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Sirsa News: अधिकतर रोडवेज बसों से फर्स्ट एड बॉक्स गायब
Fri, 08 Sep 2023 11:11 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Fri, 08 Sep 2023 11:11 PM IST
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सिरसा। सरकार व अधिकारियों की ओर से रोडवेज बसों में यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के दावे किए जाते हैं। लेकिन रोडवेज बस में कोई यात्री किसी कारण घायल होता है तो उसको प्राथमिक उपचार देने के लिए बस में दवाई तो दूर यहां फर्स्ट एड बॉक्स तक नहीं है। इस कारण यात्रियों को इससे परेशानी भी उठानी पड़ सकती है। सिरसा डिपो के साथ-साथ अन्य डिपो की बसों की भी यही स्थिति है। यहां पर कई बसों में फर्स्ट एड बॉक्स रखा है लेकिन उसमें पट्टी के अलावा अन्य कोई भी दवाई तक उपलब्ध नहीं है।
सरकार की ओर से हर वर्ष सितंबर माह के दूसरे शनिवार को वर्ल्ड फर्स्ट एड दिवस मनाया जाता है। रोडवेज की बसों में सबसे अधिक यात्री आवाजाही करते हैं। इसके चलते शुक्रवार को रोडवेज बसों में फर्स्ट एड बॉक्स की जांच-पड़ताल की गई। सिरसा बस स्टैंड के काउंटर पर खड़ी बसों की जांच की गई तो पांच में से केवल एक बस में ही फर्स्ट एड बॉक्स पाया गया। जिसकी जांच किए जाने के बाद उसमें केवल पट्टी ही उपलब्ध मिली। जबकि दवाई सहित अन्य कोई भी सामान बॉक्स में नहीं पाया गया। वहीं अन्य बसों में तो फर्स्ट एड बॉक्स तक गायब मिला। जिसके संबंध में चालक-परिचालक से पूछताछ की गई तो वह भी बॉक्स के संबंध में कोई जानकारी तक नहीं दे पाए गए और लंबे समय से बॉक्स उपलब्ध न होने का हवाला देते रहे।
हालांकि जब रोडवेज के अधिकारियों से इस संबंध में बातचीत की गई तो उन्होंने चालक-परिचालकों को पत्र जारी कर बॉक्स की उपलब्धता की जानकारी मांगी है। वहीं डिपो पर सिरसा, हिसार, बहादुरगढ़ सहित अन्य कई डिपो की बसों की हालत सही मिली।
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सिरसा डिपो में है 214 बसें, नहीं की जाती गेट पर इसकी जांच
सिरसा डिपो में रोडवेज के पास कुल 214 बसें हैं। इनमें से 182 रोडवेज की जबकि 31 बसें किलोमीटर स्कीम के तहत रोडवेज के पास है। इनमें से 168 बसों का सिरसा में जबकि 42 बसों का डबवाली में संचालन होता है। बसों की वर्कशाप में एंट्री और उनके वापस रूट पर जांच की जाती है। लेकिन वर्कशाप पर न तो फर्स्ट एड बॉक्स की जांच होती है और न ही अग्निशमन यंत्रों की कोई भी जांच होती है। ऐसे में अगर बीच रास्ते में कोई हादसा होता है तो उसका यात्रियों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। लेकिन अधिकारियों की ओर से इस पर कोई भी ध्यान नहीं दिया जाता।
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अधिकारियों की ओर से जांच न किए जाने के कारण स्थिति हो रही खराब
वहीं हरियाणा रोडवेज कर्मचारी यूनियन के नेता चमन लाल स्वामी ने बताया कि सरकार की ओर से लंबे समय से ही फर्स्ट एड बॉक्स के लिए दवाइयां नहीं दी जा रही है। रोडवेज में किसी भी बस में इस तरह की कोई सुविधा नहीं है। इस तरह की व्यवस्था करने के लिए वह कई बार अधिकारियों को भी मांग पत्र सौंप चुके हैं। लेकिन अधिकारियों की ओर से कोई भी सख्ती नहीं की जाती है। अगर कोई हादसा होता है तो उसमें यात्रियों को इसकी परेशानी होगी ।
