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Sirsa News: वर्ष 2017 स्ट्रीट लाइट घोटाले में तत्कालीन ईओ, जेई सहित अन्य कर्मचारियों पर एफआईआर व रिकवरी के आदेश

Tue, 12 Mar 2024 10:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Tue, 12 Mar 2024 10:05 AM IST
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FIR and recovery orders against the then EO, JE and other employees in the 2017 street light scam
सिरसा। साल 2017 में हुई स्ट्रीट लाइट लगाने के मामले में हुए भ्रष्टाचार पर अब निकाय विभाग ने तत्कालीन कार्यकारी अधिकारी, जेई और अन्य कर्मचारियों पर एफआईआर कराने के आदेश जारी किए हैं। इतना ही नहीं, इस मामले में रिकवरी करने को लेकर भी सख्त निर्देश देते हुए मुख्यालय को अवगत करवाने को जिला नगर आयुक्त को निर्देश दिए है। लेकिन एक माह से ज्यादा वक्त बीत जाने के बाद भी अभी तक इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई है।
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पूर्व जिला नगर आयुक्त के समय में आए इस पत्र को अधिकारियों ने अपने स्तर पर दबा लिया। जिसके चलते कोई कार्रवाई नहीं हो पाई। अब नए आए उप निगम आयुक्त एसके बैनीवाल ने कहा कि यदि भ्रष्टाचार पर कार्रवाई को लेकर आदेश शहरी स्थानीय निकाय विभाग की ओर से आए हैं तो उसको अमल में लाया जाएगा। बता दें कि वर्ष 2017 में स्लम बस्ती में स्ट्रीट लाइट लगाने में भ्रष्टाचार का मामला चर्चाओं में रहा था। हाउस की बैठक में एक पार्षद ने ठेकेदार को दिए गए रेट से दोगुना रेट पर पुरानी स्ट्रीट लाइट लेने के लिए चेक तक हाउस में पेश कर दिया था।
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जिसके बाद मुद्दा गर्मा गया और इस मामले में शिकायत सीएम विंडो में लगाई गई। साल 2017 में बलजीत कौर द्वारा लगाई गई सीएम विंडो पर शिकायत नंबर 099740 पर हुई जांच के आधार पर शहरी स्थानीय निकाय विभाग की ओर से जिला नगर आयुक्त को दो फरवरी 2024 को भ्रष्टाचार में संलिप्त अधिकारियों, कर्मचारियों और ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर करवाने के आदेश दिए गए हैं। इसके साथ ही रिकवरी के लिए भी लिखा गया है। लेकिन भ्रष्टाचार के इस मामले में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
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वर्ष 2021 में एडीसी की जांच रिपोर्ट में पाए गए थे दोषी
सीएम विंडो की जांच तत्कालीन एडीसी के द्वारा की गई थी। 1 अगस्त 2020 को एडीसी की रिपोर्ट में स्ट्रीट लाइट मामले में भ्रष्टाचार होने की बात कहीं गई थी और नगर परिषद अधिकारियों को सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए गए थे। वहीं रिकवरी को कहां गया था। परंतु नगर परिषद के अधिकारियों की ओर से इन आदेशों पर कोई गंभीरता नहीं दिखाई गई। अगस्त 2021 तक रिकवरी व कार्रवाई नहीं हुई। वर्ष 2022 और 2023 में इस मामले को नगर परिषद अधिकारियों ने ठंडे बस्ते में डाल दिया। लेकिन 2 फरवरी 2024 में शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने तत्कालीन ईओ, जेई व अन्य कर्मचारियों और ठेकेदार के खिलाफ ही एफआईआर के आदेश दे दिए। वहीं जिला नगर आयुक्त को इस मामले में रिकवरी करवाने के आदेश भी दिए गए है। वहीं कार्रवाई संबंध में मुख्यालय को सूचित करने के आदेश विशेष रूप से दिए गए हैं।

यह है मामला
निवर्तमान पार्षद ने बताया कि वर्ष 2017 में शहर के स्लम एरिया में स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए टेंडर हुआ था। यह टेंडर करीबन 6 करोड़ की राशि का लगाया गया था। इसके टेंडर के दौरान अधिकारियों ने पुरानी स्ट्रीट लाइट 100 रुपये प्रति लाइट के आस पास ठेकेदार को दी थी। ठेकेदार ने आठ हजार पुरानी स्ट्रीट लाइट उतरी थी। आरोप है कि ठेकेदार ने स्ट्रीट लाइट 500 से लेकर एक हजार रुपये तक बेची थी। जिसके बाद मामला हाउस की बैठक में भी उठा था। कई दिनों तक यह मामला सुर्खियों में बना रहा।


स्ट्रीट लाइट घोटाले मेें एफआईआर व रिकवरी संबंधी कोई जानकारी नहीं है। यदि ऐसा मामला है तो उसका पता करवाउंगा। मुख्यालय के आदेशों का पालन होगा।
-एसके बैनीवाल, जिला नगर आयुक्त, सिरसा
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