर खाद खत्म होने की जानकारी मिलने के बाद किसान वहां से वापस भी लौटते हुए नजर आए। कृषि अधिकारियों के अनुसार जिले में अभी 600 एमटी का ही स्टॉक शेष रहा है और दो दिन बाद रैक लगने से सिरसा में डीएपी खाद पहुंच सकेगी।
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एक माह से किसान दुकानों के काट रहे चक्कर
सरसों की बिजाई का कार्य चल रहा है और कई क्षेत्रों में धान की कटाई करने के बाद गेहूं की बिजाई करने की भी तैयारी कर ली है, लेकिन डीएपी न मिलने के कारण किसानों को बीते एक माह से एक दुकान से दूसरी दुकान के चक्कर काटने पर मजबूर होना पड़ रहा है। किसान बार-बार दुकानों पर पहुंचकर खाद की जानकारी मांगते है, लेकिन दुकानदार उन्हें दो दिन या तीन दिन बाद आने की जानकारी देकर वापस लौटा रहे हैं।
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रैक लगने पर 12 हजार बैग ही पहुंचते है सिरसा
कृषि अधिकारियों की ओर से डीएपी खाद की मांग भेजी जाती है। जिसके बाद रेल के माध्यम से खाद अलग-अलग जिलों तक पहुंचती है। रैक लगने के बाद जिले को 12 हजार बैग ही मिल पाता है। लेकिन मांग अधिक होने के कारण किसानों को खाद नहीं मिल पाती। इसके लिए अधिकारी भी लगातार खाद की मांग उच्च अधिकारियों से कर रहे है। ताकि जल्द से जल्द किसानों की समस्या का समाधान हो सके।
वर्जन
किसानों को लगातार खाद का वितरण किया जा रहा है। दो दिन बाद रैक लगने की उम्मीद है। जिसके बाद किसानों को खाद देने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। 600 एमटी खाद का स्टॉक प्राइवेट और सरकारी दुकानों में पड़ा है। जल्द ही किसानों की समस्या का समाधान होगा।
-सुखदेव सिंह, गुणवत्ता नियंत्रक अधिकारी, कृषि विभाग सिरसा।