फर्स्ट एड बॉक्स की जांच की जाती है। अगर किसी बस में बॉक्स नहीं है तो इसकी जांच की जाएगी। इसके लिए पत्र लिखा गया है। बसों में यात्रियों के लिए इस तरह की व्यवस्था की जाएगी।
-मनोज शर्मा, वर्क मैनेजर, सिरसा डिपो।
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सरकार की ओर से हर वर्ष सितंबर माह के दूसरे शनिवार को वर्ल्ड फर्स्ट एड दिवस मनाया जाता है। रोडवेज की बसों में सबसे अधिक यात्री आवाजाही करते हैं। इसके चलते शुक्रवार को रोडवेज बसों में फर्स्ट एड बॉक्स की जांच-पड़ताल की गई। सिरसा बस स्टैंड के काउंटर पर खड़ी बसों की जांच की गई तो पांच में से केवल एक बस में ही फर्स्ट एड बॉक्स पाया गया। जिसकी जांच किए जाने के बाद उसमें केवल पट्टी ही उपलब्ध मिली। जबकि दवाई सहित अन्य कोई भी सामान बॉक्स में नहीं पाया गया। वहीं अन्य बसों में तो फर्स्ट एड बॉक्स तक गायब मिला। जिसके संबंध में चालक-परिचालक से पूछताछ की गई तो वह भी बॉक्स के संबंध में कोई जानकारी तक नहीं दे पाए गए और लंबे समय से बॉक्स उपलब्ध न होने का हवाला देते रहे।
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हालांकि जब रोडवेज के अधिकारियों से इस संबंध में बातचीत की गई तो उन्होंने चालक-परिचालकों को पत्र जारी कर बॉक्स की उपलब्धता की जानकारी मांगी है। वहीं डिपो पर सिरसा, हिसार, बहादुरगढ़ सहित अन्य कई डिपो की बसों की हालत सही मिली।
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सिरसा डिपो में है 214 बसें, नहीं की जाती गेट पर इसकी जांच
सिरसा डिपो में रोडवेज के पास कुल 214 बसें हैं। इनमें से 182 रोडवेज की जबकि 31 बसें किलोमीटर स्कीम के तहत रोडवेज के पास है। इनमें से 168 बसों का सिरसा में जबकि 42 बसों का डबवाली में संचालन होता है। बसों की वर्कशाप में एंट्री और उनके वापस रूट पर जांच की जाती है। लेकिन वर्कशाप पर न तो फर्स्ट एड बॉक्स की जांच होती है और न ही अग्निशमन यंत्रों की कोई भी जांच होती है। ऐसे में अगर बीच रास्ते में कोई हादसा होता है तो उसका यात्रियों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। लेकिन अधिकारियों की ओर से इस पर कोई भी ध्यान नहीं दिया जाता।
अधिकारियों की ओर से जांच न किए जाने के कारण स्थिति हो रही खराब
वहीं हरियाणा रोडवेज कर्मचारी यूनियन के नेता चमन लाल स्वामी ने बताया कि सरकार की ओर से लंबे समय से ही फर्स्ट एड बॉक्स के लिए दवाइयां नहीं दी जा रही है। रोडवेज में किसी भी बस में इस तरह की कोई सुविधा नहीं है। इस तरह की व्यवस्था करने के लिए वह कई बार अधिकारियों को भी मांग पत्र सौंप चुके हैं। लेकिन अधिकारियों की ओर से कोई भी सख्ती नहीं की जाती है। अगर कोई हादसा होता है तो उसमें यात्रियों को इसकी परेशानी होगी ।
फर्स्ट एड बॉक्स की जांच की जाती है। अगर किसी बस में बॉक्स नहीं है तो इसकी जांच की जाएगी। इसके लिए पत्र लिखा गया है। बसों में यात्रियों के लिए इस तरह की व्यवस्था की जाएगी।
-मनोज शर्मा, वर्क मैनेजर, सिरसा डिपो।