डबवाली। एनएच-54 के नेशनल हाईवे के निर्माण के लिए राज्य व केंद्र सरकार द्वारा डबवाली के नौ गांवों की भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है। जिसका उक्त 9 गांवों के किसान लगातार तीन सालों से विरोध करते हुए उचित मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं। शुक्रवार को नौ गांवों के किसान गांव अलीकां के पंचायत घर में एकत्रित हुए और वहां से भारत भूमि बचाओ के राष्ट्रीय प्रधान रमेश दलाल एडवोकेट, रैली के संयोजक दयाराम उलाणिया, कामरेड राकेश फगोड़िया, जसवीर सिंह अलीकां, गुरप्रेम सिंह देसूजोधा, मलकीत सिंह, कमेटी प्रधान कुलदीप भादू के नेतृत्व में ट्रैक्टर रोष रैली निकालते हुए गांव डबवाली एवं बठिंडा गोल चौक से होते हुए तहसील कॉम्पलेक्स में एसडीएम कार्यालय के समक्ष पहुंचे।
एसडीएम कार्यालय का घेराव करते हुए एसडीएम की अनुपस्थिति में तहसीलदार भुवनेश्वर कुमार के माध्यम से परिवहन मंत्री भारत सरकार के नाम अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन सौंपा। तदोपरांत किसान महापंचायत के लिए राजनीतिक गांव चौटाला के लिए कूच कर गए। महापंचायत को संबोधित करते हुए रमेश दलाल ने कहा कि जब तक उनकी उचित मांगे मानी नहीं जाती तब तक नेशनल हाईवे का निर्माण नहीं होने दिया जाएगा। रैली संयोजक दयाराम उलाणिया ने बताया कि चौटाला में महापंचायत के बाद उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला, सीएम मनोहर लाल, सिरसा सांसद सुनीता दुग्गल व परिवहन मंत्री नीतिन गड़करी के पुतले फूंके गए। बता दें कि भारतमाला एनएच-54 के नेशनल हाईवे जो अमृतसर पंजाब से वाया हरियाणा, राजस्थान होते हुए गुजरात जाएगा। इसमें डबवाली के नौ गांव चौटाला, आसाखेड़ा, अबूबशहर, सकताखेड़ा, सुखेराखेड़ा, शेरगढ़, जोगेवाला, अलीकां व डबवाली गांवों से करीब 200 ट्रैक्टरों से पहुंचे एक हजार किसान शामिल हुए।