{"_id":"5916118e4f1c1b1522851fa1","slug":"father-killer-life-imprisonment-and-five-thousand-rupees-fine-sirsa","type":"story","status":"publish","title_hn":"पिता के हत्यारे को उम्रकैद और पांच हजार रुपये जुर्माना ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पिता के हत्यारे को उम्रकैद और पांच हजार रुपये जुर्माना
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
Updated Sat, 13 May 2017 01:18 AM IST
विज्ञापन
Demo Pic
- फोटो : google
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मौजूखेड़ा के कृष्ण हत्याकांड में पिता की हत्या करने वाले हत्यारे पुत्र को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसी के साथ न्यायाधीश जगभूषण गुप्ता ने हत्यारे जोगेंद्र को सबूत नष्ट करने पर तीन साल कारावास की सजा दी है। शुक्रवार दोपहर को न्यायाधीश जगभूषण गुप्ता अपना फैसला सुनाने लगे तो पहले बचाव पक्ष ने अदालत से कहा कि हत्या का ये मामला अति दुर्लभ श्रेणी में नहीं आता। ऐसे में दोषी की घरेलू हालात को ध्यान में रखकर सजा में नरमी बरती जाए। बचाव पक्ष की दलील सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुनाया कि जोगेंद्र को अपने पिता कृष्ण की हत्या करने के जुर्म में उम्रकैद और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई जाती है। इस मामले में सबसे खास रह रही कि हत्याकांड का खुलासा ढाई साल बाद हुआ। गांव मौजूखेड़ा में हुए इस कांड ने हर तरफ सनसनी फैला दी थी।
यह है पूरा मामला
गांव मौजूखेड़ा निवासी कृष्ण कुमार वर्ष 2012 को अचानक लापता हो गया। उसके भाइयों से लेकर ऐलनाबाद पुलिस ने कृष्ण की काफी तलाश की लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। कृष्ण का पुत्र जोगिंद्र सिंह भी हरदम पिता की तलाश मेें इधर-उधर घूमता रहता लेकिन उसका कोेई पता नहीं चला। ढाई साल गुजर जाने के बाद 18 फरवरी 2015 को कृष्ण के घर में शौचालय तक पानी की पाइप डालने का कार्य चल रहा था। पाइप लाइन के लिए कमरे खुदाई की गई तो अचानक नीचे नर कंकाल दिखाई दिया। शोर मचने पर जोगेंद्र भागता हुआ वहां आया और सारी हड्डियों और खोपड़ी को बोरी में डालकर ले जाने लगा। इसी दौरान कृष्ण का भाई पप्पू राम वहां पहुंच गया। उसने जोगेंद्र सिंह कंकाल के बारे में पूछा तो उसने बताया कि ये कंकाल पिता कृष्ण कुमार का है। इस खुलासे से हर कोई सन्न रह गया। जोगेंद्र ने खुलासा किया कि ढाई साल पहले एक दिन उसका पिता कृष्ण से झगड़ा हो गया था। झगडे़ के दौरान उसने पिता के सिर में डंडे मारे, जिससे उनकी मौत हो गई। हत्या का राज छुपाने के लिए उसने पिता के शव को कमरे में खड्डा खोदकर दबा दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पिता के हत्यारे जोगेंद्र को दबोच लिया।
विज्ञापन
यह है पूरा मामला
गांव मौजूखेड़ा निवासी कृष्ण कुमार वर्ष 2012 को अचानक लापता हो गया। उसके भाइयों से लेकर ऐलनाबाद पुलिस ने कृष्ण की काफी तलाश की लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। कृष्ण का पुत्र जोगिंद्र सिंह भी हरदम पिता की तलाश मेें इधर-उधर घूमता रहता लेकिन उसका कोेई पता नहीं चला। ढाई साल गुजर जाने के बाद 18 फरवरी 2015 को कृष्ण के घर में शौचालय तक पानी की पाइप डालने का कार्य चल रहा था। पाइप लाइन के लिए कमरे खुदाई की गई तो अचानक नीचे नर कंकाल दिखाई दिया। शोर मचने पर जोगेंद्र भागता हुआ वहां आया और सारी हड्डियों और खोपड़ी को बोरी में डालकर ले जाने लगा। इसी दौरान कृष्ण का भाई पप्पू राम वहां पहुंच गया। उसने जोगेंद्र सिंह कंकाल के बारे में पूछा तो उसने बताया कि ये कंकाल पिता कृष्ण कुमार का है। इस खुलासे से हर कोई सन्न रह गया। जोगेंद्र ने खुलासा किया कि ढाई साल पहले एक दिन उसका पिता कृष्ण से झगड़ा हो गया था। झगडे़ के दौरान उसने पिता के सिर में डंडे मारे, जिससे उनकी मौत हो गई। हत्या का राज छुपाने के लिए उसने पिता के शव को कमरे में खड्डा खोदकर दबा दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पिता के हत्यारे जोगेंद्र को दबोच लिया।
विज्ञापन