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Sirsa News: डीएपी के लिए किसानों की लगी कतार, चार बैग देने के विरोध में लगाया जाम
Thu, 03 Sep 2026 01:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Thu, 03 Sep 2026 01:30 AM IST
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सिरसा। डबवाली रोड पर किसान जाम लगाते हुए। किसान
सिरसा। जिले में बुधवार को डीएपी लेने के लिए किसानों की लंबी कतार लग गई। एक आधार कार्ड पर पांच बैग डीएपी देने की व्यवस्था को घटाकर चार बैग किए जाने से नाराज किसानों ने डबवाली रोड पर करीब 30 मिनट तक जाम लगा दिया।
पुलिस प्रशासन के मौके पर पहुंचकर किसानों को समझाने के बाद जाम खोला गया। कृषि अधिकारियों के अनुसार, सभी किसानों को डीएपी उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से बुधवार को अधिक संख्या में किसानों के पहुंचने पर प्रति आधार कार्ड मात्रा पांच से घटाकर चार बैग की गई थी।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, गेहूं की बिजाई में अभी करीब दो माह का समय है। इसके बावजूद किसान समय पर खाद उपलब्ध कराने की चिंता में डीएपी का स्टॉक कर रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक गेहूं के आगामी सीजन के लिए डीएपी और यूरिया की मांग अभी मुख्यालय को नहीं भेजी गई है।
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फिलहाल मौजूदा सीजन की ही डीएपी और यूरिया सोसायटियों तक पहुंच रही है। बाजार में एनपीके का भी पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। धान की फसल के लिए डीएपी और यूरिया की मांग पूरी हो चुकी है।
चोपटा और ऐलनाबाद क्षेत्र में पानी की पर्याप्त उपलब्धता नहीं होने से बाजरा और ग्वार की फसल प्रभावित हो रही है। वहीं, सरसों की बिजाई 25 सितंबर के बाद ही शुरू होने की संभावना है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार मौजूदा समय में धान और कपास की फसल को डीएपी की आवश्यकता नहीं है। ग्वार और बाजरा भी अभी कटाई के चरण में नहीं पहुंचे हैं। आगामी 15 से 20 दिनों में किसी प्रमुख फसल की बिजाई प्रस्तावित नहीं है। गेहूं की बिजाई में लंबा समय है, जबकि सरसों की बिजाई अक्तूबर की शुरुआत से होगी।
नाथूसरी कलां निवासी राजेश कुमार ने बताया कि वह सुबह छह बजे पहुंच गए थे और दोपहर 12 बजे तक टोकन बांटे गए लेकिन दोपहर तीन बजे तक उन्हें डीएपी नहीं मिली। उन्होंने बताया कि पिछले दिन जारी टोकन वाले किसानों को पहले डीएपी दी जा रही थी। जोडकिया निवासी कृष्ण कुमार ने कहा कि पहले पांच बैग दिए जा रहे थे जबकि बाद में तीन से चार बैग देने की बात कही गई। किसानों ने सभी को समान मात्रा में डीएपी देने की मांग की।
1350 एमटी डीएपी का स्टॉक पहुंचा
कृषि अधिकारियों के अनुसार जिले में मौजूदा समय में 1350 एमटी डीएपी का स्टॉक पहुंचा है और इसका वितरण नियमानुसार किया जा रहा है। केंद्रों पर आने वाले किसानों को डीएपी उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
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1350 एमटी यूरिया का स्टॉक आया था। लोगों को आधार कार्ड के हिसाब से पांच बैग दिए जा रहे थे। कोई किसान बिना डीएपी न जाए इसके लेकर चार बैग वितरण का निर्णय लिया गया।
अमित कुमार, एसडीओ, कृषि विभाग
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पुलिस प्रशासन के मौके पर पहुंचकर किसानों को समझाने के बाद जाम खोला गया। कृषि अधिकारियों के अनुसार, सभी किसानों को डीएपी उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से बुधवार को अधिक संख्या में किसानों के पहुंचने पर प्रति आधार कार्ड मात्रा पांच से घटाकर चार बैग की गई थी।
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सरकारी आंकड़ों के अनुसार, गेहूं की बिजाई में अभी करीब दो माह का समय है। इसके बावजूद किसान समय पर खाद उपलब्ध कराने की चिंता में डीएपी का स्टॉक कर रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक गेहूं के आगामी सीजन के लिए डीएपी और यूरिया की मांग अभी मुख्यालय को नहीं भेजी गई है।
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फिलहाल मौजूदा सीजन की ही डीएपी और यूरिया सोसायटियों तक पहुंच रही है। बाजार में एनपीके का भी पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। धान की फसल के लिए डीएपी और यूरिया की मांग पूरी हो चुकी है।
चोपटा और ऐलनाबाद क्षेत्र में पानी की पर्याप्त उपलब्धता नहीं होने से बाजरा और ग्वार की फसल प्रभावित हो रही है। वहीं, सरसों की बिजाई 25 सितंबर के बाद ही शुरू होने की संभावना है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार मौजूदा समय में धान और कपास की फसल को डीएपी की आवश्यकता नहीं है। ग्वार और बाजरा भी अभी कटाई के चरण में नहीं पहुंचे हैं। आगामी 15 से 20 दिनों में किसी प्रमुख फसल की बिजाई प्रस्तावित नहीं है। गेहूं की बिजाई में लंबा समय है, जबकि सरसों की बिजाई अक्तूबर की शुरुआत से होगी।
नाथूसरी कलां निवासी राजेश कुमार ने बताया कि वह सुबह छह बजे पहुंच गए थे और दोपहर 12 बजे तक टोकन बांटे गए लेकिन दोपहर तीन बजे तक उन्हें डीएपी नहीं मिली। उन्होंने बताया कि पिछले दिन जारी टोकन वाले किसानों को पहले डीएपी दी जा रही थी। जोडकिया निवासी कृष्ण कुमार ने कहा कि पहले पांच बैग दिए जा रहे थे जबकि बाद में तीन से चार बैग देने की बात कही गई। किसानों ने सभी को समान मात्रा में डीएपी देने की मांग की।
1350 एमटी डीएपी का स्टॉक पहुंचा
कृषि अधिकारियों के अनुसार जिले में मौजूदा समय में 1350 एमटी डीएपी का स्टॉक पहुंचा है और इसका वितरण नियमानुसार किया जा रहा है। केंद्रों पर आने वाले किसानों को डीएपी उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
1350 एमटी यूरिया का स्टॉक आया था। लोगों को आधार कार्ड के हिसाब से पांच बैग दिए जा रहे थे। कोई किसान बिना डीएपी न जाए इसके लेकर चार बैग वितरण का निर्णय लिया गया।
अमित कुमार, एसडीओ, कृषि विभाग