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Sirsa News: रिश्वत के मामले में पूर्व सीआईए इंचार्ज के आखिरी बयान दर्ज, सजा में नरमी बरतने की लगाई गुहार
Tue, 19 Nov 2024 11:17 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Tue, 19 Nov 2024 11:17 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। दो लाख रुपये रिश्वत लेने के मामले में दोषी पूर्व सीआईए इंचार्ज को जिला एवं सत्र न्यायालय 21 नवंबर को सजा सुनाएगा। न्यायालय ने दोषी अजय कुमार के मंगलवार को आखिरी बयान दर्ज किए। अपने आखिरी बयान में दोषी ने न्यायालय से सजा में नरमी बरतने की गुहार लगाई है।
बता दें कि न्यायालय ने 14 नवंबर को एसआई अजय को दोषी करार दे दिया था। अजय कुमार 14 नवंबर तक सिरसा पुलिस के एटीवी स्टाफ का इंचार्ज था। स्टेट विजिलेंस ब्यूरो ने अजय कुमार को 5 जुलाई 2021 को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था।
गिरफ्तारी के बाद जमानत पर जेल से रिहा होने के लिए अजय कुमार ने अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने पांच बार जमानत याचिका लगाई और हर बार न्यायालय याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद उसने हाईकोर्ट से जमानत ली।
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मामले के अनुसार हुडा सेक्टर सिरसा निवासी सुक्खा सिंह ने विजिलेंस निदेशक को दी थी कि उसका पिता बलदेव सिंह एनडीपीएस एक्ट में जिला जेल में है। कोरोना संक्रमण के समय उसके पिता को 42 दिनों की पैरोल मिली थी। हार्ट की बीमारी के कारण उसका पिता तय समय पर वापस जेल नहीं जा पाया। इसके बाद उसके पिता का वारंट जारी हो गया। 15 जून को डबवाली सीआईए इंचार्ज एसआई अजय कुमार उनके घर आया और पिता को पकड़ लिया। इसके बाद अजय कुमार कहने लगा कि पूरे परिवार को धारा 216 में गिरफ्तार करुंगा। अगर बचना है तो तीन लाख रुपये देने होंगे। सुक्खा ने अजय कुमार को कहा कि इतने रुपये तो उसके पास अभी नहीं हैं। सुक्खा ने अजय कुमार को एक लाख रुपये दे दिए। इसके बाद एसआई अजय कुमार ने सुक्खा से कहा कि एसपी साहब ने कहा है कि दो लाख रुपये और देने होंगे, तभी पूरा परिवार गिरफ्तारी से बचेगा। 5 जुलाई 2021 को डीएसपी कैलाश के नेतृत्व में विजिलेंस ब्यूरो की टीम सिरसा पहुंची। इसके बाद सुक्खा सिंह ने एसआई अजय कुमार को अपनी अनाज मंडी स्थित आढ़ती की दुकान में बुलाया। एसआई अजय कुमार ने सुक्खा से दो लाख रुपये रिश्वत के लिए तो तुरंत विजिलेंस की टीम ने उसे दबोच लिया।
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सिरसा। दो लाख रुपये रिश्वत लेने के मामले में दोषी पूर्व सीआईए इंचार्ज को जिला एवं सत्र न्यायालय 21 नवंबर को सजा सुनाएगा। न्यायालय ने दोषी अजय कुमार के मंगलवार को आखिरी बयान दर्ज किए। अपने आखिरी बयान में दोषी ने न्यायालय से सजा में नरमी बरतने की गुहार लगाई है।
बता दें कि न्यायालय ने 14 नवंबर को एसआई अजय को दोषी करार दे दिया था। अजय कुमार 14 नवंबर तक सिरसा पुलिस के एटीवी स्टाफ का इंचार्ज था। स्टेट विजिलेंस ब्यूरो ने अजय कुमार को 5 जुलाई 2021 को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था।
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गिरफ्तारी के बाद जमानत पर जेल से रिहा होने के लिए अजय कुमार ने अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने पांच बार जमानत याचिका लगाई और हर बार न्यायालय याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद उसने हाईकोर्ट से जमानत ली।
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मामले के अनुसार हुडा सेक्टर सिरसा निवासी सुक्खा सिंह ने विजिलेंस निदेशक को दी थी कि उसका पिता बलदेव सिंह एनडीपीएस एक्ट में जिला जेल में है। कोरोना संक्रमण के समय उसके पिता को 42 दिनों की पैरोल मिली थी। हार्ट की बीमारी के कारण उसका पिता तय समय पर वापस जेल नहीं जा पाया। इसके बाद उसके पिता का वारंट जारी हो गया। 15 जून को डबवाली सीआईए इंचार्ज एसआई अजय कुमार उनके घर आया और पिता को पकड़ लिया। इसके बाद अजय कुमार कहने लगा कि पूरे परिवार को धारा 216 में गिरफ्तार करुंगा। अगर बचना है तो तीन लाख रुपये देने होंगे। सुक्खा ने अजय कुमार को कहा कि इतने रुपये तो उसके पास अभी नहीं हैं। सुक्खा ने अजय कुमार को एक लाख रुपये दे दिए। इसके बाद एसआई अजय कुमार ने सुक्खा से कहा कि एसपी साहब ने कहा है कि दो लाख रुपये और देने होंगे, तभी पूरा परिवार गिरफ्तारी से बचेगा। 5 जुलाई 2021 को डीएसपी कैलाश के नेतृत्व में विजिलेंस ब्यूरो की टीम सिरसा पहुंची। इसके बाद सुक्खा सिंह ने एसआई अजय कुमार को अपनी अनाज मंडी स्थित आढ़ती की दुकान में बुलाया। एसआई अजय कुमार ने सुक्खा से दो लाख रुपये रिश्वत के लिए तो तुरंत विजिलेंस की टीम ने उसे दबोच लिया।